Showing posts with label सूचकांक. Show all posts
Showing posts with label सूचकांक. Show all posts

Friday, 5 April 2019

फीफा रैंकिंग में भारत 101वें स्थान पर


फीफा द्वारा 04 अप्रैल 2019 को जारी विश्व रैंकिंग में भारत को 101वां स्थान प्राप्त हुआ है भारतीय टीम के कुल अंक 1219 हैं और वह एशियाई देशों में 18वें स्थान पर है

भारतीय टीम ने सात फरवरी को पिछली रैकिंग जारी होने के बाद कोई मैच नहीं खेला है ईरान (विश्व रैकिंग में 21वें स्थान) एशियाई रैंकिंग में शीर्ष पर है। उसके बाद जापान (26वें स्थान), दक्षिण कोरिया (37वें स्थान), आस्ट्रेलिया (41 वेंस्थान) और कतर (55वें स्थान) का नंबर आता है। फीफा रैंकिंग में टॉप-3 टीमों के स्थान में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। बेल्जियम 1737 अंको के साथ पहले स्थान पर, फ्रांस 1734 अंको के साथ दूसरे स्थान पर और ब्राजील 1676 अंको के साथ तीसरे नंबर पर है


फीफा द्वारा मार्च 2018 में जारी रैंकिंग में भारत

फीफा द्वारा मार्च 2018 में जारी रैंकिंग में भारत 100वें स्थान के भीतर 99 पर पहुँच गया था लेकिन भारत का यह स्थान ज्यादा समय तक बरकरार नहीं रह सका और अगली ही रैंकिंग में 103 पर पहुँच गया


भारत की सर्वश्रेष्ठ रैकिंग

भारत की सर्वश्रेष्ठ रैकिंग 94 है जो उसने 1996 में हासिल की थी स्टीफन कांस्टेनटाइन की कोचिंग वाली टीम वर्ष 2017 में 96वें स्थान पर पहुंची थी, लेकिन वह अपने इस स्थान को बरकरार रखने में नाकाम रही थी


फीफा रैंकिंग में टॉप 10 टीमें:

रैंक      टीम            कुल अंक

1        बेल्जियम      1737

2        फ्रांस           1734

3        ब्राज़ील         1676

4        इंग्लैंड          1647

5        क्रोएशिया     1621

6        उरुग्वे          1613

7        पुर्तगाल        1607

8        स्विट्जरलैंड 1604

9        स्पेन            1601

10     डेनमार्क        1586


फीफा विश्व रैंकिंग

•    यह पुरुषों की फुटबॉल स्पर्धा के लिए दिए जाने वाली रैंकिंग है

•    वर्तमान रैंकिंग प्रक्रिया में टीम द्वारा पिछले चार वर्षों में किये गये प्रदर्शन को आधार बनाकर किया जाता है

•    फीफा के प्रतिभागी देशों को उनके परिणाम के आधार पर चयनित किया जाता है

•    फीफा रैंकिंग की प्रक्रिया दिसंबर 1992 में आरंभ हुई थी

Monday, 1 April 2019

बाल विवाह मामलों में त्रिपुरा दूसरे स्थान पर


अध्ययन के अनुसार 15 से 19 आयु वर्ग की कन्याओं के बाल विवाह का राष्ट्रीय औसत 11.9 प्रतिशत है किंतु त्रिपुरा के लिए यही आंकड़ा 21.6 प्रतिशत का है

हाल ही में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा किये गये एक अध्ययन के अनुसार भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों में से एक त्रिपुरा बाल विवाह के मामलों में देश में दूसरे स्थान पर है अध्ययन के अनुसार त्रिपुरा में 15 से 19 वर्ष की कन्याओं की शादी के मामले देखे गये हैं

इस अध्ययन का शीर्षक ‘यंग लाइव्स-एन इंटरनेशनल स्टडी ऑन चाइल्डहुड पॉवर्टी’ है जिसमें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2015-16) का हवाला दिया गया है इसमें कहा गया है कि राज्य में होने वाले सभी बाल विवाह के मामलों में 80 प्रतिशत विवाह तीन जिलों के स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में होते हैं यह अध्ययन ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की एक टीम द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है


मुख्य बिंदु

👫 अध्ययन के अनुसार 15 से 19 आयु वर्ग की कन्याओं के बाल विवाह का राष्ट्रीय औसत 11.9 प्रतिशत है किंतु त्रिपुरा के लिए यही आंकड़ा 21.6 प्रतिशत का है

👫 इस अध्ययन से यह बात भी सामने आई है कि देश के 100 जिलों में से त्रिपुरा के चार ऐसे जिले शामिल हैं जहाँ बाल विवाह अत्यधिक प्रचलन में है

👫 रिपोर्ट में यह भी तथ्य सामने आया है कि त्रिपुरा के धलाई जिले में बाल विवाह की दर 24.7 प्रतिशत है, जो राज्य में सबसे अधिक है। बाल विवाह के उच्च प्रसार वाले अन्य जिलों में दक्षिण त्रिपुरा, उत्तरी त्रिपुरा और पश्चिम त्रिपुरा शामिल हैं

👫 किशोरावस्था में मां बनने वाली लड़कियों से पैदा होने वाले बच्चों की संख्या के विश्लेषण पर यह देखा गया है कि कि 52 प्रतिशत विवाहित किशोर लड़कियों ने कम से कम एक बच्चे को जन्म दिया है

👫 इनमें 5.5 प्रतिशत लड़कियों ने कम से कम 2 बच्चों को जन्म दिया था और एक प्रतिशत में 2 से अधिक बच्चे थे


भारत में बाल विवाह की स्थिति

नैशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 (2015-16) के अनुसार, देश में बाल विवाद की औसत दर 11.9% है। हिमाचल प्रदेश और मणिपुर में आंकड़ों में कुछ वृद्धि जरूर दर्ज की गई है। एनएफएचएस 3 (2005-06) के आंकड़ों से एनएफएचएस-4 (2015-16) के आंकड़ों में उत्तर प्रदेश के आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। उत्तर प्रदेश में 29 फीसदी से दर कम होकर सिर्फ 6.4 फीसदी ही रह गया है। पश्चिम बंगाल में भी सुधार हुआ है, लेकिन अपेक्षाकृत कम है। बंगाल में 34 फीसदी से यह दर कम होकर 25.6 फीसदी रह गई है


बाल विवाह कानूनी अपराध

बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह दंडनीय अपराध है इसमें 18 वर्ष से कम आयु की बच्चियों का विवाह करने पर दो साल की जेल और एक लाख रुपये का जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे विवाह में हिस्सा लेने वाले लोगों पर भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है

सिंगापुर का चांगी सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट, IGI एयरपोर्ट 59वें स्थान पर: स्काईट्रैक्स अवार्ड्स 2019


सिंगापुर के चांगी हवाई अड्डे को लगातार सातवीं बार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डे का खिताब मिला है। सिंगापुर चांगी हवाई अड्डा अपनी छत पर स्विमिंग पूल, दो 24-घंटे चलने वाले मूवी थिएटर और शॉपिंग मॉल के लिए जाना जाता है

स्काईट्रैक्स द्वारा हाल ही में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के लिए रैंकिंग एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विश्व के 100 सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डों को शामिल किया गया था. यह कार्यक्रम लंदन स्थित पैसेंजर टर्मिनल एक्सपो 2019 में आयोजित किया गया था। इंग्लैंड की कम्पनी स्काईट्रैक्स द्वारा जारी की गई इस सूची में सिंगापुर का चांगी एयरपोर्ट विश्व का सबसे बेहतर हवाई अड्डा है जबकि नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को 59वां स्थान मिला है।


स्काईट्रैक्स अवार्ड्स 2019

✈ सिंगापुर के चांगी हवाई अड्डे को लगातार सातवीं बार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डे का खिताब मिला है.सिंगापुर चांगी हवाई अड्डा अपनी छत पर स्विमिंग पूल, दो 24-घंटे चलने वाले मूवी थिएटर और शॉपिंग मॉल के लिए जाना जाता है

✈ टोक्यो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (हनेडा), 2018 के मुकाबले एक स्थान ऊपर आकर दूसरे स्थान पर रहा। इसे विश्व के सर्वश्रेष्ठ घरेलू हवाई अड्डे और विश्व के सबसे स्वच्छ हवाई अड्डे के रूप में प्रशंसा प्राप्त हुई

✈ दक्षिण कोरिया स्थित इंचियोन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, 2018 में अपने दूसरे स्थान से एक स्थान नीचे आकर तीसरे नंबर पर जगह बनाने में कामयाब रहा इंचियोन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को विश्व के सर्वश्रेष्ठ पारगमन हवाई अड्डे के तौर पर सराहा गया।  


भारत के संदर्भ में विवरण

✈ इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पिछले साल के 66वें स्थान की तुलना में इस बार सुधार करते हुए 59वें स्थान पर रहा

✈ मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 64वें स्थान पर रहा जो कि पिछले वर्ष की तुलना में एक अंक नीचे है

✈ राजीव गांधी हैदराबाद हवाई अड्डा 10 अंक नीचे आकार 66वें स्थान पर रहा

✈ इसके अतिरिक्त बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 69वें स्थान पर रहा

Tuesday, 26 March 2019

WEF के वैश्विक ऊर्जा संक्रमण सूचकांक में भारत 76 वें स्थान पर


विश्व आर्थिक मंच (WEF) के वैश्विक ऊर्जा संक्रमण सूचकांक में भारत 76वें स्थान पर है भारत ने पिछले सूचकांक की तुलना में दो स्थान की छलांग लगायी है विश्व आर्थिक मंच द्वारा जारी सालाना सूचकांक के नये संस्करण में स्वीडन इस साल भी शीर्ष पर बना हुआ है

जिनेवा स्थित विश्व आर्थिक मंच द्वारा संकलित वार्षिक सूची में 115 अर्थव्यवस्थाओं को स्थान दिया गया है कि वे ऊर्जा सुरक्षा तथा पर्यावरणीय स्थिरता और सामर्थ्य के मार्ग को संतुलित करने में कितने सक्षम हैं


मुख्य बिंदु

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत उच्च प्रदूषण स्तर वाले देशों में शामिल है और इसकी ऊर्जा प्रणाली में अपेक्षाकृत उच्च कार्बन डाईऑक्साइड (CO2) तीव्रता है

 स्वीडन के बाद सूचकांक में दूसरे स्थान पर स्विट्जरलैंड और तीसरे स्थान पर नार्वे है

 नये सूचकांक में चीन का स्थान 82वां है

 ब्रिक्स देशों में सूचकांक में भारत से बेहतर सिर्फ ब्राजील की स्थिति है जिसे 46वां स्थान मिला है

 हालांकि भारत उन चुनिंदा पांच देशों में से एक है जिसका स्थान पिछले सूचकांक की तुलना में बेहतर हुआ है

 इस सूचकांक में ब्रिटेन सातवें स्थान पर, सिंगापुर 13वें स्थान पर, जर्मनी 17वें स्थान पर, जापान 18वें स्थान पर और अमेरिका 27वें स्थान पर है

 एशियाई देशों में मलेशिया 31वें स्थान पर, श्रीलंका 60वें स्थान पर, बांग्लादेश 90वें स्थान पर और नेपाल 93वें स्थान पर है

 सूचकांक में कहा गया कि पांच साल पहले की तुलना में दुनिया भर में ऊर्जा माध्यम महंगे हुए हैं और पर्यावरण हेतु अधिक नुकसानदेह हो गये हैं। हालांकि ऊर्जा की उपलब्धता पहले से बेहतर हुई है और अब एक अरब से कम लोग ही ऐसे हैं जिनके पास बिजली की उपलब्धता नहीं है


विश्व आर्थिक मंच के बारे में

 विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) स्विट्ज़रलैंड में स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था है। इसका मुख्यालय जिनेवा में है। स्विस अधिकारीयों द्वारा इसे एक निजी-सार्वजनिक सहयोग के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है

 इसका मिशन विश्व के व्यवसाय, राजनीति, शैक्षिक और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी लोगों को एक साथ ला कर वैशविक, क्षेत्रीय और औद्योगिक दिशा तय करना है

 विश्व आर्थिक मंच की स्थापना साल 1971 में यूरोपियन प्रबंधन के नाम से जिनेवा विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रोफेसर क्लॉस एम श्वाब द्वारा की गई थी। उस वर्ष यूरोपियन कमीशन और यूरोपियन प्रोद्योगिकी संगठन के सौजन्य से इस संगठन की पहली बैठक हुई थी

 इस फोरम की सर्वाधिक चर्चित घटना वार्षिक शीतकालीन बैठक में होती है जिसका आयोजन दावोस नामक स्थान पर किया जाता है


Sunday, 24 March 2019

प्रसन्नता रिपोर्ट में 7 स्थान नीचे फिसला भारत, फिनलैंड सबसे खुशहाल देश


संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की 'विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट 2019' के मुताबिक, भारत खुशहाल देशों की सूची में पिछले साल के मुकाबले 7 स्थान नीचे गिरकर 140वें पायदान पर पहुंच गया है

इस सूची में 156 देशों को शामिल किया गया है जिसमें फिनलैंड लगातार दूसरी बार शीर्ष पर है। प्रसन्नता रिपोर्ट सामान्यतः प्रति व्यक्ति आय, जीडीपी, स्वास्थ्य, सामाजिक सहयोग, आपसी विश्वास,  जीवन संबंधी निर्णय लेने की स्वतंत्रता और उदारता जैसे संकेतकों पर तैयार की जाती है हर साल स्थितियां विश्व स्तर पर बदल जाती हैं


मुख्य तथ्य

 इस रिपोर्ट में लगातार दूसरी बार फ़िनलैंड को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है

 फिनलैंड के बाद डेनमार्क, नॉर्वे, आइसलैंड तथा नीदरलैंड को स्थान प्राप्त हुआ है

 इस रिपोर्ट में यूनाइटेड किंगडम को 15वां स्थान (पिछली बार 18 वां स्थान), जर्मनी को 17वां (पिछली बार 17वां स्थान) और अमेरिका को 19वां स्थान (पिछली बार 18वां स्थान) प्राप्त हुआ है

 इस रिपोर्ट में जापान 58वें स्थान (पिछले वर्ष 54वां स्थान), रूस 68वें स्थान (पिछले वर्ष 59वां स्थान) और चीन को 93वां स्थान (पिछले वर्ष 86वां स्थान) प्राप्त हुआ है


भारत की रैंकिंग

➦ भारत की रैंकिंग में भी इस बार गिरावट हुई है, पिछले वर्ष भारत को 133वां स्थान प्राप्त हुआ था, इस वर्ष भारत को 140वां स्थान प्राप्त हुआ है

 इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व भर में उदासी, चिंता तथा गुस्से जैसी नकारात्मक भावनाओं में वृद्धि हुई है पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले विश्व की औसत प्रसन्नता दर में भारी कमी आई है


पृष्ठभूमि

भूटान से ही प्रसन्नता को मापने की अवधारणा शुरू हुई थी। भूटान के प्रस्ताव पर सतत विकास समाधान नेटवर्क ने संयुक्त राष्ट्र संघ हेतु साल 2012 में पहली विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट जारी की थी और 20 मार्च को विश्व प्रसन्नता दिवस घोषित किया था। पहली रिपोर्ट में भारत का स्थान 111वां था और डेनमार्क पहले स्थान पर था

Tuesday, 12 March 2019

भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक देश


स्वीडन के थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट (SIPRI) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि भारत हथियार आयात करने वाले देशों में दूसरे स्थान पर आता है।  SIPRI द्वारा प्रकाशित इस रिपोर्ट को Trends in International Arms Transfers-2018 शीर्षक के तहत प्रकाशित किया गया। 

रिपोर्ट में वर्ष 2014 से 2018 का अध्ययन किया गया है तथा इसी आधार पर रिपोर्ट जारी की गई है।  रिपोर्ट में कहा गया है कि इन वर्षों के दौरान सऊदी अरब विश्व का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश बन कर उभरा है जबकि भारत दूसरे स्थान पर रहा. लगभग 10 वर्षों तक भारत इस सूची में प्रथम स्थान पर रहा था। 


रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

➽ रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अवधि में सऊदी अरब ने वैश्विक स्तर पर खरीदे गए हथियारों का 12 फीसदी हिस्सा अपने नाम किया। 

 भारत 9.5 फीसदी के साथ इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर काबिज रहा। 

 हथियारों पर देश की निर्भरता को कम करने की कोशिशों के कारण 2009-2013 और 2014-2018 के बीच भारत के हथियारों के आयात में भारी कमी आई है। 

 भारत के आयात में इस गिरावट का एक कारण आंशिक रूप से विदेशी निर्यातकों से लाइसेंस प्राप्त हथियारों की डिलीवरी में देरी भी रही। 

 इस सूची में 4.2% हथियारों के आयात के साथ चीन विश्व का छठा सबसे बड़ा हथियार आयातक है। 


रूस से घटा आयात

 सीपरी की रिपोर्ट के अनुसार 2009-13 के बीच भारत के कुल हथियार आयात में रूस से आयातित हथियारों का हिस्सा 76 फीसदी था जो 2014-18 में घटकर 58 फीसदी रह गया। 

 रिपोर्ट के अनुसार 2009-13 के मुकाबले 2014-18 में देश में हथियारों का कुल आयात 24 प्रतिशत घटा है। 

 हथियारों की देर से होने वाली डिलीवरी इसका सबसे बड़ा कारण है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2001 में रूस से लड़ाकू विमान और 2008 में फ्रांस से पनडुब्बी खरीदने का समझौता हुआ था, लेकिन अभी तक इनकी डिलीवरी नहीं हुई है। 


अन्य तथ्य

 वर्ष 2014-18 में दुनिया के सबसे बड़े हथियार निर्यातकों में अमेरिका, रूस, फ्रांस, जर्मनी और चीन रहे जबकि सऊदी अरब, भारत, मिस्र, ऑस्ट्रेलिया और अलजीरिया सबसे बड़े आयातकों में शामिल रहे। 

 वर्ष 2009 से 2018 के बीच हथियारों के वैश्विक निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 30% से बढ़कर 36% हो गई।  

 इस मामले में रूस से तुलना की जाए तो 2009-13 के दौरान हथियार बेचने में अमेरिका उससे 12% आगे रहा। जबकि, 2014-18 में यह अंतर 75% रहा। 

 वर्ष 2009-13 और वर्ष 2014-18 की अवधि के दौरान पाकिस्तान में हथियारों का आयात 39% तक घटा है। 

 इसका कारण अमेरिका द्वारा पाक को हथियार बेचने में आनाकानी करना है. रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी हथियारों का पाक में निर्यात 81% तक कम हुआ है। 


Wednesday, 26 December 2018

राज्यों की स्टार्ट-अप रैंकिंग 2018 घोषित: गुजरात सर्वश्रेष्ठ राज्य


औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने 20 दिसंबर 2018 को नई दिल्ली में राज्यों की स्टार्ट-अप रैंकिंग 2018 के परिणाम घोषित कर दिए यह अपने तरह की पहली रैंकिंग है

डीआईपीपी ने इसकी कवायद जनवरी 2016 से शुरू कर दी थी। औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (डीआईपीपी) द्वारा उभरते उद्यमियों के लिए राज्यों द्वारा अधिक अनुकूल तंत्र विकसित कराने के प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग जारी की गई है। इस रैंकिंग में गुजरात शीर्ष पर रहा है

उद्देश्य

इसका मकसद देश में उभरते उद्यमियों को प्रोत्साहन देना है योजना के तहत कर अवकाश और पूंजीगत लाभ कर की छूट दी जा रही है

विभिन्न श्रेणियों में राज्यों का आकलन

स्टार्ट-अप नीति नेतृत्व, नवाचार, नवाचार प्रगति, संचार, पूर्वोत्तर नेतृत्व, पर्वतीय राज्य नेतृत्व इत्यादि विभिन्न श्रेणियों में राज्यों का आकलन किया गया इन श्रेणियों में किए जाने वाले प्रदर्शन के आधार पर राज्यों को शानदार प्रदर्शन, बेहतरीन प्रदर्शन, मार्गदर्शक, आकांक्षी मार्गदर्शक, उभरते हुए राज्य और आरंभकर्ता के रूप में पहचान की गई है

स्टार्ट-अप रैंकिंग

शानदार प्रदर्शनगुजरात

बेहतरीन प्रदर्शनकर्नाटक, केरल, ओडिशा और राजस्थान

मार्गदर्शक : आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना

आकांक्षी मार्गदर्शक : हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश, और पश्चिम बंगाल

पर्वतीय राज्य : असम, दिल्ली, गोवा, जम्मू और कश्मीर, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तराखंड

आरंभकर्ता : चंडीगढ़, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, पुदुच्चेरी, सिक्किम और त्रिपुरा


स्टार्ट-अप इको प्रणाली के विकास में महत्वपूर्ण योगदान

राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के 51 अधिकारियों को ‘चैंपियन’ के रूप में चुना गया, जिन्होंने अपने राज्यों की स्टार्ट-अप इको प्रणाली के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है

इस पूरी प्रक्रिया में 27 राज्यों और तीन केन्द्रशासित प्रदेशों ने हिस्सा लिया। मूल्यांकन समिति में स्टार्ट-अप इको प्रणाली से संबंधित स्वतंत्र विशेषज्ञों को रखा गया था, जिन्होंने विभिन्न मानकों के ऊपर सभी राज्यों का मूल्यांकन किया। कई मानक लाभार्थियों के फीडबैक से संबंधित भी थे


नए विचारों से लैस

स्टार्ट-अप नए विचारों से लैस होते हैं और ये देश की सामाजिक, कृषि और सेवा क्षेत्र की समस्याएं हल करने में सक्षम होते हैं


स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन

इस रैंकिंग से राज्यों को स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को सुधारने में मदद मिलेगी इस रैंकिंग का आधार राज्यों द्वारा स्टार्ट-अप के लिए अनुकूल तंत्र विकसित करने के लिए किए गए प्रयास है

Friday, 12 October 2018

मानव पूंजी सूचकांकः भारत की 115वीं रैंकिंग

India ranks 115 in world bank human capital index 2018 (Author: Rajeev Ranjan)


विश्व बैंक द्वारा 11 अक्टूबर, 2018 को जारी ‘मानव विकास सूचकांक’ 2018 (Human capital Index ) में विश्व के 157 देशों में भारत की 115वीं रैंकिंग है।

➤ भारत अपने एशियाई देशों चीन (46वीं), मलेशिया (55), इंडोनेशिया (87) से काफी पीछे है।

 इस सूचकांक में सिंगापुर को सर्वोच्च रैंकिंग प्राप्त हुई है जबकि जापान, हांगकांग व फिनलैंड क्रमशः दूसरे, तीसरे व चौथे स्थान पर है।

 विश्व बैंक के अनुसार मानव पूंजी में खराब निवेश भारत के भावी श्रमबल के लिए खतरा है। बैंक का यह भी कहना है कि सिंगापुर की तुलना में भारत की मानव पूंजी आधी होगी।

 यह सूचकांक इस बात की जांच करता है कि यदि कोई बच्चा आज जन्म लेता है तो 18 वर्ष की उम्र होने पर कितनी मानव पूंजी की आशा कर सकता है।

 इस सूचकांक के मुताबिक यदि कोई बच्ची आज जन्म लेती है और यदि पूरी शिक्षा व पूर्ण स्वास्थ्य हासिल करती है तो वह केवल 44 प्रतिशत उत्पादक हो सकती है।

 यह भी कि कोई बच्चा जन्म लेता है तो उनमें से 96 प्रतिशत के 5 वर्ष की उम्र तक बचने की संभावना रहती है जो भारत में शिशु मृत्यु दर के अधिक होने का संकेतक है।

 पूरे भारत में 15 वर्ष से अधिक उम्र के केवल 83 प्रतिशत लोग ही 60 वर्ष से अधिक जीवित रहने के बारे मेें सोच सकते हैं।

 सूचकांक यह भी कहता है कि भारतीय बच्चे स्कूलों में अधिक नहीं सीख रहे हैं। आज 4 वर्ष की उम्र में जो बच्चा स्कूल में नामांकन लेता है उसे 18 वर्ष की उम्र होने तक स्कूल में 10.2 वर्ष व्यतीत कर पाएगा। भारत में स्कूल जाने की औसत उम्र 5.8 वर्ष है जो शिक्षा के अधिकार कानून पर सवाल पैदा करता है।

 भारत सरकार ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। सरकार के मुताबिक इस सूचकांक की गणना पद्धति में खामियां हैं और आंकड़ों में भी काफी अंतराल है।

Sunday, 16 September 2018

मानव विकास सूचकांक 2018 - भारत की 130वीं रैंकिंग


संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा 14 सितंबर, 2018 को जारी मानव विकास सूचकांक 2018 में विश्व के 189 देशों में भारत की रैंकिंग 130वीं है। भारत का मानव विकास सूचकांक 0.640 है। वर्ष 2016 में यह स्कोर 0.636 था।

➤ विगत सूचकांक के मुकाबले इस वर्ष भारत की रैंकिंग में एक अंक का सुधार हुआ है।

 सूचकांक के अनुसार भारत की जीवन प्रत्याशा 68.8 वर्ष (1990 में 57.9 वर्ष) तथा स्कूल में बच्चों द्वारा व्यतीत किया गया माध्य समय 6.4 वर्ष (वर्ष 1990 में 3 वर्ष) है। भारत की जीएनआई प्रतिव्यक्ति 6353 डॉलर (2011 पीपीपी) है।

 सूचकांक में नॉर्वे को सर्वोच्च रैंकिंग प्राप्त हुयी है जबकि स्विटजरलैंड, आस्ट्रेलिया व आयरलैंड क्रमशः दूसरे, तीसरे, चौथे व पांचवें स्थान पर है।

 सूचकांक में 189वें यानी सबसे नीचली रैंकिंग नाइजर की है।

 यूएनडीपी के अनुसार मानव विकास सूचकांक के सर्वोच्च देश एवं 189वें स्थान वाले देशों में व्यापक अंतर है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई बच्चा नॉर्वे में जन्म लेता है तो उसके 82 वर्ष तक जीने की संभावना है और 18 वर्ष वह स्कूल में व्यतीत कर सकता है। वहीं नाइजर में जन्मा बच्चा 60 वर्ष तक जीवित रह सकता है और स्कूल में महज पांच वर्ष ही व्यतीत कर पाएगा।

 वर्ष 2018 की मानव विकास रिपोर्ट में मानव विकास सूचकांक के अलावा लैंगिक विकास सूचकांक, मल्टीडायमेंसनल पॉवर्टी इंडेक्स, असमानता समायोजित मानव विकास सूचकांक शामिल है।

 एशियाई देशों में सर्वोच्च रैंकिंग हांगकांग (चीन) को प्राप्त हुआ है। वह 7वें स्थान पर है जबकि सिंगापुर 9वें स्थान पर है।

विभिन्न देशों की रैंकिंग इस प्रकार है

 रैंक         देश                एचडीआर
1             नॉर्वे                0.953
2             स्विटजरलैंड     0.944
3             आस्ट्रेलिया       0.939
4             आयरलैंड        0.938
5             जर्मनी             0.936
76           श्रीलंका           0.770
86           चीन               0.752
130         भारत             0.640
136         बांग्लादेश        0.608
150.        पाकिस्तान       0.562
189.        नाइजर           0.354

विभिन्न सूचकांक में भारत का प्रदर्शन इस प्रकार है

एचडीआर रैंकिंगः 130 
जीवन प्रत्याशाः 68.8 वर्ष 
विद्यालय जाने का अनुमानित वर्षः 12.3 वर्ष 
प्रतिव्यक्ति आयः 6353 डॉलर (2011 पीपीपी) 
असमानता समायोजित एचडीआईः 0.468 
लैंगिक विकास सूचकांकः 0.841 
गरीबी (3-10 डॉलर दैनिक से कम पर काम करने वाले लोगों का प्रतिशत): 42.9 प्रतिशत 
इंटरनेट प्रयोगकर्त्ताः जनसंख्या का 29.5 प्रतिशत 
प्रति व्यक्ति कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जनः 1.7 टन

Monday, 20 August 2018

जीवन क्षमता सूचकांक – 2018



हाल ही में इकोनॉमिक इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा वैश्विक जीवन क्षमता सूचकांक – 2018 जारी किया गया है।

➤ इकोनॉमिक इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा जारी इस रिपोर्ट में विश्व के 140 शहरों को उनकी रहने की स्थिति के आधार पर रैंक प्रदान किया गया है।

➤ वर्ष 2018 के सूचकांक में ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना को प्रथम स्थान हासिल हुआ है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष इस सूचकांक में मेलबर्न शीर्ष पर था।

➤ सूचकांक के दस शीर्ष शहर - वियना, मेलबर्न, ओसाका, कैलगरी, सिडनी, वैंकूवर, टोक्यो, टोरंटो, कोपेनहेगन और एडीलेड।

➤ सीरिया की राजधानी दमिश्क इस वर्ष भी इस सूचकांक में सबसे नीचे है जबकि बांग्लादेश की राजधानी ढाका को नीचे से दूसरा स्थान और कराची (पाकिस्तान) चौथा सबसे खराब शहर माना गया है।

➤ इस सूचकांक में भारत की राजधानी दिल्ली को 112वाँ और मुम्बई को 117वाँ स्थान प्राप्त हुआ है।

➤ विदित हो कि यह पहली बार हुआ है जब किसी यूरोपीय शहर को इस सूचकांक में शीर्ष स्थान हासिल हुआ है। 

Tuesday, 14 August 2018

गोदरेज ग्रुप की स्मिता कृष्णा गोदरेज भारत की सबसे अमीर महिला


कोटक वेल्थ मैनेजमेंट और हुरून द्वारा संयुक्त रूप से जारी रिपोर्ट में गोदरेज की स्मिता कृष्णा गोदरेज को देश की सबसे अमीर महिला घोषित किया गया है रिपोर्ट के अनुसार उनके पास 37,570 करोड़ रुपए की संपत्ति आंकी गई है

कोटक वेल्थ की सूची में शामिल महिलाओं की औसत संपत्ति 4,000 करोड़ रुपये है सूची में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति वाली महिलाओं को स्थान दिया गया है गोदरेज ग्रुप में अपने भाइयों के साथ कृष्णा की पांचवीं हिस्सेदारी है स्मिता ने ही देश के परमाणु वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा का बंगला 371 करोड़ रुपये में खरीदा था

भारत की सबसे अमीर महिलाओं संबंधी रिपोर्ट
  • कोटक वेल्थ और हुरुन द्वारा देश की 100 सबसे अमीर महिलाओं की इस सूची में 30,200 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ एचसीएल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और कार्यकारी निदेशक (ईडी) रोशनी नादर दूसरे स्थान पर रही हैं
  • टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन इंदु जैन 26,240 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं
  • बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी बायोकॉन की संस्थापक और प्रबंध निदेशक (एमडी) किरण मजुमदार-शॉ को सूची में चौथा स्थान मिला है आइटी कंपनी इन्फोसिस के निदेशक बोर्ड में शामिल मजुमदार की संपत्ति 24,790 करोड़ रुपये बताई गई है
  • एचसीएल के संस्थापक शिव नादर की पत्नी और शिव नादर फाउंडेशन की ट्रस्टी किरण नादर 20,120 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ पांचवें, जबकि फार्मा कंपनी यूएसवी इंडिया की लीना गांधी तिवारी 10,730 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ छठे स्थान पर इस सूची में शामिल की गई हैं
  • इस सूची में जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन की चेयरपर्सन संगीता जिंदल (10,450 करोड़ रुपये) सातवें, एरिस्ता नेटव‌र्क्स की प्रेसिडेंट और सीईओ जयश्री उल्लाल (9,490 करोड़ रुपये) आठवें, अनु आगा (8,550 करोड़ रुपये) नौवें और श्रद्धा अग्रवाल (8,200 करोड़ रुपये) 10वें स्थान पर हैं