Sunday, 11 November 2018

सेशेल्स ने विश्व का पहला ब्लू बॉण्ड जारी किया


सेशेल्स ने विश्व का पहला ब्लू बॉण्ड (Sovereign Blue Bond) जारी किया है जिसका उद्देश्य सामुद्रिक एवं मत्स्य पालन परियोजनाओं को प्रोत्साहन प्रदान करना है। इस बॉण्ड के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों द्वारा 15 मिलियन डॉलर भी दिए गये हैं।

इस बॉण्ड के माध्यम से कोई भी देश सामुद्रिक संसाधनों के सतत् उपयोग के लिये वित्त हेतु किसी भी प्रकार के पूंजी बाजार से धनराशि एकत्र कर सकता है। इसके अंतर्गत, ब्लू ग्रांट्स निधि के ज़रिये अनुदान भी दिया जाएगा। इस निधि का प्रबंधन सेशेल्स के संरक्षण एवं जलवायु अनुकूलन न्यास द्वारा किया जाएगा।

ब्लू बॉण्ड की विशेषताएं

🔷 इस बॉण्ड के माध्यम से कोई भी देश सामुद्रिक संसाधनों के सतत उपयोग के लिये किसी भी प्रकार के पूंजी बाजार से एकत्र कर सकता है।

🔷 इस बॉण्ड द्वारा सरकारी और निजी दोनों स्रोतों से निवेश प्राप्त होगा।

🔷 इस बॉण्ड के जरिये सेशेल्स को सतत् मत्स्य पालन को सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

🔷 सेशेल्स द्वारा जारी किये गए ब्लू बॉण्ड को विश्व बैंक द्वारा 5 मिलियन डॉलर की गारंटी प्राप्त है।

🔷 उपरोक्त के अतिरिक्त इसे वैश्विक पर्यावरण सुविधा की ओर से पांच मिलियन डॉलर का रियायती ऋण भी उपलब्ध कराया गया है।

🔷 इस बॉण्ड के माध्यम से प्राप्त आय में से कम से कम 12 मिलियन डॉलर स्थानीय मछुआरा समुदायों को कम ब्याज वाले ऋण के रूप में आवंटित किये जाएंगे, जबकि शेष राशि का उपयोग सतत् मतस्य परियोजनाओं के शोध हेतु वित्तपोषण के लिये किया जाएगा. इस निधि का प्रबंधन सेशेल्स विकास बैंक (DBS) करेगा।

🔷 इंडोनेशिया और अन्य द्वीपीय राष्ट्र सतत् मत्स्य पालन और समुद्री परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिये बॉण्ड बाजार को टैप करने में एक मॉडल के रूप में सेशल्स द्वारा जारी ब्लू बॉण्ड संरचना का उपयोग कर सकते हैं।

🔷 ब्लू ग्रांट्स निधि के जरिये अनुदान भी दिया जाएगा। इस निधि का प्रबंधन सेशेल्स के संरक्षण एवं जलवायु अनुकूलन न्यास द्वारा किया जाएगा।


सेशेल्स के बारे में

सेशेल्स गणराज्य हिंद महासागर में स्थित एक द्वीपसमूह राष्ट्र है। यह अफ्रीकी मुख्यभूमि से पूर्व दिशा में और मेडागास्कर के, उत्तर-पूर्व में स्थित है. सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया है। सेशेल्स का अजंपशन आइलैंड भारत के लिए सामरिक रूप से अति महत्वपूर्ण क्षेत्र है। भारत यहाँ अपना सैन्य बेस बनाने का प्रयास कर रहा है।

हरमनप्रीत कौर टी-20 के इतिहास में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं


हरमनप्रीत कौर ने 09 नवम्बर 2018 को तूफानी बल्लेबाजी करते हुए अंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी-20 मैच में केवल 49 गेंदों में शतक बना डाला। हरमनप्रीत कौर ने अपनी शतकीय पारी में 8 छक्के और 7 चौके लगाए।

उन्होंने 76 रन सिर्फ बाउंड्री से हासिल कर लिए। अपनी शतकीय पारी के साथ ही उन्होंने कई रिकॉर्ड्स को तोड़ा तथा नये रिकॉर्ड्स भी बनाए। कप्तान हरमनप्रीत ने पहले 50 रन 33 गेंदों में और अगले 50 रन मात्र 16 गेंदों में ही बना डाले थे।


हरमनप्रीत के रिकॉर्ड्स 

✤ हरमनप्रीत कौर भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं जिसने टी20 इंटरनेशनल में शतक ठोका है। उन्होंने मिताली राज के 97 रन के स्कोर को पीछे छोड़ा।

✤ हरमनप्रीत कौर वर्ल्ड टी20 में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान हैं। वैसे यह कारनामा करने वाली वो दुनिया की महज तीसरी कप्तान हैं।

✤ हरमनप्रीत कौर ने वर्ल्ड टी20 में भारत की ओर से सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।

✤ इससे पहले उन्होने साल 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ 77 रनों की पारी खेली थी।

✤ हरमनप्रीत कौर टी20 इंटरनेशनल की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली भारतीय खिलाड़ी हैं (हरमनप्रीत ने अपनी शतकीय पारी में 8 छक्के लगाए।)। 

✤ विश्वभर की बात करें तो डॉटिन ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2010 में अपनी पारी में 9 छक्के लगाए थे।


हरमनप्रीत कौर के बारे में

✤ हरमनप्रीत कौर का जन्म 8 मार्च 1989 में पंजाब के मोगा में हुआ था। हरमनप्रीत एक ऑल-राउंडर खिलाड़ी हैं।

✤ हरमनप्रीत कौर ने अपना पहला टेस्ट मैच अगस्त 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था।

✤ हरमनप्रीत कौर ने साल 2014 में अपना पहला वनडे पाकिस्तान के खिलाफ खेला था।

✤ हरमनप्रीत ने वर्ष 2016 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 31 गेंदों में 46 रनों की पारी खेलकर हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा था।

✤ जून 2009 में उन्होंने ट्वेंटी-20 क्रिकेट में पदार्पण किया था।

Friday, 9 November 2018

रेल मंत्रालय ने अनरिजर्व्ड मोबाइल टिकटिंग सुविधा लांच की


केन्द्रीय रेल मंत्रालय ने टिकट लेने के लिए लंबी-लंबी लाइनों से छुटकारा दिलाने को लेकर रेलयात्रियों के लिए यूटीएस (अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम) मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से यात्री अपने एंड्रायड मोबाइल पर ही टिकट बुक कर सकता है।

इस ऐप की सहायता से अनारक्षित टिकट, सीजन टिकट तथा प्लेटफार्म टिकट की बुकिंग की जा सकती है। अब यात्रियों को टिकट लेने के लिए लम्बी कतारों में खड़ा रहने की आवश्यकता नहीं होगी।


टिकट पेपर रहित

यह टिकट पेपर रहित होगा। इससे कागज की बर्बादी नहीं होगी वहीं पर्यावरण को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे जहाँ प्लेटफार्म टिकट, अनारक्षित (जनरल) टिकट व मासिक पास भी बनवाया जा सकता है।


फायदे

इस ऐप के द्वारा टिकट खिड़की पर लगने वाली लंबी लाइन से छुटकारा मिलेगा। टिकट पेपर रहित होने से पर्यावरण को बढ़ावा होगा। इस ऐप के द्वारा टीटीई को टिकट दिखाने के लिए इंटरनेट की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सेवा कैशलेस है। डिजिटल पेमेंट से ही टिकट बुक होगी। लंबी दूरी की ट्रेन का भी अनारक्षित (जनरल) टिकट बुक किया जा सकेगा। रेल वॉलेट, डेबिट, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, यूपीआई या ई-वॉलेट से भी टिकट बुक की जा सकती है।


अनरिजर्व्ड मोबाइल टिकटिंग सुविधा

इस सुविधा का लाभ ‘यूटीएस मोबाइल ऐप’ के द्वारा उठाया जा सकता है, यह एप्प एंड्राइड, iOS तथा विंडोज स्टोर पर उपलब्ध है। उपभोक्ता को इस मोबाइल ऐप को डाउनलोड करके ऐप पर पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण के बाद उपभोक्ता को यूजर-आईडी तथा पासवर्ड दिया जायेगा, इसके द्वारा यूजर लॉग इन कर सकता है।

इस ऐप पर आर-वॉलेट, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेटबैंकिंग, UPI तथा अन्य ई-वॉलेट के द्वारा भुगतान किया जा सकता है। इस ऐप के द्वारा टिकट बुकिंग की प्रक्रिया निर्बाध होकर चलती रहेगी। अब यात्रियों को टिकट लेने के लिए लम्बी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा।


तीन घंटे पहले बुक टिकट रहेगा वैध

इस ऐप के जरिए ट्रेन के निर्धारित समय से तीन घंटे पूर्व तक बुक टिकट वैध रहेगा। तीन घंटे से पूर्व बुक टिकट मान्य नहीं रहेगा। यह ऐप जीपीएस के माध्यम से काम करेगा। ऐप के माध्यम से टिकट रेलवे स्टेशन के 20-30 मीटर के दायरे में बुक होगा। जब टीटी टिकट जांच के लिए आएंगे तो यूटीएस मोबाइल ऐप में शो टिकट के ऑप्शन में जाकर अपनी यात्रा टिकट दिखा सकेंगे।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने ऑपरेशन ग्रीन के लिए मार्ग-निर्देश जारी किए


केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने 05 नवम्बर 2018 को  ऑपरेशन ग्रीन के लिए संचालन संबंधी उपायों को अपनी मंजूरी दे दी है।

देशभर में पूरे वर्ष तक मूल्यों में उतार-चढ़ाव के बिना टमाटर, प्याज और आलू की आपूर्ति और उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार ने 2018-19 के बजट भाषण में 500 करोड़ रूपये की लागत से ऑपरेशन ग्रीन की घोषणा की थी।

मंत्रालय द्वारा किए गए उपायों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:-

(I) लघुकालिक मूल्य स्थिरीकरण उपाय

मूल्य स्थिरीकरण उपाय को लागू करने में नेफेड शीर्ष एजेंसी होगा। निम्नलिखित दो घटकों पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय 50 प्रतिशत सब्सिडी देगा।

i.     उत्पादन से लेकर भंडार तक आलू, प्याज और टमाटर फसलों की ढुलाई;

ii.    टमाटर, प्याज और आलू फसलों के लिए समुचित भंडार सुविधाओं का किराया; 


(II)   दीर्घकालिक समन्वित मूल्य श्रृंखला विकास परियोजना

i.     किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और उनके केंद्रों का क्षमता निर्माण

ii.    गुणवत्ता्पूर्ण उत्पादन

iii.   फसल पश्चात प्रसंस्करण सुविधा

iv.    कृषि उपस्कर

v.     विपणन / उपभोग केंद्र

vi.    टमाटर, प्याज और आलू फसलों की मांग और आपूर्ति प्रबंधन के लिए ई-प्लेटफॉर्म का निर्माण और प्रबंधन

सभी क्षेत्रों में पात्र परियोजना लागत के 50 प्रतिशत की दर से अनुदान सहायता इस प्रणाली में शामिल होगी, बशर्ते प्रति परियोजना अधिकतम 50 करोड़ रूपये हो। पात्र संगठन में राज्‍य कृषि और अन्‍य विपणन परिसंघ, किसान उत्‍पादक संगठन, सहकारी संगठन, कंपनी, स्‍व-सहायता समूह, खाद्य प्रसंस्‍करणकर्ता, उपस्‍कर ऑपरेटर, सेवाप्रदाता, आपूर्ति श्रृंखला ऑपरेटर, खुदरा और थोक श्रृंखला तथा केंद्रीय और राज्‍य सरकार तथा उनकी इकाइयां/संगठन शामिल हैं, जो इस कार्यक्रम में भाग लेने के साथ ही वित्‍तीय सहायता प्राप्‍त करने के लिए पात्र होंगे।

Thursday, 8 November 2018

चलता-फिरता सुपर कम्प्यूटर थी स्टीफन हॉकिंग की व्हील चेयर

Stephen Hawking's Wheelchair (Author : Rajeev Ranjan)


स्टीफन हॉकिंग ने अपने लिए खासतौर पर बनाई गई कस्टम इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर का इस्तेमाल 1980 से शुरू किया। धीरे धीरे उनकी व्हीलचेयर से तमाम तकनीक जुड़ती गईं।
    
स्टीफन हॉकिंग का नाम लेते एक ऐसा शख्स याद आता है, जो व्हीलचेयर पर बैठा हुआ है। अब हॉकिंग के निधन के बाद उनकी ये व्हीलचेयर नीलाम होने वाली है। वो व्हीलचेयर पर इसलिए बैठे रहते थे क्योंकि उन्हें मोटर न्यूरोन नाम की बीमारी थी। इस बीमारी में शरीर के अधिकतर अंग काम करना बंद कर देते हैं। पीड़ित चलने-फिरने के साथ बोलने से भी लाचार हो जाता है। लेकिन स्टीफन की व्हील चेयर कुछ इस तरह बनी थी कि वो उनके लिए बोलती भी थी और उनकी बातों को समझती भी थी। वो जो चाहते थे, वो लिखती भी थी। दूसरों से संपर्क भी साधती थी। इस व्हील चेयर को वो कार की तरह तेज भगा भी सकते थे।

स्टीफन हॉकिंग ने अपने लिए खासतौर पर बनाई गई कस्टम इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर का इस्तेमाल 1980 से शुरू किया। धीरे धीरे उनकी व्हीलचेयर से तमाम तकनीक जुड़ती गईं. जो हाई-टेक, कंप्यूटर जेनरेटेड थी। इसी के सहारे वो दुनियाभर से जुड़े भी रहते थे और अपने सारे काम भी कर लेते थे. कहा जा सकता है कि ये दुनिया की सबसे स्मार्ट व्हील चेयर है।

स्पीच सिंथेसाइजर- हाकिंग की व्‍हीलचेयर में ऐसे इक्विपमेंट्स थे, जिनके जरिए वे विज्ञान के अनसुलझे रहस्यों के बारे में दुनिया को बताते थे। चेयर के साथ कम्प्यूटर और स्पीच सिंथेसाइजर लगा था, इसी के सहारे हाकिंग पूरी दुनिया से बातें करते थे। ये उनके इशारों और जबड़े के मूवमेंट को आवाज में बदलती थी।

इंफ्रारेड ब्लिंक स्विच-व्हीलचेयर पर इंफ्रारेड ब्लिंक स्विच था, जो उनके चश्मे से जुड़ा था। हॉकिंग के जबड़े और आंख के इशारे से यह मशीन उनकी बातें पढ़कर डिस्‍प्‍ले बोर्ड पर लिख देती थी। यानि वो आंखों को घुमाकर ही कुर्सी को बता देते थे कि क्या लिखना है और कुर्सी पलक झपकते ये कर डालती थी।

विंडो टैबलेट- व्‍हीलचेयर पर लगा विंडो टैबलेट पीसी सिंगल स्विच से चलता था।  इसमें लगी इंटरफेस तकनीक (ई-जेड) ऑनस्‍क्रीन बोर्ड के अक्षर को स्कैन करती थी। हॉकिंग के जबड़े के मूमेंट से ही ई-जेड का सेंसर गतिविधि का पता लगा लेता था। इसी से वे ई-मेल पढ़ते और गूगल सर्च करते थे।

एल्गोरिदम- एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस बीमारी की वजह से उनके हाथों की पकड़ बेहद कम हो गई थी। जाहिर है उसका असर उनकी टाइपिंग स्पीड पर भी था। वे एक मिनट में एक या दो शब्द टाइप कर पाते थे। चेयर में लगा एल्गोरिदम हॉकिंग की वॉकैब्यूलरी और राइटिंग स्टाइल को बखूबी समझता था। जिससे उसे उन्हीं शब्दों का पूर्वानुमान करता था, जो वे लिखना चाह रहे होते थे. वो उनके लिए तेजी से कुछ भी लिख डालता था।

माउस, सिनथेसाइजर- स्टीफन जो वाक्य लिखना चाहते थे, उसके पूरा होने के बाद सिनथेसाइजर उस टेक्स्ट को फौरन अमेरिकन, स्कैनडिनैनियन और स्कॉटिश एक्सेंट में तबदील कर दिया करता था। वही टेक्नोलॉजी उन्हें एक माउस इस्तेमाल करने की इजाजत भी देती थी, जिससे वे व्हीलचेयर से जुड़े हर सिस्ट्म को चला सकते थे।

हॉकिंग की आवाज- हॉकिंग की आवाज यू.एस के साइंटिस्ट डेनिस क्लैट ने हॉकिंग की स्पीच के आधार पर ही डेवलप की थी।

स्‍काइप कॉल-स्टीफन कुर्सी पर से ही स्‍काइप कॉल करते थे। कंपनी इंटेल ने उनके लिए यह व्‍हीलचेयर और कम्‍प्‍यूटर तैयार किया था। वे Firefox और मेल के लिए Eudora का इस्तेमाल करते थे। इंटेल i7 प्रोसेसर ने उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस की इजाजत भी दे रखी थी।

हॉकिंग की कुर्सी में लगे सभी इक्विप्मेंट को हमेशा अपडेट और अपग्रेड किया जाता था। इंटेल कंपनी की तरफ से कंप्यूटर इंजीनियर्स की एक टीम हमेशा स्टीफन के फेशियल एक्सप्रेशन में आई तब्दीली के मुताबिक तकनीकी बदलाव करती रहती थी।

8mph की स्पीड- स्वीडन में बनी ये व्हीलचेयर एक बार चार्ज होने के बाद 8mph की स्पीड से 20 माइल्स दौड़ सकती थी। व्हीलचेयर मोटर से चलती थी। जिसे वे कार की तरह भगाते थे। स्टीफन की बॉयोग्राफी लिखने वाली प्रोफेसर क्रिस्टीन एम लार्सन ने एक इंटरव्यू में बताया, "मैने उन्हें वाइल्ड तरीके से व्हीलचेयर दौड़ाते देखा है। अक्सर वो अपनी व्हील चेयर के साथ डांस करते लगते थे।"

गालों की मूमेंट रीड करने वाला कंप्यूटर- दुनियाभर की तकनीकों से युक्त चेयर में लेनोवो का कंप्यूटर लगा था। जो चाइना से आया था। उनके गालों की मूमेंट रीड करने के लिए लगा सेंसर अमेरिका में बना था।

Monday, 5 November 2018

ट्राफिक (TRAFFIC) द्वारा त्योहारों के दौरान उल्लू की बलि रोकने की अपील


भारत में त्योहारों के दौरान उल्लू की आनुष्ठानिक बलि देने की तांत्रिक परंपरा रही है। दशहरा से लेकर दीवाली तक उल्लू को अवैध तरीके से फंसाकर बलि दी जाती है। इसी के मद्देनजर वन्यजीव व्यापार निगरानी नेटवर्क ‘ट्राफिक’ (TRAFFIC) ने भारत में कानून प्र्रवर्तन एजेंसियों से उल्लूओं पर निगरानी बढ़ाने का परामर्श जारी किया है। ‘इम्पेरिल्ड कस्टडियंस ऑफ नाइट’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में ट्राफिक ने कहा है कि भारत में कई उद्देश्यों से उल्लूओं का गैर-कानूनी व्यापार किया जाता है। इनमें शामिल हैंः काला जादू, प्रदर्शनी, भोजन, स्थानीय चिकित्सा इत्यादि।

उल्लू, विशेष रूप से कान वाले उल्लू को ‘बड़ी जादूई शक्ति’ वाला माना जाता है और दीवाली की रात इसकी बलि को शुभ होने का दावा किया जाता है।


उल्लू प्रजाति

भारत में उल्लूओं की 30 प्रजातियों पाई जाती हैं जिनमें से 15 का गैर-कानूनी व्यापार किया जाता है। स्पॉटेड उल्लू (Athene brama), बार्न उल्लू (Tyto alba) व रॉक इगल उल्लू (Bubo bengalensis) का सर्वाधिक अवैध व्यापार किया जाता है।

उल्लू को वन्यजीव सुरक्षा एक्ट के तहत संरक्षण प्राप्त है जो इसके व्यापार, शिकार या व्यापार को प्रतिबंधित करता है। इसके अलावा संकटापन्न प्रजाति के जीव जंतुओं के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कंवेंशन (Convention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora: CITES) ने भी इसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर प्रतिंध लगा रखा है। 


ट्राफिक

ट्राफिक (TRAFFIC) एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन है जो वन्यीवों एवं पौधों के जैव विविधता संरक्षण व सतत विकास के आलोक में अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर निगरानी रखता है। इसका वैश्विक कार्यालय कैंब्रिज में है।

कोरल रीफ को बचाने के लिए सनस्क्रीन को प्रतिबंधित करने वाला पलाऊ विश्व का पहला देश


🍀 पश्चिमी प्रशांत महासागरीय देश पलाऊ कोरल रीफ को बचाने के लिए विभिन्न प्रकार के सनस्क्रीन को प्रतिबंधित करने वाला विश्व का प्रथम देश बन गया है।

🍀 इस प्रतिबंध के तहत जो कि वर्ष 2020 में लागू होगा, ‘रीफ टॉक्सिक’ या प्रवाल विषाक्त सनस्क्रीन पर प्रतिबंध होगा। कोरल रीफ को नुकसान पहुंचाने वाले 10 प्रतिबंधित रसायनों में से एक का भी इस्तेमाल करने वाला सनस्क्रीन प्रतिबंधित होगा। इसके बेचने या प्रयोग करने पर 1000 डॉलर का दंड का प्रावधान किया गया है।

🍀 वैज्ञानिकों के अनुसार पर्यटकों द्वारा समुद्र में तैरते वक्त सनस्क्रीन से रसायन निकलता है जो कोरल रीफ को नुकसान पहुंचाता है। वर्ष 2017 की रिपोर्ट में पलाऊ की जेलीफिश झील, जो कि यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है, में सनस्क्रीन उत्पाद पाए गऐ थे।

🍀 एक अनुमान के अनुसार विश्व के महासागरों में प्रतिवर्ष 14,000 टन का सनस्क्रीन जमा होता है जिनका कोरल रीफ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

🍀 उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हवाई मई 2018 में पहला अमेरिकी राज्य बना था जिसने ऑक्सीबेंजोन या ऑक्टीनोक्सेट नामक रसायन युक्त सनस्क्रीन की बिक्री को प्रतिबंधित किया था। हवाई में यह प्रतिबंध जनवरी 2021 में लागू होगा। 

धर्म गार्जियन-2018: भारत और जापान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास मिजोरम में शुरू हुआ


भारत और जापान सैन्‍य सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रथम संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास ‘धर्म गार्जियन-2018’ का आयोजन मिजोरम में शुरू हो चूका हैं। यह आयोजन 01 नवम्‍बर से 14 नवम्‍बर 2018 तक मिजोरम के वैरेंटे में स्थित काउंटर इन्‍सर्जेंसी वारफेयर स्‍कूल में हो रहा है।

इस सैन्‍य अभ्‍यास में भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्‍फ डिफेंस फोर्स भाग ले रहे हैं। भारत और जापान की सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए पहली बार यह संयुक्त सैन्य अभ्यास हो रहा हैं।

भारतीय दल का प्रतिनिधित्‍व 6/1 गोरखा रायफल्‍स और जापानी दल का प्रतिनिधित्‍व जापान ग्राउंड सेल्‍फ डिफेंस फोर्स की 32 इन्‍फैंट्री रेजीमेंट द्वारा किया जा रहा है। इस सैन्य अभ्यास से भारत और जापान की सेनाओं को सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वय भी बेहतर होगा।


संयुक्त सैन्य अभ्यास

🔥 इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में जंगली इलाके में युधाभ्यास किया जा रहा हैं। इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटर-ओपेराबिलिटी को बढ़ावा देना हैं।

🔥 इस युद्ध अभ्यास में दोनों देशों की सेनाएं युद्ध की स्थिति के लिए अभ्यास करेंगी तथा युद्ध के मध्यनजर योजना निर्माण तथा उसके क्रियान्वयन का अभ्यास भी करेंगी।

🔥 इस दौरान दोनों देशों से सुरक्षा विशेषज्ञ सेना के कार्य सम्बन्धी विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा करेंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग सहित सामरिक संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्‍वपूर्ण कदम है।

🔥 इस संयुक्त सैन्य अभ्यास से दोनों देशों के बीच आपसी सम्बन्ध बेहतर होंगे तथा आतंकवाद के विरुद्ध लड़ने में सहायता मिलेगी।

🔥 इस सैन्‍य अभ्‍यास से पारंस्‍परिक समझ विकसित करने और एक दूसरे की सेनाओं के प्रति सम्‍मान भाव उत्‍पन्‍न करने में काफी मदद मिलेगी।

🔥 इससे आतंकवाद से जुड़े वैश्विक घटनाक्रम पर करीबी नजर रखने में भी आसानी होगी। भारत और जापान के प्रगतिशील सबंधों में यह एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। यह अभ्यास जापान की थल सेना के साथ पहला सैनिक अभ्यास हैं।

भारत-जापान ने तुरगा पनबिजली समझौते पर हस्ताक्षर किये


भारत एवं जापान के प्रतिनिधियों के मध्य हाल ही में 1,817 करोड़ रुपये का पनबिजली समझौता हस्ताक्षरित किया गया। यह समझौता तुरगा पनबिजली परियोजना के लिए किया गया। इस परियोजना के तहत तुरगा पंपडस्टोरेज पनबिजली परियोजना का निर्माण किया जायेगा।

यह आशा की जा रही है कि तुरगा पनबिजली परियोजना के पूरा के होने के बाद पश्चिम बंगाल में औद्योगिक विकास तथा जीवन-यापन स्तर में सुधार देखने को मिल सकता है।


तुरगा पनबिजली परियोजना के प्रमुख तथ्य

💡 तुरगा पनबिजली परियोजना समझौते पर भारत सरकार की ओर से केन्द्रीय वित्त मंत्रालय तथा जापान की ओर से जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) के मुख्य प्रतिनिधि कात्सुओ मात्सुमोतो ने हस्ताक्षर किये।

💡 इस परियोजना का उद्देश्य विद्युत् मांग को पूरा करना है।

💡 इस परियोजना से औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

💡 यह माना जा रहा है कि तुरगा पनबिजली परियोजना से पश्चिम बंगाल के स्थानीय क्षेत्रों में बिजली की कमी की समस्या से निजात मिलेगी।


पनबिजली उर्जा क्या होती है?

बहते हुए या गिरते हुए जल की उर्जा से जो विद्युत उत्पन्न की जाती है उसे पनबिजली अथवा जलविद्युत कहते हैं। वर्ष 2005 में विश्व भर में लगभग 816 गीगावाट इलेक्ट्रिकल जलविद्युत उर्जा उत्पन्न की जाती थी जो कि विश्व की सम्पूर्ण विद्युत उर्जा का लगभग 20 प्रतिशत है। यह बिजली उत्पादन प्रक्रिया प्रदूषण रहित होती है और पर्यावरण के अनुकूल होती है।


पनबिजली उर्जा प्रक्रिया

बाँध के ऊपर एक अग्रताल बनाया जाता है, जहाँ से पानी खुली नहर अथवा नलों द्वारा बिजलीघर तक ले जाया जाता है। यह पानी बिजलीघर में स्थित बड़े बड़े टरबाइनों को चलाता है, जिनसे योजित जनित्रों में विद्युत् शक्ति का जनन होता है। टरबाइन, सीमेंट कंक्रीट के बने ड्राफ़्टट्यूब के मुख पर अवस्थित होता है। पानी गाइड वेन में होता हुआ टरबाइन के ब्लेडों को घुमाता है और इस प्रकार अपने निहित ऊर्जा का टरबाइन के चलाने में उपयोग करता है। चलते हुए टरबाइन की यांत्रिक ऊर्जा विद्युत् ऊर्जा में रूपांतरित कर दी जाती है और इस प्रकार जल में निहित ऊर्जा जलविद्युत् का रूप ले लेती है।


भारत और जापान संबंध

भारत और जापान के बीच 1958 से द्विपक्षीय सम्बन्ध फलीभूत हुए हैं। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग में काफी वृद्धि हुई है। इससे दोनों देशों के सामरिक, आर्थिक तथा वैश्विक सहयोग में भी सुदृढ़ता देखने को मिली है।

Sunday, 4 November 2018

"बिहार की भाषाएँ एवं बोलियाँ"

"Languages ​​and dialects of Bihar" (Author : R. Ranjan)

   बिहार की राजभाषा हिन्दी तथा द्वितीय राजभाषा उर्दू है। बिहार में बोली जाने वाली भाषाओं और बोलियों में अंगिका, भोजपुरी, मैथिली, मगही, और वज्जिका, प्रमुख हैं।     अंगिका :- इस भाषा को भागलपुरी भाषा भी कहा जाता है। अंगिका भाषा दुमका, देवधर, गोड्डा, सोहबगंज, मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया आदि जिलों में बोली जाती है। इसके बोलने वालों की संख्या 1.12 करोड़ है।    भोजपुरी :- यह भाषा बिहार के मुख्यतः रोहतास, भोजपुर, बक्‍सर, कैमूर, सारण, सीवान, गोपलगंज और पश्‍चिमी चम्पारण में बोली जाती है। बिहार में भोजपुरी बोलने वालों की संख्या करीब 1 करोड़ 10 लाख है। भोजपुरी भाषा में अनेक फिल्मों के निर्माण से इसके प्रचार-प्रसार में वृद्धि हुई है।    मैथिली :- यह भाषा बिहार की भाषाओं में सबसे उन्‍नत और विकसित है। कवि कोकिल विद्यापति इस भाषा के सर्वोपरि कवि हैं। मैथिली भाषा दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, मधेपुरा, सहरसा, सीतामढ़ी व पूर्णिया जिलों में बोली जाती हैं। लिग्‍इवंस्टिक सर्वे ऑफ इण्डिया के अनुसार मैथिली भाषा को बोलने वालों की संख्या 1 करोड़ है।    मगही :- मगही बोलने वालों की जनसंख्याकरीब 75 लाख है। यह भाषा गया, पटना, जहानाबाद, नवादा, मुंगेर, हजारीबाग और पलामू जिलों में बोली जाती है। लेकिन पटना और गया जिले में सबसे अधिक बोली जाती है।    वज्जिका :- वज्जिका वैशाली एवं मुजफ्फरपुर जिले की भाषा है। यह भाषा सम्पूर्ण मुजफ्फरपुर, चम्पारण का पूर्वी क्षेत्र आदि क्षेत्र में बोली जाती हैं। वज्जिका का क्षेत्र करीब चौबालीस सौ वर्ग मील फैला है। वज्जिका भाषा की बोलने वालों की संख्या करीब 62 लाख है।    इनके अतिरिक्‍त थारु भाषा भी बोली जाती है। पहाड़ी भाषाओं में संथाली, मुंडारी, और उरॉव आदि प्रमुख है।

बिहार की राजभाषा हिन्दी तथा द्वितीय राजभाषा उर्दू है। बिहार में बोली जाने वाली भाषाओं और बोलियों में अंगिका, भोजपुरी, मैथिली, मगही, और वज्जिका, प्रमुख हैं। 

अंगिका :- इस भाषा को भागलपुरी भाषा भी कहा जाता है। अंगिका भाषा दुमका, देवधर, गोड्डा, सोहबगंज, मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया आदि जिलों में बोली जाती है। इसके बोलने वालों की संख्या 1.12 करोड़ है।

भोजपुरी :- यह भाषा बिहार के मुख्यतः रोहतास, भोजपुर, बक्‍सर, कैमूर, सारण, सीवान, गोपलगंज और पश्‍चिमी चम्पारण में बोली जाती है। बिहार में भोजपुरी बोलने वालों की संख्या करीब 1 करोड़ 10 लाख है। भोजपुरी भाषा में अनेक फिल्मों के निर्माण से इसके प्रचार-प्रसार में वृद्धि हुई है।

मैथिली :- यह भाषा बिहार की भाषाओं में सबसे उन्‍नत और विकसित है। कवि कोकिल विद्यापति इस भाषा के सर्वोपरि कवि हैं। मैथिली भाषा दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, मधेपुरा, सहरसा, सीतामढ़ी व पूर्णिया जिलों में बोली जाती हैं। लिग्‍इवंस्टिक सर्वे ऑफ इण्डिया के अनुसार मैथिली भाषा को बोलने वालों की संख्या 1 करोड़ है।

मगही :- मगही बोलने वालों की जनसंख्या करीब 75 लाख है। यह भाषा गया, पटना, जहानाबाद, नवादा, मुंगेर, हजारीबाग और पलामू जिलों में बोली जाती है। लेकिन पटना और गया जिले में सबसे अधिक बोली जाती है।

वज्जिका :- वज्जिका वैशाली एवं मुजफ्फरपुर जिले की भाषा है। यह भाषा सम्पूर्ण मुजफ्फरपुर, चम्पारण का पूर्वी क्षेत्र आदि क्षेत्र में बोली जाती हैं। वज्जिका का क्षेत्र करीब चौबालीस सौ वर्ग मील फैला है। वज्जिका भाषा की बोलने वालों की संख्या करीब 62 लाख है।

इनके अतिरिक्‍त थारु भाषा भी बोली जाती है। पहाड़ी भाषाओं में संथाली, मुंडारी, और उरॉव आदि प्रमुख है।

Saturday, 3 November 2018

बौद्ध धर्म ने मानव दुखों के संबंध में न केवल नवीन अंतर्दृष्टि और व्यावहारिक दृष्टिकोण दिया है बल्कि कला और स्थापत्य के क्षेत्र में एक संपन्न विरासत भी प्रदान की है। टिप्पणी करें।


वैदिकोत्तर समय में उपस्थित वर्ण व्यवस्था, कर्मकाण्डीय उद्भव, सामाजिक असमानता व शोषण के विरुद्ध बौद्ध धर्म का उदय हुआ। बौद्ध धर्म ने ईसा-पूर्व छठी सदी में भारत की जनता की समस्याओं का व्यावहारिक ढंग से निवारण करने का प्रयास किया।


मानवीय समस्याओं का समाधान

☸ तत्कालीन समय में उपस्थित सामाजिक असमानता को दूर करने हेतु बौद्ध धर्म में अपरिग्रह अर्थात् धन संचय न करने का उपदेश दिया गया जो व्यावहारिक समाधान था।

☸ घृणा, क्रूरता, हिंसा व दरिद्रता से अनुप्राणित होती है। इन बुराइयों को दूर करने के लिये किसानों को बीज और अन्य सुविधाएँ, व्यापारियों को धन व श्रमिकों के लिये मजदूरी जैसे समाधान प्रस्तुत किये गए। इन उपायों की अनुशंसा सांसारिक दरिद्रता को दूर करने के लिये की गई।

☸ बौद्ध धर्म ने अहिंसा और जीवमात्र के प्रति दयाभाव को जगाकर देश में पशुधन की वृद्धि की जो किसानों के लिये लाभप्रद था।

☸ बौद्ध धर्म ने बौद्धिक और साहित्यिक जगत को तर्क आधारित गुण-दोष विवेचना हेतु प्रेरित करके अंध विश्वास को कम करने का प्रयास किया।

☸ बौद्ध धर्म ने स्त्रियों व शूद्रों (दलितों) के लिये अपने द्वार खोलकर समाज पर गहरा प्रभाव डाला। उपदेशात्मक प्रवृत्ति से इतर यह कदम अधिक व्यावहारिक व प्रभावी था।

मानवीय समस्याओं के समाधान के अतिरिक्त बौद्ध धर्म ने कला व स्थापत्य कला को भी प्रभावित किया जो इस प्रकार हैः-

☸ बौद्ध धर्म के फलस्वरूप स्तूपों, विहारों, चैत्यों का निर्माण हुआ। इसमें सांची, भरहुत, सारनाथ का प्रमुख स्थान है।

☸  बौद्ध धर्म का स्पष्ट प्रभाव अजंता, एलोरा के साथ-साथ गांधार, मथुरा व अमरावती शैली पर देखा जा सकता है।

☸ बौद्ध धर्म ने पालि भाषा में साहित्य को लिखकर, इसे समृद्ध किया।

निष्कर्षतः बौद्ध धर्म ने तत्कालीन मानवीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के साथ-साथ भारतीय कला व स्थापत्य को भी एक नई दिशा प्रदान की।

63वीं मुख्य परीक्षा (BPSC) के संभावित प्रश्न

Possible questions of 63rd Main Examination (BPSC)


BPSC GS mains के भारतीय राष्ट्रिय आंदोलन और बिहार के संस्कृति 
प्रश्न : पाल कला की विशेषताओं की चर्चा करें।
प्रश्न : पाल कला की मूर्ति कला की विस्तार से चर्चा करें।
पहले में आपको पाल कला की सभी पहलू यानि चित्रकला, स्थापत्य कला और मूर्ति कला तीनों की चर्चा करना है। और दूसरे प्रश्न में सिर्फ मूर्ति कला का जो प्रश्न आ सकता है।
प्रश्न : पटना कलम की प्रमुख विशेषताओं को लिखे। 
या 
प्रश्न : मधुबनी पेंटिंग की विशेषता  को लिखे।
पर कभी कभी बिहार की कला और चित्रकला पर निबंधात्मक लेख भी पूछ देता है। तब मौर्य कला, गुप्त कला, पाल कला, पटना कलम, मधुबनी और मंजूषा कला और गौथिक और हॉलैंड कला से आधुनिक कला तक लिखना पड़ेगा संक्षिप्त में.. 
प्रश्न : गांधी, नेहरू और टैगोर में से एक तैयार करें।
इसके विभिन्न पहलू पर विशेषकर गांधी के विचार और राष्ट्रीय आंदोलन  में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
प्रश्न : आजाद दस्ता पर टिप्पणी करें। जयप्रकाश नारायण की भूमिका भारत छोड़ों आंदोलन के सन्दर्भ में चर्चा करें।
प्रश्न : जनजातीय विद्रोह के कारण स्वरूप और परिणाम की चर्चा करें।
प्रश्न : सिद्धू कान्हू के सन्थाल विद्रोह की संक्षिप्त चर्चा करें।
प्रश्न : किसान आंदोलन के कारण स्वरूप एवम् परिणाम विशेषकर राष्ट्रीय आंदोलन के सन्दर्भ में। और स्वामी सहजानंद की भूमिका किसान आंदोलन में। 
प्रश्न : 1857 के विद्रोह के कारण स्वरूप परिणाम की चर्चा करें।
प्रश्न : चंपारण सत्याग्रह पर टिप्पणी तैयार कर लें।
प्रश्न :  स्वतन्त्रता संग्राम में बिहार की महिलाओं की भूमिका की विवेचना करें।
प्रश्न : पृथक बिहार राज्य आंदोलन का विकास एवम् सच्चिदानंद सिन्हा की इसमें भूमिका की चर्चा करें।
प्रश्न 13 :  बिहार में पश्चात्य शिक्षा का प्रसार की संक्षिप्त चर्चा करें।
बस सेक्शन 1st में अब तक इस पेज पर दिए गए प्रश्न काफी हैं।

राज्यव्यवस्था  
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प्रश्न : प्रस्तावना का अर्थ स्वरूप और महत्व को देखें।
प्रश्न : मौलिक अधिकार की संक्षिप्त चर्चा करें और उसकी विशेषताओं को रेखांकित करें।
प्रश्न :  संवैधानिक उपचार का अधिकार की चर्चा करें और महत्व की चर्चा करें।
प्रश्न : मौलिक कर्तव्य की विशेषता की चर्चा करें तथा मौलिक अधिकार से तुलनात्मक अध्ययन करें।
प्रश्न : नीति निर्देशक तत्व की प्रमुख विशेषता और दर्शन की चर्चा करें।
प्रश्न : मौलिक अधिकार और नीति निर्देशक में क्या अंतर है दोनों में कौन सर्वश्रेष्ठ है या संवैधानिक स्थिति क्या है विशेषकर न्यायिक विवेचना के अलोक में।
प्रश्न : कैग की गठन एवम् कार्यप्रणाली की चर्चा करें। इसके  स्वतन्त्रता एवम् स्वायत्त बनाये रखने के लिए क्या प्रावधान किये गए है । हाल के विवाद के सन्दर्भ में समीक्षा करें।
प्रश्न : मुख्यमंत्री के गठन एवम् कार्य की चर्चा करें । हाल में बिहार में विवाद के सन्दर्भ में मुख्यमंत्री एवम् राज्यपाल के बीच तनाव के सन्दर्भ में समीक्षा करें।
प्रश्न : विधानसभा अध्यक्ष और राज्यपाल का टकराव को विधायिका की शक्ति के सन्दर्भ में व्यख्या करें ।
प्रश्न : बिहार में विधान सभा चुनाव 2015 के जनादेश के क्या निहितार्थ है विवेचना करें।
प्रश्न : नीति आयोग, और GST के पहलू पर केंद्र राज्य सम्बन्धों की विवेचना करें। विशेषकर आर्थिक पहलू के सन्दर्भ पर।
प्रश्न : बिहार में पंचायती राज प्रणाली की संक्षिप्त चर्चा करें। इन्हें और अधिकार दिया जाना चाहिए आप सुझाव दे। 
टेल जोड़ सकता है की बिहार में पंचायती राज प्रणाली की क्या भूमिका है समाज के विभिन्न समूह के सशक्तिकरण में। विशेषकर महिला सशक्तिकरण में इसकी भूमिका क्या है।
प्रश्न : न्यायपालिका पढ़ ले क्योंकि न्यायिक न्युक्ति आयोग के विवाद से ये पोर्शन महत्वपूर्ण है। न्यायिक सक्रियता वाला पहलू देखें।
प्रश्न : "आरक्षण का मुद्दा राजनीतिक दलो के वोट बैंक के दृष्टिकोण के अतिरिक्त कुछ नहीं है " शोषत वर्गों को समाजिक न्याय प्रदान करवाने के लिए आरक्षण के अतरिक्त क्या तरीका हो सकता है सुझाव दें।
प्रश्न : भारत की संघीय व्यवस्था का स्वरूप की चर्चा करें।
प्रश्न : 73 वें एवम् 74 वें संविधान संशोधन की चर्चा करें।
प्रश्न : जाति , धर्म की राजनीतिक में भूमिका की विवेचना करें। हाल की चुनावी राजनीतिक के परिप्रेक्ष्य में विवेचना करें।
प्रश्न : क्षेत्रवाद के कारण स्वरूप एवम् प्रभाव की चर्चा आज के राजनितिक परिप्रेक्ष्य में करें।
प्रश्न : सहकारी संघवाद से आप क्या समझते है। हाल के घटनाक्रम के सन्दर्भ में केंद्र राज्य सम्बन्ध में इसके क्या आयाम है।
प्रश्न : नक्सलवाद के कारण स्वरूप परिणाम।
प्रश्न : महिला सशक्तिकरण के लिए बिहार सरकार द्वारा उठाये गए कदम क्या है इसका क्या प्रभाव समाजिक क्षेत्र में पड़ सकता है।
प्रश्न : मद्य निषेध की समस्या को रेखांकित करें। इसका क्या प्रभाव है बिहार सरकार द्वारा हाल में उठाये गए कदम की चर्चा करें। इसका क्या राजस्व पर प्रभाव पड़ेगा आकलन करें।
प्रश्न : राजनीतिक दल के मान्यता सम्बन्धी प्रावधान की चर्चा करें। दल बदल कानून की व्यवस्था क्या है। क्या दल बदल रोकने में ये सफल है।
प्रश्न : क्षेत्रीय दल के उदय के कारण और प्रभाव की समीक्षा करें।
प्रश्न : विपक्ष की भूमिका लोकतान्त्रिक प्रणाली में क्या है। क्या भारतीय राजनितिक प्रणाली में विपक्ष अपनी भूमिका का निर्वहन कर पा रहा है।
प्रश्न : संविधान की बुनियादी ढाँचा की न्याययिक समीक्षा।
प्रश्न :  चुनाव प्रणाली एवम् लोकतन्त्र की स्थित।
प्रश्न : गठबंधन सरकार की खूबी खामी ... आज की जरूरत के सन्दर्भ में समीक्षा करें।
प्रश्न : राज्यों के निर्माण से जुड़े प्रावधान एवम् छोटे राज्यों की प्रसांगिकता क्या है। समीक्षा करें । 
Note:- 64th BPSC (PT) के लिए ekawaz18 समसामयिकी (1 Oct 2017 to 15 Oct 2018) पढ़ना न भूलें। 

अर्थव्यवस्था एवम् भूगोल 
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प्रश्न : नीति आयोग क्या है। इसकी संरचना एवम् ढाँचा की रुपरेखा बताएं । तथा इसके कार्यों एवम् उद्धेश्यों को रेखांकित करें । क्या केंद्र - राज्य के संघीय ढाँचे को लेकर क्या आशंकाएँ है विवेचना करें।
टेल में योजना आयोग से कैसे अलग है जोड़ सकता है।
प्रश्न : 14 वें वित्त आयोग की प्रमुख सिफारिशों की समीक्षा करें। राज्यों को अपनी क्षमता को बढ़ाने का निर्देश को आप किस रूप में देखतें है।
प्रश्न : लघु एवम् कुटीर उद्योग की क्या समस्या एवम् चुनोती है। सरकार का इस दिशा में क्या प्रयास है। और इस सन्दर्भ में आपके क्या सुझाव हैं। 
Note:  बिहार के सन्दर्भ में भी इसकी स्थित एवम् सरकारी प्रयास पर नोट्स तैयार करना है।
यहाँ एक संक्षिप्त नोट्स औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2011 को भी देखना है ।
इस प्रश्न को तैयार करने में बिहार की औद्योगिक स्थित भी अपने आप तैयार हो जायेगा। अब एग्जाम में जैसा प्रश्न पूछे उत्तर देना है।
प्रश्न : बिहार के आर्थिक विकास से जुडी क्या समस्या एवम् चुनोतियाँ है। इसे दूर करने के हाल के सरकारी प्रयास को रेखांकित करें। आप क्या समाधान सुझायेंगे।
नितीश निश्चय को भी ध्यान में रखें।
प्रश्न :  GST  बिल क्या है। GST के लेकर क्या विवाद है? इसके लागु होने पर क्या प्रभाव हो सकते है।
प्रश्न : खाद्य सुरक्षा विधेयक के प्रमुख प्रावधान की चर्चा करें । इसकी आलोचनात्मक समीक्षा करें।
प्रश्न : भूमि अधिग्रहण बिल के प्रमुख प्रावधान क्या है। इससे जुड़े विवाद क्या है। इसके गुण एवम् दोषों की समीक्षा करें।
प्रश्न :  वैश्वीकरण का भारत की आर्थिक, समाजिक - संस्कृतिक प्रभाव की समीक्षा करें।
प्रश्न : बिहार के कृषि से जुडी कौन सी समस्याएँ है। सरकार द्वारा इस क्षेत्र में उठाये जा रहें कदमों की चर्चा करें। आप क्या तकनीकी सुझाव देंगे इसके विकास के लिए। 
तकनीकी सुझाव Sci & Tech में आ सकता है।
इसमें बिहार कृषि पैटर्न के बारे में जोड़ कर भी पूछ सकता है जो भूगोल का पार्ट है।
प्रश्न : चीनी उद्योगों से जुडी बिहार में कौन सी समस्या है। आप इन समस्याओं को दूर करने के उपाय बतावें।
प्रश्न : GST  बिल क्या है। GST के लेकर क्या विवाद है? इसके लागु होने पर क्या प्रभाव हो सकते है।
प्रश्न : खाद्य सुरक्षा विधेयक के प्रमुख प्रावधान की चर्चा करें। इसकी आलोचनात्मक समीक्षा करें।
प्रश्न : भूमि अधिग्रहण बिल के प्रमुख प्रावधान क्या है। इससे जुड़े विवाद क्या है। इसके गुण एवम् दोषों की समीक्षा करें।
प्रश्न : वैश्वीकरण का भारत की आर्थिक, समाजिक - संस्कृतिक प्रभाव की समीक्षा करें।
प्रश्न : बिहार के कृषि से जुडी कौन सी समस्याएँ है। सरकार द्वारा इस क्षेत्र में उठाये जा रहें कदमों की चर्चा करें। आप क्या तकनीकी सुझाव देंगे इसके विकास के लिए। 
तकनीकी सुझाव Sci & Tech में आ सकता है।
इसमें बिहार कृषि पैटर्न के बारे में जोड़ कर भी पूछ सकता है जो भूगोल का पार्ट है।
प्रश्न : चीनी उद्योगों से जुडी बिहार में कौन सी समस्या है। आप इन समस्याओं को दूर करने के उपाय बताएँ।
प्रश्न : बिहार की प्राकृतिक विभाजन का वर्णन करें।
प्रश्न : बिहार की भूगर्भिक संरचना का वर्णन करें।
प्रश्न : भारत की प्राकृतिक विभाजन का वर्णन करें।
प्रश्न : भारत की भूगर्भिक संरचना का वर्णन करें।
प्रश्न :  मानसून की उत्पत्ति के विभिन्न सिद्धान्तों की चर्चा करें। बिहार में उसके क्या आर्थिक प्रभाव है रेखांकित करें।
प्रश्न : "बिहार के आर्थिक विकास में ऊर्जा संसाधन एक समस्या है" इस क्षेत्र में बिहार सरकार द्वारा किये गए प्रयासों पर चर्चा करें।
प्रश्न : जनगणना के विभिन्न पहलू जैसे घनत्व, जनसंख्या, एवम् लिंगा अनुपात, साक्षरता एवम् इसके स्किल्ड क्षमता का बिहार के आर्थिक, समाजिक परिस्थितियों के सन्दर्भ में भूमिका की समीक्षा करें।
प्रश्न : भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की संभावनाओं  एवम् चुनोतियों का उल्लेख कीजिये। इसके सक्षम मौजूद प्रमुख चुनोतियों का समाधान करने के लिए सरकार को किस प्रकार के कदम उठाने चाहियें। बिहार के सन्दर्भ को लेते हुए समीक्षा करें।
प्रश्न : भारत में औद्योगिक निवेश लगातार कम होता जा रहा, इसके लिए उत्तरदायी प्रमुख कारण कौन से हैं?साथ ही बताइये की विकास में निवेश के साथ साथ शोध एवम् विकास पर ध्यान देना क्यों जरूरी है।
प्रश्न : " बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है।" यहाँ उद्योग के साथ कृषि भी पिछड़ी अवस्था में है। इन परिस्थितियों से बाहर निकलने के लिए सुझाव दें।
प्रश्न : बिहार में नगरीकरण एवम् ग्रामीण प्रतिरूप एवम् समस्या।
प्रश्न : महंगाई करण स्वरूप प्रभाव एवम् दूर करने के उपाय।
प्रश्न : काला धन या काली अर्थव्यवस्था क्या है। इसके विभिन्न आयामों की समीक्षा करें।
प्रश्न : खाद्य सुरक्षा बिल के प्रावधान क्या है। ये भारत खाद्य आपूर्ति को किस प्रकार प्रभावित कर सकता है।
प्रश्न : भूमि अधिग्रहण बिल के स्वरूप की चर्चा करें। कौन से विवाद है इसके। क्या आप सुझाव देंगे।
प्रश्न : भारत विनिवेश नीति क्या है। इसके स्वरूप एवम् प्रभाव की चर्चा करें। 
प्रश्न : बिहार के विकास को महिलाओं के सशक्तिकरण के द्वारा किस प्रकार प्रेरित क्या जा सकता है? बिहार सरकार के क्या प्रयास है इस सन्दर्भ में।
अर्थव्यवस्था एवम् भूगोल
प्रश्न : हिमालय की उत्पत्ति की विवेचना करें। एवम् इसके महत्व का परीक्षण करें।
प्रश्न : प्रायद्वीपीय भारतीय क्षेत्र की उत्पत्ति की विवेचना करें। और इसके महत्व का परीक्षण करें।
प्रश्न : हिमालय नदियाँ एवम् प्रायद्वीपीय नदियों की प्रमुख विशेषताओं की चर्चा करें। इसका आर्थिक महत्व क्या है।
प्रश्न : भारत में मिट्टी के प्रकारों की चर्चा करें। एवम् मृदा अपरदन के समस्या, कारण, निदान की चर्चा करें।
प्रश्न : बिहार में कृषिगत समस्याओं की चर्चा करें। इसके पिछड़ेपन के क्या कारण है। इसके समाधान का सुझाव दें।
प्रश्न : अनुबन्ध कृषि एवम् इससे जुड़े पहलू। या कृषि के सभी पहलू को देखे।
प्रश्न : जल संसाधन की वर्तमान स्थिति एवम् समस्या की चर्चा करें। राष्ट्रीय जल नीति 2011 क्या है। इसके संरक्षण के सम्बन्ध में क्या सुझाव दें।
प्रश्न : भारत में भूकंप जोन की चर्चा करें। हाल में आये भूकंप की चर्चा करते हुए इसके पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणाली की भारत में व्यवस्था की चर्चा करें। इसके लिए क्या क्या सावधानी अपनाई जा सकती है।
प्रश्न : भारत से सम्बन्धित प्रमुख आपदाओं (सुख, बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात, भूकंप, सुनामी, इत्यादि)  की चर्चा करें। सुनामी से निपटने के लिए डॉर्ट तकनीक क्या है। बाढ़, भूकंप, सुखा का सन्दर्भ बिहार भी लें।
प्रश्न : भारत में आपदा प्रबंधन के ढाँचागत व्यवस्था की चर्चा करते हुए। इसकी कमियों की चर्चा करें। एवम् प्रभावी रणनीति पर चर्चा करें। 
या इससे प्रभावित सबसे ज्यादा कौन लोग है सामुदायिक आधारित प्रबन्धन की रणनीति किस प्रकार कारगर हो सकती है।
प्रश्न : बिहार की आपदा प्रबंधन की चर्चा करे। और ऊपर वाले प्रश्न के साथ add कर लें क्योंकि बिहार से जोड़ कर आ सकता है।
प्रश्न : भारत और बिहार में पर्यटन की क्या संभावना है ये किस प्रकार राष्ट्रीय आय और रोजगार बढ़ाने में सहायक हो सकता है। सुझाव दें। 

विज्ञान प्रौद्योगिकी
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प्रश्न : मिसाइल प्रौद्योगिकी में भारत की उपलब्धियों की चर्चा करें। (vvi)
या इसरो एवम् इसका महत्व भारत की सामरिक नीति में क्या रहा है।
या अग्नि श्रृंखला की चर्चा करते हुए इसके महत्व की चर्चा करें।
या इंटर बैलेस्टिक मिसाइल क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों की चर्चा एवम् क्रूज मिसाइल के क्षेत्र में भारत का कार्य की चर्चा। और इंटरसेप्टिक मिसाइल क्षेत्र में भारत।
प्रश्न : अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां एवम् इस क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारत की भूमिका को रेखांकित करे। (vvi)
या दूर संवेदी उपग्रह  (IRSSS)की उपलब्धियां, विकास क्रम एवम् अनुप्रयोग एवम् महत्व की चर्चा करें।
या भारतीय संचार उपग्रह (INSAT ) का उपलब्धियां, विकास क्रम एवम् अनुप्रयोग और महत्व की चर्चा करें।
या भारतीय क्षेत्रीय नौवहन प्रणाली (IRNSS) का विकास क्रम, महत्व, उपयोग। (vvi)
या PSLV का विकास क्रम एवम् महत्व।
या GSLV का विकास क्रम एवम् महत्व।
या क्रायोजेनिक इंजन क्या है इस क्षेत्र में भारत की प्रगति की चर्चा करें।
या GSAT श्रृंखला विशेषकर15, 16 का महत्व। (vvi)
या हाल में भारत द्वारा स्थापित खोगोलीय दूरदर्शी  एस्ट्रोसैट पर प्रकाश डालिये । इसके स्थापना का भारत के लिए विशेष महत्व क्या है। ( vvi )
या गगन प्रणाली क्या है इसका महत्व (vvi)
या चन्द्रयान मिशन 1 और 2 भारत का।
या मेघा ट्रॉपिक्स परियोजना और महत्व।
प्रश्न : जैव प्रौद्योगिकी क्या समझते है इसके विभिन्न क्षेत्र में उपयोग, इसके गुण दोष एवम् महत्व एवम् इससे जुड़े विवाद। (vvi)
या कृषि क्षेत्र में जैव प्रौद्योगिकी के प्रयोग और विवाद। 
ट्रांसजेनिक फसल (genetic modified crops)  पर टिप्पणी करें। (vvi)
प्रश्न : नैनो प्रौद्योगिकी क्या है। इसके अनुप्रयोग एवम् मह्त्व क्या है।
प्रश्न : सुचना प्रौद्योगिकी का ग्रामीण विकास में मह्त्व की समीक्षा करें। (vvi)
या सुचना प्रौद्योगिकी का राजनितिक, आर्थिक, समाजिक, सांस्कृतिक प्रभाव के आयाम। (vvi)       
या ई - कॉमर्स, ई - प्रशासन क्षेत्र में चुनोतियाँ एवम् महत्व।
प्रश्न : अतिचालकता क्या है। इसके अनुप्रयोग।
प्रश्न : blue LED  पर टिपण्णी ।
प्रश्न 8 : डिजिटल इण्डिया के विभिन्न पहलू क्या है। इसका क्या महत्व है और इसके लक्ष्य में क्या चुनोती है। (vvi)
प्रश्न : ईबोला वायरस क्या है, प्रभाव क्षेत्र, कारण, निदान। (vvi)
या रोटो वायरस क्या है, प्रभाव क्षेत्र, कारण, निदान।
या स्वाइन फ्लू क्या है, प्रभाव क्षेत्र, कारण, निदान।
या काला जार ...............................
प्रश्न : कृषि में तकनीकी का उपयोग।
या जैविक कृषि क्या है इसके विभिन्न पहलू और महत्व। (vvi)
या अनुबन्ध खेती क्या है इसके विभिन्न पहलू और महत्व।
या कृषि क्षेत्र में कीटनाशक एवम् खरपतवार नाशक दवाओं का प्रयोग और प्रभाव।
प्रश्न : ई - कचरा से आप क्या समझते है। अंतरिक्ष एवम् धरती पर दोनों के सन्दर्भ में पढ़ना है। इसके प्रभाव और प्रबन्धन की समीक्षा करे। (vvi)
या नाभकीय परमाणु कचरा के दुष्प्रभाव और प्रबन्धन भारत में।
प्रश्न : बिहार के विकास में तकनीकी पहलुओं की चर्चा करे विशेषकर कृषि, ऊर्जा,  और सड़क इत्यादि के निर्माण में।
प्रश्न : पर्यावरण, पारिस्थितिकी से जुडी समस्या।
या जलवायु परिवर्त्तन से निपटने के लिये भारत ने 2030 जलवायु कार्य योजना लक्ष्य जारी किया है। इसकी विशेषता और भूमिका।(vvi)
या ग्रीन इण्डिया मिशन।
प्रश्न : पेरिस के cop21 सम्मेलन के प्रमुख निष्कर्ष और भारत की भूमिका की समीक्षा करें। (vvi)
या जलवायु परिवर्त्तन के विभिन्न पहलू ....
प्रश्न : जैव विविधता से आप क्या समझते है। इससे जुडी समस्या और इसके महत्व को रेखांकित करें। ब्लास्टर वाटर कैसे जैव विविधता को प्रभावित करता है। (vvi)
या wet land क्षेत्र क्या है। महत्व।
या हॉट स्पॉट पर टिप्पणी।
प्रश्न :  ऊर्जा क्षेत्र की समस्या और भारत के प्रयास।
या वैकल्पिक ऊर्जा क्या है स्रोत एवम् प्रयास।
या नवीकरण ऊर्जा के सम्बन्ध में भारत का प्रयास और क्या बाधा है। हाल में  री पावरिंग की संकल्पना पर कार्य हो रहा है इसके क्या लाभ है। (vvi)
या ऊर्जा क्षेत्र में अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल टेक्नोलॉजी की भूमिका पर प्रकाश डालें।
प्रश्न : लेजर क्या है इसका अनुप्रयोग क्या है।
प्रश्न : आपदा प्रबन्ध अधिनियम में भारतीय ढाँचा और अंतरिक्ष का उपयोग आपदा प्रबन्धन में क्या है।(vvi)
प्रश्न : हाल ही में केंद्र सरकार ने सौर क्रांति लाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से सौर ऊर्जा के उत्पादन पर क्या प्रभाव पड़ेगा ? सौर ऊर्जा उत्पादन के मार्ग में प्रमुख क्या चुनोतियाँ है एवम् समाधान प्रस्तुत करे। (vvi)
प्रश्न :  भूकंप के भारत में जोन । एवम् इससे निपटने के तकनीकी पहलू पर प्रकाश डाले। भारत किस हद तक इससे निपटने के लिए तैयार है।(vvi)
प्रश्न : 7 जनवरी 2016 को मैसूर में आयोजित विज्ञानं कांग्रेस में प्रधानमन्त्री के 5 - ई मन्त्र -- 1 economy, 2-- environment, 3 --energy, 4 -- empathy, 5--- equity  के क्या अभिप्राय है । ये किस प्रकार वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देगा । अपनी सुझाव दें। (vvi)
प्रश्न : नाभिकीय प्रौद्योगिकी का विभिन्न क्षेत्र में उपयोग जैसे चिकित्सा , कृषि,  ऊर्जा ।etc.
या नाभिकीय ऊर्जा का विकास और उसके विभिन्न चरण ....
प्रश्न : सोशल मिडिया का महत्व एवम् दुरुपयोग की चर्चा करें। और साइबर अपराध क्या है इसका प्रभाव विभिन्न पहलू पर और समाधान। (vvi)
प्रश्न : रोबॉटिक्स पर टिप्पणी।
प्रश्न : प्रदूषण क्या है एवम् इसके विभिन्न प्रकारों की चर्चा और दूर करने के क्या उपाय है।
प्रश्न : नवाचार से आप क्या समझते है। भारत में इसकी चुनोतियाँ और समाधान तथा भारत की वर्तमान स्थिति तथा भारत सरकार का प्रयास।
आगे लास्ट में Current Affairs और कुछ छुटा हुआ प्रश्न पूछे जाने की  सम्भावना बनने पर दिया जायेगा ....

Note: आगे समसामयिक और विविध जैसे विदेश नीति, राजनीतिक - आर्थिक समसामयिक मुद्दे, सोशल समस्या, बिहार सन्दर्भ एवम् विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर प्रश्न दिए जायेंगे।

                                                                                    आपका शुभचिंतक ...
                                                                                         R. Ranjan