Friday, 15 December 2017

UP Lekhpal Solved Paper (GS) in Hindi


The UP Lekhpal Exam was conducted on 13 September 2015. 

1. भारत की लगभग आधी जनसंख्या मात्र पांच राज्यों में रहती है। निम्नलिखित में से कौन–सा एक इन पांच धनी जनसंख्या वाले राज्यों में से नहीं है?
(a) पश्चिम बंगाल (b) केरल (c) महाराष्ट्र (d) बिहार (Ans : b)

2. निम्नलिखित में से कौन अवध के कृषक आन्दोलन का नेता था?
(a) महात्मा गांधी (b) बी.आर. अंबेडकर (c) अल्लूरी सीताराम राजू (d) बाबा राम चन्द्र (Ans : d)

3. 'वर्ष 2015 के सर्वोत्तम कल्याण संगठन' पुरस्कार से ........... को सम्मानित किया गया।
(a) इंडियन रेलवे वेलफैयर ऑर्गेनाइजेशन (b) स्माइल फाउण्डेशन
(c) नेशनल यूनियन ऑफ सीफेयरर्स ऑफ इंडिया (d) इंडियन कम्युनिटी वेलफैयर ऑर्गेनाइजेशन (Ans : c)

4. निम्नलिखित में से किसको 'लोकनायक' के रूप में जाना जाता था?
(a) जयप्रकाश नारायण (b) चित्तरंजन दास
(c) आशुतोष मुखर्जी (d) सी.एफ. एन्ड्रयूज (Ans : a)

5. निम्नलिखित में से कौन वर्तमान में विश्व बैंक का अध्यक्ष है?
(a) लेविस प्रेस्टन (b) बार्बर कोनेबल
(c) पॉल वॉल्फोविट्ज (d) जिम योंग किम (Ans : d)

6. अशोक के आक्रमण के दौरान कलिंग (पूर्वी प्रांत) की राजधानी कौन–सी थी?
(a) पाटलीपुत्र (b) उज्जैन (c) तोशाली (d) तक्षशिला (Ans : c)

7. यांत्रिक ऊर्जा को वैद्युत ऊर्जा में रूपांतरित करने के लिए ........... का प्रयोग किया जाता है।
(a) माइक्रोफोन (b) विद्युत मोटर (c) बैटरी (d) डायनेमो (Ans : d)

8. मशरूम किसके उदाहरण हैं?
(a) लाइकेन (शैक) के (b) फंजाई (कवक) के
(c) बैक्टीरिया (जीवाणु) के (d) वायरस (विषाणु) के (Ans : b)

9. निम्नलिखित में से कौन–से देश का संसार में धान उत्पादन में दूसरा स्थान है?
(a) यू.एस.ए. (b) रूस (c) भारत (d) चीन (Ans : c)

10. भारत में पंचायती राज स्थापित करने वाले प्रथम दो राज्य कौन–से ​थे?
(a) राजस्थान और पश्चिम बंगाल (b) राजस्थान और आंध्र प्रदेश
(c) राजस्थान और पंजाब (d) राजस्थान और महाराष्ट्र (Ans : b)

11. हाल ही में किस देश ने नए Wu-14 अतिध्वनिक स्ट्राइक यान का चौािा सफल परीक्षण किया जो परमाणु अस्त्र प्रदान करने में सक्षम है?
(a) चीन (b) रूस (c) यू.एस.ए. (d) भारत (Ans : a)

12. भारत ने पृथ्वी के धरातल की कितना प्रतिशत घेरा हुआ है?
(a) 4.4 (b) 5.4 (c) 2.4 (d) 3.4 (Ans : c)

13. दिल्ली मेट्रो को अपनी प्रथम ड्राइवर–रहित रेलगाड़ी किस देश से प्राप्त हुई थी?
(a) दक्षिण कोरिया (b) फ्रांस (c) यू.एस.ए. (d) रूस (Ans : a)

14. 15 मार्च, 2015 को बैडमिंटन चैम्पियनशिप–स्विस ग्रांड प्रिक्स गोल्ड का विजेता कौन था?
(a) अभिमन्यु सिंह (b) समीर वर्मा (c) साइना नेहवाल (d) के. श्रीकांत (Ans : d)

15. काबिनी, हेमवती और अमरावती कौन–सी नदी की सहायक नदियां हैं?
(a) कृष्णा (b) कावेरी (c) गोदावरी (d) महानदी (Ans : b)

16. समान प्रावस्था में कम्पायमान, माध्यम के किन्हीं दो सबसे निकटतम कणों के बीच की दूरी ........... होती है। 
(a) आवृत्ति (b) वेग (c) आयाम (d) तरंगदैर्ध्य (Ans : d)

17. शहरों के बाहर आर्थिक सुअवसर बनाने के लिए ........... मॉडल शहरी आधारभूत संरचना और सेवाएं ग्रामीण केंद्रों में स्थापित करने का प्रस्ताव रखता है।
(a) पुरा (b) गांधीवादी (c) एल.पी.जी.  (d) महालनोबिस (Ans : a)

18. 1857 के प्रथम स्वतंत्रता विद्रोह में भाग लेने वाली प्रसिद्ध महिला स्वतंत्रता सेनानी कौन थी?
(a) भीकाजी कामा (b) सरोजिनी नायडू (c) बेगम हजरत महल (d) कस्तूरबा गांधी (Ans : c)

19. गांधीजी ने भारत छोड़ो आन्दोलन कब शुरू किया था?
(a) 1942 (b) 1945 (c) 1946 (d) 1940 (Ans : a)

20. राष्ट्रीय आय को प्राय: कहा जाता है :
(a) NDPFC (b) NNPMP (c) NNPFC (d) NDPMP (Ans : c)

21. गदर क्रान्ति आरंभ होने का सबसे प्रमुख कारण क्या था?
(a) करतार सिंह सराभा को फांसी देना (b) कोमागात मारू घटना
(c) लाला हरदयाल की गिरफ्तारी (d) प्रथम विश्व युद्ध आरंभ होना (Ans : d)

22. मोहिनीअट्टम नृत्य रूप निम्नलिखित में से किस राज्य से संबद्ध है?
(a) केरल (b) कर्नाटक (c) तमिलनाडु (d) ओडिशा (Ans : a)

23. निम्नलिखित में से कौन–सा मेरु–रज्जु का एक महत्वपूर्ण कार्य है?
(a) श्वसन नियंत्रण (b) प्रतिवर्ती क्रियाओं का नियंत्रण
(c) रक्त का पम्पन (d) द्रव्य स्थानांतरण (Ans : b)

24. उप–राष्ट्रपति को अपना कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व अपने पद से हटाने का अधिकार निम्नलिखित में से किसके पा है?
(a) उच्चतम न्यायालय (b) राष्ट्रपति (c) लोकसभा (d) राज्यसभा (Ans : d)

25. निम्नलिखित में से किसका प्रशांतक औवध के रूप में प्रयोग किया जाता है?
(a) ऐम्पिसिलिन (b) ऐस्पिरिन (c) वैलियम (d) ग्लूकोस (Ans : c)

जनमत-संग्रह (referendum) लोकप्रिय शासन का सबसे शुद्ध रूप है और इसका चलन भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बना देगा।” क्या आप सहमत हैं?


जनमत-संग्रह प्रत्यक्ष लोकतंत्र का महत्त्वपूर्ण उपकरण है। जनमत संग्रह एक प्रत्यक्ष मतदान है, जिसके जरिये एक क्षेत्र के सभी लोगों से एक प्रस्ताव को स्वीकार या अस्वीकार करने के लिये पूछा जाता है। इसमें नागरिकों को राजनीतिक प्रतिनिधियों की बजाय विशिष्ट और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सीधे वोट देने पड़ते हैं।
इसे विशेष रूप से आधुनिक राष्ट्रों में एक बेहतर लोकतांत्रिक साधन माना जाता है, क्योंकि यहाँ निर्णय प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी का विशेष महत्त्व है। ब्रेक्सिट पर जनमत, स्कॉटलैंड के यूनाइटेड किंगडम में बने रहने के लिये हुए जनमत तथा विश्व में कई अन्य जगहों पर इस उपकरण की स्वीकार्यता ने भारत में भी अपनी उपयुक्तता पर बहस को जन्म दे दिया है।

लाभ
⇰ यह वास्तविक लोकतंत्र का एक रूप है, क्योंकि इससे शक्ति का हस्तांतरण सीधे आम लोगों की तरफ होता है।
⇰ वे कठिन विधायी विकल्पों को वैधता प्रदान करते हैं, क्योंकि निर्णयकर्त्ताओं के लिये अलोकप्रिय विकल्प का चयन करना जोखिम भरा होता है।
⇰ विभिन्न मुद्दों को लेकर आम लोगों के बीच बढ़ती हताशा कभी-कभी विरोध-प्रदर्शनों, हड़तालों और कई बार हिंसा के रूप में अभिव्यक्त होती है। जनमत की प्रक्रिया ऐसे मुद्दों के शांतिपूर्ण हल को सुनिश्चित करती है।

हानि
⇰ बहुमत की निरंकुशता- स्विटज़रलैंड में 2009 में एक मस्जिद के निर्माण को इस्लामी आक्रमण समझकर वहाँ की जनता ने जनमत संग्रह द्वारा नकार दिया था।
⇰ यह जटिल मुद्दों को केवल ‘हाँ’ या ‘न’ तक सीमित कर देता है। यह लोकप्रिय भावनाओं द्वारा संचारित होने वाली प्रक्रिया है।
⇰ कई बार लोकप्रिय भावनाएँ महत्त्वपूर्ण कानूनों के खिलाफ हो सकती हैं, जैसे- नस्लीय भेदभाव के खिलाफ कानून बनाने और मृत्यदंड को समाप्त करने।
भारतीय संविधान में जनमत-संग्रह का कोई प्रावधान नहीं, लेकिन इसका यह आशय नहीं कि सरकार किसी संवेदनशील मुद्दे पर जनता की राय न ले सके। ब्रिटेन इसका ज्वलंत उदाहरण है। ब्रिटिश संविधान में भी जनमत-संग्रह का कोई प्रावधान नहीं, लेकिन हेराल्ड विल्सन सरकार ने 1975 में ब्रिटेन में पहला जनमत-संग्रह इस बात पर करवाया कि ब्रिटेन को यूरोपियन इकॉनमिक कम्युनिटी में रहना है या नहीं।
इसकी स्वीकार्यता भारत में भी नागरिकों को सशक्त बनाएगी, क्योंकि यह उनकी पसंद के विकल्प अपनाने के लिये एक मंच प्रदान करता है। यह देश तथा नागरिकों को प्रभावित करने वाले महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों के बारे में आम जनता को अधिक जागरूक बनाता है।
इसे और प्रभावी बनाने के लिये एक प्रक्रिया विकसित की जा सकती है, जिसमें जनमत के इस उपकरण को केवल चयनित बिलों और अधिनियमों पर ही मत देने के लिये सीमित किये जाने का प्रावधान किया जा सकता है।

उदाहरण- सार्वजनिक सेवाओं का लाभ उठाने के लिये आधार संख्या को अनिवार्य बनाने के मुद्दे पर।
भारतीय परिप्रेक्ष्य में संघ, राज्य या स्थानीय सरकारों को किसी विषय पर जनमत-संग्रह कराने की बाध्यता तो नहीं, लेकिन यदि कोई सरकार किसी विषय पर दलगत दृष्टिकोण से अलग हटकर जनता की राय जानना चाहे तो उसकी कोई मनाही भी नहीं है।

Sunday, 10 December 2017

बनें विजेता: जानिए वो खास बातें जो बनाती हैं एक साधारण व्यक्ति को विजेता


कई साल पहले हाई जंप का वर्ल्ड रेकॉर्ड था – 7 फुट, 4 इंच। सवाल यह था कि इसे तोड़ने के लिए इतने ऊंचे डंडे के ऊपर से कैसे छलांग लगाई जाए। जब एथलीट से एक आम आदमी ने पूछा, ‘आप इतना ऊंचा कैसे कूदोगे?’ तो उसने जबाव में कहा, ‘मैं अपने दिल को डंडे के ऊपर फेंकता हूँ, जिस्म अपने आप ऊपर चला आता है।’
जिंदगी में कोई भी काम सिर्फ हाथ और दिमाग से ही नहीं होता। जब तक किसी काम से दिल नहीं जुड़ा होगा, तब तक उसे कुशलतापूर्वक नहीं किया जा सकता। एक कारीगर और एक कलाकार में बस यही फर्क होता है। याद रखिए कि,
“जो इंसान सिर्फ हाथ से काम करता है, उसे मजदूर कहा जाता है।
जो इंसान हाथ और दिमाग से काम करता है, उसे कारीगर कहा जाता है।
और जो इंसान हाथ, दिमाग और दिल, तीनों से काम करता है, उसे कलाकार कहा जाता है।”
जब तक हम हर कार्य को कला का रूप नहीं देंगे, जिंदगी में कभी सफल नहीं हो सकते। अलग ढंग से काम करने वाले हाथ, दिमाग और दिल, तीनों का इस्तेमाल बखूबी ढंग से करते हैं, और यही बात उन्हें विजेता बनाती है। तो इसमें क्या ताज्जुब की बात है कि वह एथलीट चैंपियन बना!
मंजिल पाने के लिए इंसान को सच्चा और ईमानदार होना बेहद जरूरी है। जब तक हम खुद के प्रति ईमानदार और सच्चे नहीं होंगे, तब तक दूसरे के प्रति वफादार नहीं हो सकते। इसलिए जीवन में कोई भी संकल्प लेने से पहले यह जरूर विचार कर लें कि ‘मैं इस संकल्प में अपना 100 प्रतिशत न्यौछावर करने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ या नहीं।’ क्योंकि जो लोग कोशिश करने की बात करते हैं, वो हमेशा असफलता को गले लगाते हैं। ध्यान रखें कि संकल्प करने के बाद जो व्यक्ति रास्ते में आने वाली सभी चुनौतियों का जवाब देकर आगे बढ़ना जारी रखता है, वही जीतता है।
बहुत से लोग प्रोजेक्ट या योजनाएं तो बनाते हैं, फिर उन्हें शुरू भी करते हैं, लेकिन उन्हें खत्म नहीं करते। इसका नतीजा यह होता है कि उनके अंदर कभी पूर्ति का अहसास नहीं हो पाता। उनमें वह भाव या उत्साह नहीं आ पाता, जो उस संकल्प या योजना को पूरा करके आ सकता था। इसलिए जिस काम की शुरुआत की जाए, उसे पूरा भी करना चाहिए, वरना इंसान खुद को अंदर से खोखला महसूस करता है।

हमेशा याद रखिए, दुनिया भी हमेशा सफलता को सलाम करती है, मेहनत को नहीं।

"भारत में राष्ट्रवाद ने एक ऐसी शक्ति का संचार किया है जो लोगों के अंदर सदियों से निष्क्रिय पड़ी थी।" इस कथन के आलोक में भारत के स्वाधीनता संघर्ष की दिशा में सुभाष चंद्र बोस के योगदानों की चर्चा कीजिये।


उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में भारत में राष्ट्रवाद का तेजी से विकास हुआ और एक संगठित राष्ट्रीय आंदोलन का आरंभ हुआ। इस राष्ट्रवाद के विकास में ब्रिटिश शासन की शोषणपरक एवं प्रजातीय विभेद की नीतियों, आर्थिक और सामाजिक असंतोष, अंग्रेजों द्वारा किया गया भारत का प्रशासनिक और आर्थिक एकीकरण, पाश्चात्य चिंतन, अंग्रेजी शिक्षा एवं सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों से उत्पन्न चेतना आदि ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
राष्ट्रवादी चेतना के विकास के परिणामस्वरूप भारतीयों के मनोबल में वृद्धि हुई और उनमें एक तर्कवादी आलोचनात्मक दृष्टिकोण का विकास हुआ जिसके द्वारा उन्होंने शासन व उसकी नीतियों का स्वमूल्यांकन शुरू किया एवं उसके शोषणपरक स्वरूप की अनुभूति कर असंतोष से भर गए तथा सदियों से आच्छादित निष्क्रियता से बाहर आए। फलतः वे अंग्रेजों के विरुद्ध संगठित हुए, जिस कारण भारत में कई राजनीतिक संस्थाओं, जैसे- लैण्डहोल्डर्स सोसाइटी, मद्रास महाजन सभा और सबसे महत्त्वपूर्ण भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आदि की स्थापना हुई। कांग्रेस के नेतृत्व में चले राष्ट्रीय आंदोलन ने देश की जनता को संगठित किया और उन्हें औपनिवेशिक शासन के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। सुभाष चंद्र बोस ने भी कांग्रेस से जुड़कर राष्ट्रीय आंदोलन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सुभाष चंद्र बोस ने जवाहरलाल नेहरू के साथ मिलकर कांग्रेस को समाजवादी दिशा प्रदान की और उसे सर्वहारा वर्ग के प्रति और अधिक प्रतिबद्ध बनाने का प्रयास किया। सुभाष ने नेहरू रिपोर्ट के निर्माण में योगदान दिया, कांग्रेस के हरिपुरा अधिवेशन की अध्यक्षता की तथा राष्ट्रीय योजना समिति की स्थापना की। 1939 में कांग्रेस से अलग होकर उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की।
द्वितीय विश्वयुद्ध की परिस्थितियों से लाभ उठाकर भारत को स्वतंत्र कराने की इच्छा के साथ वे भारत के बाहर गए तथा ब्रिटिश विरोधी शक्तियों से भारत की स्वतंत्रता हेतु मदद मांगी, जिसके फलस्वरूप आज़ाद हिंद फौज का गठन हुआ। आजाद हिंद फौज के सर्वोच्च सेनापति के रूप में सुभाष ने ब्रिटिश विरोधी शक्तियों के साथ मिलकर भारत को अंग्रेजों से स्वतंत्र कराने का प्रयास किया। यद्यपि वे अपने प्रयास में सफल न हो सके परंतु उनके कार्यों ने देश की जनता को उद्वेलित किया जिसे आज़ाद हिंद फौज पर मुकदमे के दौरान महसूस किया गया।
इस प्रकार राष्ट्रवाद की भावना के प्रसार एवं स्वतंत्रता आंदोलन में सुभाष चंद्र बोस ने बहुमूल्य योगदान दिया। राष्ट्र सदैव उनके प्रयत्नों के प्रति आभारी रहेगा।

Saturday, 9 December 2017

दुनिया का सबसे विवादित स्थल: यरूशलम क्यों है

World's Most Controversial Site: Why is Jerusalem (Author: Rajeev Ranjan)


वर्तमान में चर्चा में क्यों?
यरूशलम इस्लाम, ईसाई और यहूदी धर्मों का पवित्र स्थल है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप यरूशलम को इजराइल की राजधानी मान लिया हैं। ऐसा करने वाले वो पहले वैश्विक नेता  हैं। अमरीकी अधिकारियों को कहना है कि हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप तुरंत ही अमरीकी दूतावास को तेल अवीव से यरूशलम नहीं ले जाएंगे।



मध्य-पूर्व के अरब नेताओं का कहना है कि ऐसा करना मुसलमानों को उकसाना होगा और इससे मध्य पूर्व के हालात बिगड़ जाएंगे।

इजराइलियों और फलस्तीनियों के पवित्र शहर यरूशलम को लेकर विवाद बहुत पुराना और गहरा है! राष्ट्रपति ट्रंप यरूशलम को इजराइल की राजधानी के तौर पर मान्यता दे दिये हैं। यरूशलम इसराइल-अरब तनाव में सबसे विवादित मुद्दा भी है। ये शहर इस्लाम, यहूदी और ईसाई धर्मों में बेहद अहम स्थान रखता है।

पैगंबर इब्राहीम को अपने इतिहास से जोड़ने वाले ये तीनों ही धर्म यरूशलम को अपना पवित्र स्थान मानते हैं।

यही वजह है कि सदियों से मुसलमानों, यहूदियों और ईसाइयों के दिल में इस शहर का नाम बसता रहा है। हिब्रू भाषा में येरूशलायीम और अरबी में अल-कुद्स के नाम से जाना जाने वाला ये शहर दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है।

इस शहर को कई बार कब्याजा गया है, ध्वस्त किया गया है और फिर से बसाया गया है। यही वजह है कि यहाँ की मिट्टी की हर परत में इतिहास की एक परत छुपी हुई है।

कौन से चार हिस्से?

आज यरूशलम अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच विभाजन और संघर्ष की वजह से सुर्खियों में रहता है। लेकिन इस शहर का इतिहास इन्हीं लोगों को आपस में जोड़ता भी है।

शहर के केंद्र बिंदू में एक प्राचीन शहर है जिसो "ओल्ड सिटी" कहा जाता है। संकरी गलियों और ऐतिहासिक वास्तुकला की भूलभुलैया इसके चार इलाकों- ईसाई, इस्लामी, यहूदी और अर्मेनियाईं- को परिभाषित करती हैं।

इसके चारों ओर एक किलेनुमा सुरक्षा दीवार है जिसके आसपास दुनिया के सबसे पवित्र स्थान स्थित हैं। हर इलाके  की अपनी आबादी है।

ईसाइयों को दो इलाके हैं क्योंकि अर्मेनियाई भी ईसाई ही होते हैं। चारों इलाकों में सबसे पुराना इलाका अर्मेनियाइयों का ही है।


ये दुनिया में अर्मेनियाइयों का सबसे प्राचीन केंद्र भी है। सेंट जेंम्स चर्च और मोनेस्ट्री में अर्मेनियाई समुदाय ने अपना इतिहास और संस्कृति सुरक्षित रखी है।

पहले चर्च की कहानी

ईसाई इलाके में 'द चर्च आफ द होली सेपल्कर' है। ये दुनियाभर के ईसाइयों की आस्था का केंद्र है। ये जिस स्थान पर स्थित है वो ईसा मसीह की कहानी का केंद्रबिंदू है।

यहीं ईसा मसीह की मौत हुई थी, उन्हें सूली पर चढ़ाया गया था और यहीं से वो अवतरित हुए थे। दातर ईसाई परंपराओं के मुताबिक, ईसा मसीह को यहीं 'गोलगोथा' पर सूली पर चढ़ाया गया था।

इसे ही हिल ऑफ द केलवेरी कहा जाता है। ईसा मसीह का मकबरा सेपल्कर के भीतर ही है और माना जाता है कि यहीं से वो अवतरित भी हुए थे।

इस चर्च का प्रबंधन ईसाई समुदाय के विभिन्न संप्रदायों, खासकर ग्रीक ऑर्थोडॉक्स पैट्रियार्केट, रोमन कैथोलिक चर्च के फ्रांसिस्कन फ्रायर्स और अर्मेनियाई पैट्रियार्केट के अलावा इथियोपियाई, कॉप्टिक और सीरियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च से जुड़े पादरी भी संभालते हैं।

दुनियाभर के करोड़ों ईसाइयों के लिए ये धार्मिक आस्था का मुख्य केंद्र हैं। हर साल लाखों लोग ईसा मसीह के मकबरे पर आकर प्रार्थना और पश्चाताप करते हैं।

मस्जिद की कहानी?


मुसलमानों का इलाका चारों इलाकों में सबसे बड़ा है और यहीं पर डोम ऑफ द रॉक और मस्जिद अल अक्सा स्थित है। यह एक पठार पर स्थित है जिसे मुस्लिम हरम अल शरीफ या पवित्र स्थान कहते हैं।

मस्जिद अल अक्सा इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल है और इसका प्रबंधन एक इस्लामिक ट्रस्ट करती है जिसे वक्फ कहते हैं।

मुसलमानों का विश्वास है कि पैगंबर मोहम्मद ने मक्का से यहाँ तक एक रात में यात्रा की थी और यहां पैगंबरों की आत्माओं के साथ चर्चा की थी। यहाँ  से कुछ कदम दूर ही डोम ऑफ द रॉक्स का पवित्र स्थल है यहीं पवित्र पत्थर भी है। मान्यता है कि पैगंबर मोहम्मद ने यहीं से जन्नत की यात्रा की थी।

मुसलमान हर दिन हजारों की संख्या में इस पवित्र स्थल में आते हैं और प्रार्थना करते हैं। रमजान के महीने में जुमे के दिन ये तादाद बहुत ज्यादा होती है।

पवित्र दीवार

यहूदी इलाके में ही कोटेल या पश्चिमी दीवार है। ये "वॉल ऑफ दा माउंट" का बचा हिस्सा है। माना जाता है कि कभी यहूदियों का पवित्र मंदिर इसी स्थान पर था।


इस पवित्र स्थल के भीतर ही द होली ऑफ द होलीज या यूहूदियों का सबसे पवित्र स्थान था।

यहूदियों का विश्वास है कि यही वो स्थान है जहाँ से विश्व का निर्माण हुआ और यहीं पर पैगंबर इब्राहिम ने अपने बेटे इश्हाक की बलि देने की तैयारी की थी। कई यहूदियों का मानना है कि वास्वत में डोम ऑफ द रॉक ही होली ऑफ द होलीज है।


आज पश्चिमी दीवार वो सबसे नजदीक स्थान है जहाँ से यहूदी होली ऑफ द होलीज की अराधना कर सकते हैं।

इसका प्रबंधन पश्चिमी दीवार के रब्बी करते हैं। यहां हर साल दुनियाभर से दसियों लाख यहूदी पहुंचते हैं और अपनी विरासत के साथ जुड़ाव महसूस करते हैं।

क्यों हैं तनाव

यरूशलम की स्थिति में जरा सा भी बदलाव हिंसक झड़पों की वजह बनता रहा है। फलस्तीनी और इसराइली विवाद के केंद्र में प्राचीन यरूशलम शहर ही है। यहाँ की स्थिति में बहुत मामूली बदलाव भी कई बार हिंसक तनाव और बड़े विवाद का रूप ले चुका है। यही वजह है कि यरूशलम में होने वाली हर घटना महत्वपूर्ण होती है।

इस प्राचीन शहर में यहूदी, ईसाई और मुस्लिम धर्म के सबसे पवित्र स्थल हैं। ये शहर सिर्फ धार्मिक रूप से ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि कूटनीतिक और राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम है।

अधिकतर इसराइली यरूशलम को अपनी अविभाजित राजधानी मानते हैं। इसराइल राष्ट्र की स्थापना 1948 में हुई थी। तब इसराइली संसद को शहर के पश्चिमी हिस्से में स्थापित किया गया था। 1967 के युद्ध में इसराइल ने पूर्वी यरूशलम पर भी कब्जा कर लिया था।

प्राचीन शहर भी इसराइल के नियंत्रण में आ गया था। बाद में इसराइल ने इस इलाके पर कब्जा कर लिया लेकिन इसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली।

यरूशलम पर इसराइल की पूर्ण संप्रभुता को कभी मान्यता नहीं मिली है और इसे लेकर इसराइल नेता अपनी खीज जाहिर करते रहे हैं।

जाहिर तौर पर फलस्तीनियों का नजरिया इससे बिलकुल अलग है। वो पूर्वी यरुशलम को अपनी राजधानी के रूप में मांगते हैं। इसराइल-फलस्तीन विवाद में यही शांति स्थापित करने का अंतरराष्ट्रीय फार्मूला भी है।

इसे ही दो राष्ट्र समाधान के रूप में भी जाना जाता है। इसके पीछे इसराइल के साथ-साथ 1967 से पहले की सीमाओं पर एक स्वतंत्र फलस्तीनी राष्ट्र के निर्माण का विचार है। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों में भी यही लिखा गया है।

यरूशलम की एक तिहाई आबादी फलस्तीनी मूल की है जिनमें से कई के परिवार सदियों से यहाँ रहते आ रहे हैं। शहर के पूर्वी हिस्से में यहूदी बस्तियों का विस्तार भी विवाद का एक बड़ा का कारण है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ये निर्माण अवैध हैं पर इसराइल इसे नकारता रहा है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय दशकों से ये कहता रहा है कि यरूशलम की स्थिति में कोई भी बदलाव शांति प्रस्ताव से ही आ सकता है। यही वजह है कि इसराइल में दूतावास रखने वाले सभी देशों के दूतावास तेल अवीव में स्थित हैं और यरूशलम में सिर्फ कांसुलेट हैं।

लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप जोर दे रहे हैं कि वो अपने दूतावास को यरूशलम में स्थानांतरित करना चाहते हैं। ट्रंप का कहना है कि इसराइलियों और फलस्तीनियों के बीच शांति के अंतिम समझौतों के तौर पर ऐसा कर रहे हैं। वो दो राष्ट्रों की अवधारणा को नकारते हैं। ट्रंप कहते हैं कि मैं एक ऐसा राष्ट्र चाहता हूँ  दोनों पक्ष सहमत हों।

Current Affairs in Hindi (भाग-77)


  • वह भुगतान आधारित मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर जिसने अगले कुछ वर्षों में देश में एक लाख एटीएम खोलने की घोषणा की – पेटीएम
  • चीन ने पाकिस्तान के साथ मिलकर बनाई जा रही इस परियोजना में उसे दी जा रही आर्थिक सहायता बंद करने का निर्णय लिया – चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा
  • जमीन से हवा में मार करने वाली वह सुपरसोनिक मिसाइल जिसका भारत द्वारा सफल परीक्षण किया गया – आकाश
  • जलवायु परिवर्तन के समाधान के संबंध में भारत द्वारा इस अंतरराष्ट्रीय संगठन की पहल की गई थी जिसका मुख्यालय गुरुग्राम में बनाया गया है - अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन
  • वह समूह जिससे अलग होकर संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब ने नया आर्थिक समूह बनाने की घोषणा की - खाड़ी सहयोग परिषद
  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 04 दिसंबर 2017 को उत्तर प्रदेश के जिस जिले को शामिल किया गया है- शामली
  • अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जितने मुस्लिम देशों के ख़िलाफ़ यात्रा प्रतिबंध के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के फ़ैसले का समर्थन किया है- 6
  • वह दो खिलाड़ी जिन्होंने हाल ही में राष्ट्रीय खेल पर्यवेक्षक के पद से इस्तीफा दिया – सुशील कुमार और मैरी कॉम
  • भारत यात्रा पर आये लंदन के मेयर जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड पर कहा कि इसके लिए ब्रिटिश सरकार को माफी मांगनी चाहिए – सादिक खान
  • वह पत्रिका जिसने हाल ही में ‘मी टू अभियान’ की प्रतिभागी महिलाओं को पर्सन ऑफ़ द इयर-2017 चयनित किया है – टाइम मैगजीन
  • वह स्थान जिसे डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा इज़राइल की राजधानी के रूप में मान्यता दी गयी – यरुशलम
  • वह राजनेता जिनके द्वारा किया गया ट्वीट वर्ष 2017 का सबसे लोकप्रिय ट्वीट बना – बराक ओबामा
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में रेपो रेट को जितने प्रतिशत पर बरकरार रखा है- 6%
  • जिस चक्रवात से प्रभावित व्यक्तियों हेतु ऑपरेशन सिनर्जी का शुभारंभ किया गया है- ओखी
  • केरल सरकार ने शराब पीने की उम्र 21 साल से बढ़ाकर जितने साल कर दी है- 23 साल
  • आईसीसी टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में विराट कोहली जिस स्थान पर हैं- दूसरे
  • हाल ही में जिस ओलंपिक पदक विजेता ने पहलवानी के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक पद से इस्तीफा दे दिया है- सुशील कुमार
  • यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल सूची में ताजमहल जिस स्थान पर है- दूसरे
  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर ने शोध के बाद यह साबित किया है कि बड़ी नदियां सूखने के बाद भी सिंधु घाटी सभ्यता जितने हजार साल तक जिंदा रही- तीन हजार साल
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 दिसंबर 2017 को डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का जिस शहर में उद्घाटन किया- नई दिल्ली
  •  जिस शहर में 6वां अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन हाट शुरू हुआ- गुवाहाटी
  • भारतीय तीरंदाज दीपिका कुमारी ने हाल ही में बैंकाक में सम्पन्न इंडोर आर्चरी वर्ल्डकप स्टेज-टू चैम्पियनशिप में जो पदक जीता- कांस्य पदक
  • जिस शहर में आयुष और तंदुरूस्ती पर पहले अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘आरोग्य 2017’ का आयोजन किया गया- नई दिल्ली
  • अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने डोपिंग मामले में वर्ष 2018 में दक्षिण कोरिया के प्योंगचांग में होने वाले विंटर ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने से जिस देश को प्रतिबंधित कर दिया है- रूस
  • जिस देश के शोधकर्ताओं ने 'कैंसर मेटास्टेसिस' से संबंधित दवा विकसित करने की हाल ही में घोषणा की- भारत
  • केंद्र सरकार ने हाल ही में 'सार्वजनिक ऋण प्रबंधन' की ताजा रिपोर्ट जारी की. यह रिपोर्ट जिस समय हेतु जारी की गई- जुलाई-सितंबर 2017
  • 22वें एएचडब्यूपी सम्मेलन का जिस शहर में शुभारंभ हुआ- नई दिल्ली
  • वह राज्य जिसने तीन तलाक सम्बन्धी विधेयक के मसौदे पर सहमति जताने वाला पहला राज्य बन गया है- उत्तर प्रदेश
  • भारतीय मूल की महिला नेता का जो अमेरिका की पहली महिला सिख मेयर बनीं- प्रीत डिडबल
  • हाल ही में जिस खिलाड़ी ने क्रिकेट में सबसे तेज तिहरा शतक जड़ने का रिकॉर्ड बनाया- मार्को मरैस
  • दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर तिमाही) में जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़कर हो गई है- 6.3 फीसदी
  • भारतीय रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, रेल आरक्षण केंद्रों पर जिस मोबाइल ऐप के जरिए टिकट बुक होंगे-भीम
  • भारत ने हाल ही में जिस देश के साथ कृषि और पादप स्वउच्छमता के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये- इटली
  • किस सरकारी विभाग ने हाल ही में महिला उद्यमियों की सहायता हेतु महिला प्रकोष्ठ बनाने की घोषणा की-नीति आयोग
  • हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाये गये विश्व एड्स दिवस-2017 का विषय क्या था-एवरीबडी काउंट्स 
  • उस वर्चुअल करेंसी का नाम हाल ही में जिसकी एक मुद्रा की कीमत 16,000 डॉलर क पार हो गई – बिटकॉइन
  • हाल ही में कोलकाता और बांग्लादेश के बीच आरंभ की गयी रेल सेवा है - बंधन एक्सप्रेस
  • अमेरिकी नागरिकों पर इस देश की यात्रा करने पर प्रतिबंध लगाया गया है – क्यूबा
  • राष्ट्रीय अभिलेखागार के महानिदेशक के रूप में जिसे नियुक्त किया गया- प्रीतम सिंह
  • एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में जिसे नियुक्त किया गया- प्रदीप सिंह खरोला
  • भारत सरकार द्वारा जिस देश के परिवहन मंत्रालय को करीब 18.5 करोड़ रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी- अफगानिस्तान
  • जिस राज्य में 28 नवंबर 2017 को सौभाग्य योजना शुरू की गई है- मणिपुर
  • केंद्र सरकार ने जिस आईएएस अधिकारी को राष्ट्रीय मुनाफाखोरी-रोधी प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है- बद्री नारायण शर्मा
  • भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पर प्रतिस्पर्धा विरोधी रवैये के कारण जितने करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया- 52.24 करोड़ रुपये
  • विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भारत की मीराबाई चानू ने जिस पदक को जीता- स्वर्ण पदक
  • दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) ने अपने पहले वार्षिक सम्मेलन में जिस भारतीय क्रिकेटर को 50 अंतर्राष्ट्रीय शतक बनाने के लिए सम्मानित किया- विराट कोहली
  • वह देश जिसके साथ भारत ने हाल ही में स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये – इटली
  • अमेरिका की वह यूनिवर्सिटी जिसने आकाशगंगा के ब्लैक होल के नजदीक तारे की खोज की घोषणा की - नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी
  • रेल मंत्रालय ने परियोजना स्वर्ण के तहत इस स्थान से पहली स्वर्ण राजधानी ट्रेन की शुरूआत की – नई दिल्ली
  • भारत की महिला खिलाड़ी जिसने वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए कुल 194 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता - सैखोम मीराबाई चानू

Saturday, 2 December 2017

पराक्रमी राजा पोरस की जीवनी गाथा


राजा पोरस (King Porus) और सिकन्दर की कहानी काफी मशहूर है जिसे ना केवल एतेहासिक लेखो में बल्कि लोगों की जुबान पर भी इनके बीच हुए युद्ध की कहानी याद है। यूनानी इतिहास में ना केवल सिकन्दर की बहादुरी की प्रशंशा है बल्कि पोरस की प्रसंशा भी की गयी है। आइये आज हम आपको उस महान राजा पोरस की जीवनी से रूबरू करवाते है।

पोरस एक बहादुर राजा थे जिन्हें पुरु, पर्वतक या पुरूवास नाम से भी जाना जाता है। वे सिकंदर महान से युद्ध में लोहा लेने के कारण आज भी याद किये जाते हैं। उनका राज्यकाल 340-315 ईपू माना जाता है।

पोरस का साम्राज्य पंजाब में झेलम नदी से ले कर चेनाब नदी तक फैला हुआ था। यह दोनों नदी वर्तमान समय में पाकिस्तान देश का हिस्सा हैं। रणकौशल और नेतृत्व कुशल यह राजा महावीर योद्धा अवश्य था परंतु कई इतिहास कार उन्हें एक देशभक्त नहीं मानते हैं। इस राजा के बारे में जो भी ठोस जानकारी है वह ग्रीक साक्ष्य अनुसार है।

परिचय
चूँकि पोरस को लेकर अधिक साक्ष्य मौजूद नहीं हैं इसलिए उनकी वंशावली को लेकर स्पष्ठता से नहीं कहा जा सकता है।  कई भारतीय इतिहासकार मानते हैं कि वे महान योद्धा चंद्रवंशी राजा ययाति के बेटे पौरवा के वंश से थे। भागवत पुराण और महाभारत में ययाति का ज़िक्र आता है। पोरस का उत्तराधिकारी मलयकेतु था, जो पोरस के भाई का पोता था ।

पोरस का जन्म पंजाब की पृष्टभूमि में हुआ था, और आजीवन वह उसी क्षेत्र में रहे थे। पोरस के पुत्र झेलम नदी के उत्तरीय क्षेत्र में सिकंदर की सेना की एक छोटी टुकड़ी से युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। झेलम नदी के किनारे हुए हाइडस्पेश युद्ध में सिकंदर जीता था या पोरस इस बात पर मतभेद है, कुछ हिस्टोरियंस तो दोनों के बीच संधि होने की बात कहते हैं।

पोरस और सिकंदर का युद्ध 
भारत देश पर यूनानी राजा सिकंदर का आक्रमण एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना थी। राजगद्दी पर 13 वर्ष राज्य करने के बाद पोरस का सामना सिकंदर से युद्धभूमि में हुआ था। जैसा की हम जानते हैं सिकंदर दुनियां जीत लेना चाहता था और इसी इरादे से भारत पर आक्रमण करने के लिए, उसने सिंधु नदी पार कर के तक्षशिला (अब उतर-पश्चिम पाकिस्तान) तक का सफर तय किया था। तक्षशिला पर उस वक्त अंभी राजा का शाशन था। उसने बिना प्रतिक्रमण किए सिकंदर के सामने घुटने टेक दिये थे। बल्कि उल्टा सिकन्दर का भव्य स्वागत किया गया और सोना-चांदी उपहार स्वरुप भेंट किया गया।

सिकंदर एक महान योद्धा था जिसकी ताकत के आगे बड़े-बड़े राजा-महाराजा भी बिना युद्ध लड़े ही हार मान लेते थे. ऐसे में पोरस का युद्ध करने का साहस सचमुच प्रशंशनीय है।
अब सिकंदर का अगला ध्येय पोरस था। अपनी बत्तीस हजार सैनिकों की विशाल सेना लिए वह झेलम नदी की और रुख करता है। नदी की दूसरी और अब उसका सामना एक ऐसे महावीर से था जो हार का स्वाद ही नहीं जानता था और आत्मविश्वास से भरपूर था।

हाइडस्पेश की लड़ाई / झेलम का युद्ध 
युद्ध से पहले सिकंदर ने पोरस के पास यह संदेश भिजवाया कि वह भी राजा अंभी की तरह बिना युद्ध किए आत्मसमर्पण कर दे। पोरस ने एक ही झटके में इस पेशकश को ठुकरा दिया। और उल्टा सिकंदर को खुली चुनौती दे दी और कहा कि-

अब हमारा सामना रणभूमि में होगा।

326 ईसापूर्व में लड़ा गया झेलम का यह युद्ध बहुत भीषण और विनाशकारी था। दोनों सेनाओं के अनगिनत योद्धा चोटिल और हताहत हुए।

पोरस की सेना 
इतिहासकार एरियन के अनुसार राजा पोरस के पास-

करीब तीन हजार पैदल सैनिक थे।
चार हजार घुड़सवार थे।
करीब तीन सौ रथी योद्धा थे।
इनके अलावा उनके पास प्रशिक्षित एक सौ तीस हाथीयों की फौज भी थी। जो सामने पड़ने वाली हर चीज को पैरों तले कुचल देते थे।
इसके अतरिक्त पोरस ने करीब २ हजार सैनिक और 120 रथ अपने पुत्र के साथ पहले ही भेज दिए थे। कुछ सैनिक शिविर में भी तैनात थे ताकि अगर दुश्मन वहां तक पहुँचता है तो उसे रोका जा सके।

सिकंदर की सेना 
माना जाता है कि सिकन्दर के शिविर में 1 लाख से भी अधिक लोग थे। इतिहासकार टॉर्न का मानना है कि-

सिकन्दर की सेना बहुत बड़ी थी, लेकिन इस युद्ध के लिए उसने 35-40 हजार लड़ाकू मकदूनियाई सैनिक प्रयोग किये थे जो घातक हथियारों से लैस थे।
सिकन्दर के घुड़सवारों की संख्या भी पोरस की अपेक्षा कहीं अधिक थी। हालांकि इस युद्ध के लिए उसने करीब 5000 घुड़सवार प्रयोग किये थे।
सिकन्दर की सेना में हाथी नहीं थे। कहा जा सकता है कि सिकन्दर की सेना पोरस के मुकाबले 3 से पांच गुना बड़ी थी।

महायुद्ध के दौरान सिकन्दर की रणनीति और पोरस की बहादुरी 
सिकंदर जानता था कि पोरस जैसे पराक्रमी राजा को हराना इतना आसान नहीं है। इसलिए उसने चालाकी से काम लिया। झेलम नदी के किनारे पर उसने अपनी सेना खड़ी कर दी और ऐसा दिखावा करने लगा मानो वे लोग नदी पार करने का रास्ता ढूंढ रहे हों। कई दिन इस तरह बीतने पर पोरस के पहरेदार कुछ कम चौकन्ने हो गए। इसी बीच सिकन्दर नदी की दिशा में करीब 17 मील ऊपर हज़ारों सैनिकों और घुड़सवारों के साथ नदी पार कर गया।

पोरस की सेना अभी भी यही मान रही थी कि सिकन्दर नदी पार करने का रास्ता ढूंढ रहा है जबकि सिकन्दर दूसरी और से खुद उनके समीप पहुँच चुका था। अचानक हुए हमले से पोरस की सेना घबड़ा गयी पर फिर भी उन्होंने कड़ा मुकाबला किया।

बारिश के कारण पोरस के रथ मिट्टी वाली जमीन पर सहजता से आगे नहीं बढ़ पा रहे थे और कीचड़ में धंस जा रहे थे। लेकिन पोरस की सेना में शामिल हाथियों ने सिकन्दर की सेना के पसीने छुड़ा दिए और पोरस की सेना को सम्भलने का मौका दिया। पर इसी बीच नदी के उस पार इंतजार करने का नाटक कर रहे सिकन्दर के कमांडरों ने भी नदी पार कर हमला बोल दिया।

पोरस युद्द के दौरान एक विशालकाय हाथी पर सवार हो सेना का संचालन कर रहा था। वह बहादुरी से अंत तक लड़ता रहा और सिकन्दर की सेना के छक्के छुड़ा दिए। सिकन्दर भी पोरस की बहादुरी देखकर दंग था, इससे पहले किसी राजा ने उसे कड़ा मुकाबला नहीं दिया था।

पर युद्ध के दौरान पोरस के दाएं कंधे पर चोट लग जाती है और वह रणक्षेत्र छोड़ कर चला जाता है।

युद्ध में नुक्सान 
चूँकि इतिहास हमेशा विजेता लिखता है इसलिए यूनानी इतिहासकार ने इस युद्ध में सिकन्दर की जीत को बढ़ा-चढ़ा कर बताया है। एरियन के अनुसार इस युद्ध में पोरस के करीब 20 हजार सैनिक और तीन हज़ार घुड़सवार मारे गए जबकि सिकन्दर की सेना के 500 से भी कम सैनिक, धनुर्धर और अश्वारोही मारे गए।

इस युद्ध के बाद सिकन्दर भारत में और आगे नहीं बढ़ा। माना जाता है की पोरस की बहादुरी देखकर और हाथियों के भय से सिकन्दर के योद्धा भारत में और आगे नहीं बढ़ना चाहते थे, इसलिए सिकन्दर ने पोरस को अपनी ओर मिलाना ही उचित समझा और अपने पुराने मित्र मोरोस (मौर्य) से प्रस्ताव भिजवाया। जिसके बाद दोनों राजा आपस में मिले।

सिकन्दर और पोरस की मुलाकात 
जब युद्ध जीतने के बाद सिकंदर पोरस से मिला तो उसने पूछा कि-

तुम्हारे साथ कैसा व्यवहार किया जाए ?

इसके उत्तर में पोरस ने कहा कि:- जैसा एक राजा दूसरे राजा के साथ करता है।

इन शब्दों को सुनने के बाद सिकंदर बहुत खुश हुआ और उसने यह फैसला किया कि वह पोरस को उसका राज्य लौटा देगा, बल्कि सिकन्दर ने उसका राज्य और भी बढ़ा कर दे दिया।

युद्ध के परिणाम को ले कर इतिहासकारों में मतभेद
कई भारतीय इतिहासकार लिखते हैं की, सिकंदर की जंग में बुरी तरह हार हुई इसी कारण उसे वापिस लौटना पड़ा था। परंतु इस बात पर कई जानकार बताते हैं की अगर पोरस युद्ध जीत गया था तो सिकंदर व्यास नदी तक जा ही नही सकता था। यह विस्तार पोरस के राज्य से कई गुना अंदर की और आगे है। ऐसा माना जाता है की, दोनों योद्धाओं में संधि हुई थी। जिसके अनुसार पोरस को सिकंदर के साथी और सहायक की तरह काम करना था। और इस के उपलक्ष में सिकंदर व्यास नदी तक जीते हुए सारे राज्य पोरस को सौंप देने वाला था।

पोरस के सामने सिकंदर की जीत को ले कर संदेह
हाइडस्पेश युद्ध में सिकंदर की जीत और जीत के बाद पोरस के राज्य पर कब्जा ना करने की बात पर विवाद है। चूँकि सिकंदर का जीवन चरित्र और आचरण दर्शाता है की वह एक शराबी, निर्दय, अत्याचारी और अत्यंत कुटिल लड़ाकू था। सत्ता हासिल करने के लिए उसने तो अपने ही पिता और भाई का कत्ल करवा दिया था। तो वह एक दुश्मन राजा के लिए इस तरह की दरियादिली कैसे दिखा सकता था। कुछ इतिहासकार बताते हैं की, सिकंदर के साथ ऐसे चापलूस इतिहासकार चलते थे जो, सच्चे तथ्यों पर लीपापोती कर के सिकंदर को ऊंचा और महान दर्शाते थे।

पोरस की मृत्यु
अगर हम पोरस को राजा पर्वतक ही समझे तो उसकी मृत्यु एक विषकन्या द्वारा हुई थी। और कुछ इतिहासकार यह बताते हैं कि सिकंदर के एक खास सेनानायक यूदोमोस ने राजा पोरस को 321 ईसा पूर्व से 315 ईसापूर्व समयकाल में कत्ल कर दिया था। इसके अलावा एक तर्क यह भी है की चन्द्रगुप्त मौर्य के करीबी आचार्य चाणक्य ने पोरस की हत्या करवा दी थी। ताकि वह आगे चल कर उनके विजय अभियान में रोड़ा ना बन सके। पोरस नाम के महान योद्धा के जीवन प्रसंग भले ही संदेह और रहस्य से भरपूर हों, पर उनकी वीरता पर कोई संदेह नहीं कर सकता है।
पोरस की शूरवीरता से प्रेरित होकर सोनी टीवी ने टीवी इतिहास का सबसे महंगा सीरियल पोरस बनाया है जिसकी लागत 500 करोड़ है और यह 260 एपिसोड का है इसे Sony Entertainment Television पर 27 November से दिखाया जा रहा रहा।

इतिहास सिर्फ पढ़िये नहीं, इतिहास रचिये भी





"है वही सूरमा इस जग में, जो अपनी राह बनाता है।
कोई चलता है पद चिन्हों पर, कोई पद चिन्ह बनाता है।"

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी एक कविता की ये कुछ पंक्तियाँ जो हमारे दिमाग में न जाने कब से काफी उथल पुथल मचाये हुए है। सही ही तो कहा है महाकवि दिनकर जी ने…इस पूरे संसार की अगर जनसंख्या की गणना की जाये तो अरबों खरबों की जनसंख्या होगी लेकिन अगर सफल व्यक्तियों की गणना की जाये तो कुछ मुट्ठी भर लोगों के नाम ही सामने आयेंगे।

हम पैदा होते हैं, स्कूल जाते हैं, दूसरों व्यक्तियों द्वारा रचे इतिहास को बड़े चाव से पढ़ते हैं और गर्व महसूस करते हैं कि हमारी भारत भूमि पर कितने वीर और महापुरुषों ने जन्म लिया है लेकिन क्या कभी आपने सोचा कि जब आने वाली पीढ़ी आयेगी और इतिहास पढ़ेगी तो क्या आपका भी नाम उस इतिहास में होगा या नहीं ?

शायद नहीं…..क्योंकि हम सिर्फ इतिहास पढ़ते हैं….और इतिहास बनाने वाले वो और ही होते हैं जिनमें जूनून कूट-कूट कर भरा होता है, जिनको हारना किसी भी शर्त पर मंजूर नहीं होता।

जरा याद कीजिये अपने पूर्वराष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद जी का बचपन, जब छोटे थे तो खर्चा चलाने के लिए साईकिल पर अखबार बांटा करते थे। कौन जानता था कि यही बच्चा आगे चलकर मिसाइल मैन बनेगा। ऐसे लोगों के जीवन से ही इतिहास बनता है।

जरा याद कीजिये अरुणिमा सिन्हा को, जिसने एक हादसे में अपने दोनों पैरों की ताकत को गँवा दिया था लेकिन उसके अंदर जूनून था कुछ कर गुजरने का। दोनों पैरों की ताकत गँवा देने के बावजूद अरुणिमा सिन्हा ने सर्वोच्च पर्वतशिखर माउन्ट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की। ऐसे लोगों से सीखिए कि इतिहास का हिस्सा कैसे बना जाता है।

इतिहास पढ़ने वाले तो करोड़ों हैं मेरे दोस्त….आज आप पढ़ते हैं, कल कोई और पढ़ेगा लेकिन इतिहास लिखने वाला कोई कोई ही होता है।

आप भी सफल हो सकते हैं और आप भी कुछ बड़ा कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको अपना नजरिया बदलना होगा। अपने अंदर कुछ बड़ा करने का जूनून पैदा करना होगा। खुद पर आत्मविश्वास रखकर दृढ़ संकल्प लेना होगा कि हम भी कुछ बड़ा करेंगे।

याद रखिये, सफल होना उतना आसान नहीं है लेकिन इतिहास गवाह है कि प्रयास करने वालों ने हमेशा सफलता को प्राप्त किया है। कोशिश करते रहिये दोस्तों ताकि आपकी पहचान भीड़ में कहीं खो कर ना रह जाये। जिसने भी जिन्दगी के मौको का फायदा उठा लिया वह जिन्दगी कि जंग जीत जाता हैं, नहीं तो हर साल इस जिन्दगी के रेगिस्तान में लाखों लोग आते है कोई ........ तो कोई .......... बनने का सपना देखते हैं लेकिन सफल वही होते हैं जो आखरी साँस तक मेहनत करते हैं नहीं तो उनके शरीर के कंकाल को कोई नहीं पहचानता है और वह इस जिन्दगी के रेगिस्तान में खो जाते हैं।

आज आप भी हमारे साथ दृढ़ संकल्प लीजिये कि हम भी कुछ ऐसा करेंगे कि हमारी आने वाली पीढ़ी हमारा नाम भी इतिहास में पढ़े। हम भीड़ का हिस्सा नहीं हैं, वो और हैं जो सिर्फ इतिहास पढ़ते हैं, हम तो इतिहास गढ़ने वालों में से हैं।

चार एशियाई गिद्ध प्रजातियां संरक्षित सूची में शामिल


संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के तत्वावधान में ‘वन्य जीवों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर अभिसमय हेतु पक्षकारों का सम्मेलन’ (CMS COP : Conference of the Parties to the Convention on the Conservation of Migratory Species of Wild Animals) एक पर्यावरण संधि है। यह प्रवासी जीवों एवं उनके आवासों के संरक्षण और टिकाऊ उपयोग के लिए वैश्विक मंच उपलब्ध कराता है। हाल ही में ‘सीएमएस सीओपी’ के 12वें सत्र का आयोजन मनीला, फिलीपींस में किया गया।
  • यह पहला अवसर है जब सीएमएस सीओपी का आयोजन एशिया में किया गया।
  • सम्मेलन का नारा (Slogan) था ‘उनका भविष्य हमारा भविष्य है-वन्यजीव और लोगों के लिए पोषणीय विकास’ (Their Future is Our Future-Sustainable Development for Wildlife and People)।
  • सम्मेलन में एशिया, अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप एवं ओशिनिया (Oceania) से 24 देशों के 34 प्रजातियों के संरक्षण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • सम्मेलन में 91 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
  • सीएमएस सीओपी के 13वें सत्र का आयोजन वर्ष 2020 में भारत में किया जाएगा।
  • सम्मेलन में चार एशियाई गिद्ध प्रजातियों लाल-मुखी गिद्ध (Red-Headed Vulture), सफेद-पूंछ गिद्ध (White-Rumped Vulture), भारतीय गिद्ध और पतली चोंच वाले गिद्ध (Slender-Billed Vulture) -को उच्चतम संरक्षण सूची में शामिल किया गया।
  • उपर्युक्त गिद्ध प्रजातियां विषाक्तता, शिकार, बिजली के तारों के साथ टकराव और निवास स्थान में गिरावट जैसे खतरों का सामना कर रही हैं।
  • भारत समेत 121 देशों के समुद्री क्षेत्रों में पाई जाने वाली व्हेल शार्क (Whale Shark) को भी संरक्षण सूची में शामिल किया गया।
  • सम्मेलन में ब्लू शार्क (Blue Shark) और गिटारफिश (Guitarfish) के संरक्षण के प्रस्ताव को स्वीकार किया गया।
  • आसियान (Asean) क्षेत्र के भीतर संरक्षित क्षेत्र नेटवर्कों के विकास और प्रबंधन के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया।
  • मध्य एशिया की दो दुर्लभ प्रजातियों-प्रजेवाल्सकी के घोड़े (Przewalski’s Horse) और गोबी भालू (Gobi Bear)- के संरक्षण हेतु मंगोलिया के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
  • सम्मेलन में कैस्पियन सील (Caspian Seal) के संरक्षण की स्वीकृति प्रदान की गई।
  • उल्लेखनीय है कि कैस्पियन सील विश्व के सबसे बड़े अंतःस्थलीय (Inland) समुद्र कैस्पियन सागर में पाया जाने वाला एकमात्र समुद्री स्तनपायी है।
  • सम्मेलन में शेर, चिंपैंजी, जिराफ एवं तेंदुए की प्रजातियों को अतिरिक्त संरक्षण सूची से बाहर कर दिया गया।
  • सम्मेलन में चिंकारा (Indian Gazelle) के अतिरिक्त संरक्षण के प्रस्ताव को वापस ले लिया गया।

"स्त्री" क्या है ........


जब भगवान स्त्री की रचना कर रहे थे, तब उन्हें काफी समय लग गया। आज छठा दिन था और स्त्री की रचना अभी भी अधुरी थी।  इसिलए देवदुत ने पूछा:- 
भगवन्, आप इसमें इतना समय क्यों ले रहे हो।
भगवान ने जवाब दिया:- क्या तूने इसके सारे गुनधर्म (Specifications) देखे हैं, जो इसकी रचना के लिए जरूरी है। यह हर प्रकार की परिस्थितियों को संभाल सकती है। यह एकसाथ अपने सभी बच्चों को संभाल सकती है एवं खुश रख सकती है। यह अपने प्यार से घुटनों की खरोंच से लेकर टूटे हुये दिल के घाव भी भर सकती है। यह सब सिर्फ अपने दो हाथों से कर सकती है। इसमें सबसे बड़ा "गुणधर्म" यह है कि बीमार होने पर भी अपना ख्याल खुद रख सकती है एवं 18 घंटे काम भी कर सकती है।
देवदूत चकित रह गया और आश्चर्य से पूछा:-
भगवान ! क्या यह सब दो हाथों से कर पाना संभव है।
भगवान ने कहा यह स्टैंडर्ड रचना है (यह गुणधर्म सभी में है) देवदूत ने नजदीक जाकर स्त्री को हाथ लगाया और कहा भगवान यह तो बहुत सॉफ्ट है ।
भगवान ने कहा हाँ यह बहुत ही सॉफ्ट (Soft) है, मगर इसे बहुत स्ट्रोंग (Strong) बनाया है। इसमें हर परिस्थितियों का संभाल ने की ताकत है।
देवदूत ने पूछा क्या यह सोच भी सकती है? 
भगवान ने कहा यह सोच भी सकती है। और मजबूत हो कर मुकाबला भी कर सकती है। 
देवदूत ने नजदीक जाकर स्त्री के गालों को हाथ लगाया और बोला भगवान ये तो गीले हैं। लगता है इसमें से लिकेज हो रहा है।
भगवान बोले : यह लीकेज नहीं है। यह इसके आँसू हैं।
देवदूत : आँसू किस लिए? 
भगवान बोले : यह भी इसकी ताकत हैं। आँसू इसको फरीयाद करने एवं प्यार जताने एवं अपना अकेलापन दुर करने का तरीका है।
देवदूत : भगवान आपकी रचना अदभुत है। आपने सबकुछ सोच कर बनाया है, आप महान है।
भगवान बोले : यह स्त्री रूपी रचना अदभुत है। यही हर पुरुष की ताकत है, जो उसे प्रोत्साहित करती है। वह सभी को खुश देखकर खुश रहती है। हर परिस्थिति में हंसती रहती है। उसे जो चाहिए वह लड़ कर भी ले सकती है। उसके प्यार में कोइ शर्त नहीं है। उसका दिल टूट जाता है जब अपने ही उसे धोखा दे देते है। मगर हर परिस्थितियों से समझोता करना भी जानती है।
देवदुत : भगवान आपकी रचना संपूर्ण है।
भगवान बोले ना, अभी इसमें एक त्रुटि है "यह अपनी "महत्ता" भूल जाती है"।
हाँ यह अपनी महत्ता भूल जाती है।

Friday, 1 December 2017

Current Affairs in Hindi (भाग-76)


  • इस प्रदेश की सरकार ने आगामी दिसम्बर और जनवरी माह में पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है - छत्तीसगढ़
  • आईएफएफआई 2017 में इस फिल्म को सम्मानित गोल्डन पीकॉक पुरस्कार प्रदान किया गया है - 120 बिट्स पर मिनट
  • इस राज्य के गुरुग्राम में कोरिया की समृद्ध कला, संस्कृति और विरासत पर दो दिवसीय ‘कोरिया संस्कृति और पर्यटन महोत्सव’ का उद्घाटन किया गया - हरियाणा
  • इस देश की नेता ऑंन्ग सैन सू की से देश में रोहिंग्या शरणार्थी संकट संभालने में उनकी "निष्क्रियता" और हिंसा को नजरन्दाज करने के लिए फ्रीडम ऑफ ऑक्सफोर्ड पुरस्कार को वापस लिया गया है - म्यांमार
  • भारत सरकार द्वारा इस देश के परिवहन मंत्रालय को 2.87 मिलियन डॉलर (करीब 18.5 करोड़ रूपए) की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी - अफगानिस्तान
  • आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में चेतेश्वर पुजारा की वर्तमान रैंकिंग यह है - दूसरी
  • इंटरनेशनल ओलंपिक समिति (आईओसी) द्वारा एंटी-डोपिंग के नियमों के उल्लंघन पर इस देश के पांच और प्रतियोगियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है - रूसकेंद्र सरकार ने देश के इतने सबसे पिछड़े जिलों में 'प्रधान मंत्री महिला शक्ति केंद्र' की स्थापना को मंजूरी दी है - 115
  • सरकार ने प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य इतने डॉलर प्रति टन तय कर दिया है - 850 डॉलर
  • आईएफएफआई ने इस अवॉर्ड के लिए नौ फिल्मों को मनोनीत किया है - आईसीएफटी यूनेस्को गांधी
  • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और यह संस्थान सुनामी तैयारियों पर बहु-राज्य मेगा मॉक अभ्यास आयोजित करेगा - भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केन्द्र
  • पूर्वोत्तर ग्रामीण आजीविका परियोजना इस चार राज्यों के लिए शुरू की गयी है - मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा
  • निर्वाचन आयोग ने एकीकृत एआईएडीएमके को यह चुनाव चिह्न आवंटित किया है - दो पत्ती
  • इस सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने योनो (You Need Only One) नामक एक संयुक्त एकीकृत ऐप शुरू किया है - भारतीय स्टेट बैंक
  • केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल में भारतीय वन (संशोधन) अध्यादेश, 2017 की घोषणा की है जिससे कि गैर वन क्षेत्रों में उगाए गए इस पेड़ को वृक्ष की परिभाषा के दायरे में लाए जाने से छूट मिलेगी - बांस
  • इस संस्थान द्वारा "पूर्वोत्तर ग्रामीण आजीविका परियोजना" का समर्थन किया जा रहा है - विश्व बैंक
  • प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मोबाइल एप्लिकेशन को शुरू किया है, जो कि नागरिक सेवाओं हेतु सरकार के लिए एक एकीकृत मंच है - उमंग (unified mobile app for new age)
  • केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने इस वित्त आयोग की स्थापना को मंजूरी दे दी है - 15वें
  • हाल ही में राष्ट्रपति ने 1500 करोड़ की जोहार योजना इस राज्य में शुरू की है - झारखंड
  • पर्यावरण संगठन जर्मन वॉच द्वारा जारी किए गए जलवायु परिवर्तन परफॉर्मेंस इंडेक्स (CCPI) 2018 में भारत 56 देशों में से इस स्थान पर है - 14वें
  • इस संस्थान को टाइम्स हायर एजुकेशन द्वारा प्रकाशित ग्लोबल यूनिवर्सिटी एम्प्लॉबिलिटी रैंकिंग 2017 में शीर्ष 150 विश्वविद्यालयों में से 29वें स्थान पर रखा गया है - इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी)
  • भारत के राष्ट्रपति ने इस शहर में एससी और एसटी विधायक और संसद सदस्यों के फोरम द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय अम्बेडकर निर्वाचिका सभा का उद्घाटन किया - नई दिल्ली
  • महिला और बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने इस शहर में पंचायती राज संस्थानों और मास्टर प्रशिक्षकों की निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (ईडब्ल्यूआर) के लिए एक गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम लॉन्च किया - नई दिल्ली
  • प्रगति मैदान में आयोजित 37वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2017 में इस मंत्रालय को अपने रचनात्मक और सूचनात्मक प्रदर्शन के लिए कांस्य पदक से सम्मानित किया गया है - स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
  • इस स्कीम के तहत, केंद्र सरकार ने रेडीमेड कपड़ों के निर्यात के लिए प्रोत्साहन दरों को दोगुना कर दिया है और 2% से 4% तक इसे बढ़ा दिया है - भारत से मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स स्कीम (MEIS)
  • इस राज्य के कोरापुट जिले के वार्षिक सांस्कृतिक त्योहार ‘परब-2017’ के तहत आदिवासी कला और संस्कृति का प्रदर्शन शुरू हुआ - उड़ीसा
  • बीएसई लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली बीएसई इंस्टीट्यूट लिमिटेड (बीआईएल) ने इस शहर में भारत की पहली अत्याधुनिक ब्लॉक चेन लैब स्थापित करने के लिए DLT लैब्स के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं - मुंबई
  • इन्हें हाल ही में राष्ट्रपति के निजी सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है – विक्रम सिंह
  • इन्हें हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया – सत्य गोपाल
  • जिस देश के एथलीटों ने दिल्ली हाफ मैराथन के महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीता है- इथियोपिया
  • अफगानिस्तान एशिया कप अंडर-19 फाइनल मुकाबले में जिस देश को हराकर पहली बार चैंपियन बना है- पाकिस्तान
  • विश्व कैंसर शिखर सम्मेलन हाल ही में जिस शहर में शुरू हुआ है- मेक्सिको सिटी
  • भारत के जिस बल्लेबाज ने हाल ही में किसी टेस्ट मैच में सभी पांचों दिन बल्लेबाजी करने वाला तीसरा भारतीय बल्लेबाज बन गया है- चेतेश्वर पुजारा
  • विश्व के सबसे तेज धावक उसैन बोल्ट जिस देश की क्रिकेट टीम को कोचिंग देने जा रहे हैं- ऑस्ट्रेलिया
  • जिस राज्य में वैज्ञानिकों ने नए परजीवी पौधे का पता लगाया है- नागालैंड
  • विश्व मत्स्य दिवस जिस तारीख को मनाया जाता है- 21 नवंबर
  • विश्व प्रतिभा रैंकिंग में भारत जितने स्थान पर पहुंचा- 51वें
  • भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम पर अंतर्राष्ट्रीरय सेमिनार का आयोजन स्थल – नई दिल्ली
  • भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन समारोह में प्रदर्शित फिल्म - बीआँड द क्लाउड (माजिद माजिदी)
  • वह भारतीय न्यायधीश जिन्हें हाल ही में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का न्यायाधीश चुना गया – दलवीर भंडारी
  • भारत और म्यांमार के मध्य पहले संयुक्त युद्धाभ्यास का आयोजन स्थल – मेघालय
  • ‘सोलर पार्क परियोजना के लिए साझा बुनियादी ढांचा’ हेतु 98 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण के लिए एक गारंटी समझौते पर भारत ने इस अंतरराष्ट्रीय संस्था के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किये – विश्व बैंक