Thursday, 26 October 2017

ग्लोबल हंगर इंडेक्स, 2017


वैश्विक भुखमरी सूचकांक (GHI : Global Hunger Index) विश्व के विकासशील देशों में भुखमरी एवं कुपोषण की गणना एवं इसके तुलनात्मक अध्ययन हेतु एक बहुआयामी साधन है।
वर्ष 2006 से ही यह सूचकांक प्रतिवर्ष ‘अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान’ (IFPRI) द्वारा दो गैर-सरकारी संगठनों यथा ‘वेल्टहंगरहिल्फ’ (Welthungerhilfe) और ‘कंसर्न वर्ल्डवाइड’ (Concern Worldwide) की सहायता से प्रकाशित किया जा रहा है।

संकेतक
भुखमरी की बहुआयामी प्रकृति के मापन के लिए यह सूचकांक निम्न चार संकेतकों (Indicators) पर आधारित है :-
(i) अल्पपोषण (Undernourishment)
ऐसी जनसंख्या जो अल्पपोषित है अर्थात जिसका कैलोरी अंतर्ग्रहण अपर्याप्त है।
(ii) बाल दुबलापन (Child Wasting)
पांच वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे जो दुर्बल एवं कमजोर हैं अर्थात जिनका वजन उनकी लंबाई के अनुपात में कम है।
(iii) बाल ठिगनापन (Child Stunting)
पांच वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे जो ठिगने हैं अर्थात जिनकी लंबाई उनकी आयु के अनुपात में कम है;
(iv) बाल मृत्यु दर (Child Mortality)
पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर

GHI स्कोर
  • भुखमरी से निपटने की दिशा में हो रही प्रगति और इसके रास्ते में आ रही बाधाओं के आकलन के लिए ‘अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान’ (IFPRI) प्रतिवर्ष GHI स्कोर की गणना करता है।
  • GHI स्कोर की गणना उपर्युक्त चार संकेतकों के आधार पर ही की जाती है।
  • वर्ष 2017 का वैश्विक भुखमरी सूचकांक विभिन्न देशों के वर्ष 2012 से 2016 तक के आंकड़ों पर आधारित है।
  • स्पष्ट है कि वर्ष 2017 का GHI स्कोर संबंधित देश में वर्ष 2012 से 2016 की अवधि के दौरान भुखमरी एवं अल्पपोषण के स्तर को प्रदर्शित करता है।

भुखमरी मापन का पैमाना
  • वैश्विक भुखमरी सूचकांक 100 आधार बिंदुओं के पैमाने पर तैयार किया जाता है, जिसमें शून्य (0) सबसे अच्छा स्कोर माना जाता है अर्थात कोई भूखा नहीं जबकि 100 सबसे खराब स्कोर होता है जिसका अर्थ है कि सभी भुखमरी की स्थिति में हैं।
  • यह दोनों की स्थितियां व्यवहार में नहीं पाई जाती हैं, व्यवहार में ‘शून्य से सौ’ (0-100) के बीच की स्थिति पाई जाती है।
  • स्पष्ट है कि इस सूचकांक में ‘कम मान’ किसी देश की अच्छी स्थिति को दिखाता है, वहीं ‘अधिक मान’ संबंधित देश में भुखमरी की भयावहता को प्रदर्शित करता है।

भुखमरी की गंभीरता को प्रदर्शित करने के लिए इस सूचकांक में निम्न पांच वर्ग बनाए गए हैं –
GHI स्कोर          £ 9.9      10.0-19.9     20.0-34.9    35.0-39.9      50.0 £
भुखमरी की         निम्न           मध्यम       गंभीर         भयावह     चरम भयावह

गंभीरता का  स्तर     (Low)      (Moderate)    (Serious)   (Alarming)     (Extremely Alarming)

नवीनतम रिपोर्ट
  • 12 अक्टूबर, 2017 को IFPRI द्वारा ‘वैश्विक भुखमरी सूचकांक, 2017’ जारी किया गया।
  • यह इस सूचकांक का 12वां संस्करण है।
  • वैश्विक भुखमरी सूचकांक, 2017 की मुख्य विषय वस्तु है, ‘‘भूख की असमानताएं’’ (The Inequalities of Hunger)
  • इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2000 की तुलना में वर्तमान में वैश्विक भुखमरी की स्थिति में 27 प्रतिशत का सुधार दर्ज किया गया है।
  • वर्ष 2017 में सूचकांक में शामिल सभी देशों का औसत GHI स्कोर 21.8 है, जो वर्ष 2000 के औसत GHI स्कोर (29.9) की तुलना में 27 प्रतिशत कम है।
  • वर्ष 2017 की रिपोर्ट में 119 देशों में भुखमरी की स्थिति का आकलन प्रस्तुत किया गया है।
  • इस वर्ष केवल एक देश यथा मध्य अफ्रीकी गणराज्य (GHI स्कोर : 50.9, रैंक : 119) का GHI स्कोर 50 या उससे अधिक दर्ज किया गया, जो यहां भुखमरी की चरम भयावह स्थिति को प्रदर्शित करता है।
  • वर्ष 2017 के वैश्विक भुखमरी सूचकांक के अनुसार, सात देश (चाड, सियरा लियोन, मेडागास्कर, जाम्बिया, यमन, सूडान तथा लाइबेरिया) भुखमरी की भयावह (Alarming) स्थिति का सामना कर रहे हैं।
  • इनके अतिरिक्त 44 देश भुखमरी की गंभीर स्थिति तथा 24 देश मध्यम स्थिति का सामना कर रहे हैं।
  • केवल 43 देश ही भुखमरी की निम्न स्थिति में हैं।
  • वर्ष 2017 की इस रिपोर्ट में ऐसे 14 देश जिनका GHI स्कोर 5 से कम है, उन्हें अलग-अलग रैंक प्रदान नहीं की गई है, बल्कि उन्हें सामूहिक रूप से 1-14 रैंक तक सूचीबद्ध किया गया है।
  • क्षेत्रीय दृष्टि से, दक्षिण एशिया (GHI स्कोर : 30.9) भुखमरी की समस्या से सर्वाधिक पीड़ित है।
  • मध्य अफ्रीकी गणराज्य की 58.6 प्रतिशत जनसंख्या अल्पपोषित है, जो विश्व में सर्वाधिक है।
  • तिमोर-लेस्ते में बाल ठिगनापन की समस्या विश्व में सर्वाधिक (56.6%) है।
  • दक्षिण सूडान में पांच वर्ष से कम आयु के 27.3 प्रतिशत बच्चे बाल दुबलापन की समस्या से ग्रसित हैं, यह संख्या विश्व में सर्वाधिक है।
  • अंगोला में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर विश्व में सर्वाधिक (15.7%) है।

रिपोर्ट में भारत
  • वैश्विक भुखमरी सूचकांक, 2017 में भारत, जिबूती एवं रवांडा के साथ संयुक्त रूप से 100वें स्थान पर है।
  • भारत का GHI स्कोर 31.4 है।
  • सूचकांक में भारत को गंभीर वर्ग में रखा गया है।
  • उल्लेखनीय है कि वैश्विक भुखमरी सूचकांक, 2016 में भारत (GHI स्कोर : 28.5) 97वें स्थान पर था।
  • वर्ष 2017 के सूचकांक में भारत को अपने पड़ोसी देशों यथा-नेपाल (रैंक : 72), म्यांमार (रैंक : 77), बांग्लादेश (रैंक : 88), श्रीलंका (रैंक : 84) तथा चीन (रैंक : 29) की तुलना में निचली रैंक प्राप्त हुई है।
  • हालांकि पाकिस्तान (GHI स्कोर : 32.6) वर्ष 2017 के सूचकांक में 106वां स्थान (भारत की तुलना में निचली रैंक) प्राप्त हुआ है।

विभिन्न संकेतकों के संदर्भ में भारत की स्थिति
अल्पपोषित जनसंख्या     बाल दुबलापन बाल ठिगनापन    पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों
(प्रतिशत में)              (प्रतिशत में)         (प्रतिशत में)      की मृत्यु दर (प्रतिशत में)
(2014-2016)             (2012-2016) (2012-2016)           -2015
14.5                             21                   38.4                    4.8

"भारत के उपराष्ट्रपति" से ऐसे प्रश्न जो बार-बार परीक्षा में पूछे गये (GK Q & A, भाग-105)


  • भारत के उपराष्ट्रपति की तुलना किस देश के उपराष्ट्रपति से की जा सकती है— संयुक्त राज्य अमेरिका
  • राज्यसभा का पदेन अध्यक्ष कौन होता है— उपराष्ट्रपति
  • राज्यसभा की बैठकों का सभापति कौन होता है— उपराष्ट्रपति
  • उपराष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है— अप्रत्यक्ष रूप से
  • उपराष्ट्रपति के चुनाव हेतु कौन-सा प्रणाली अपनाई जाती है— एकल संक्रमणीय प्रणाली
  • उपराष्ट्रपति को पद व गोपनीयता की शपथ कौन दिलाता है— राष्ट्रपति
  • भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है— संसद के दोनों सदन
  • उपराष्ट्रपति अपना त्याग पत्र किसे देता है— राष्ट्रपति को
  • उपराष्ट्रपति अपने मत का प्रयोग कब करता है— मतों के बराबर रहने की स्थिति में
  • भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति कौन थे— सर्वपल्ली राधाकृष्णन
  • कार्यकाल समाप्त होने से पहले उपराष्ट्रपति को हटाने का अधिकार किसको है— संसद को
  • किस सदन में उपराष्ट्रपति को पदच्युत करने का प्रस्ताव रखा जाता है— राज्यसभा में
  • भारत में लगातार दो बार उपराष्ट्रपति कौन रहा था— सर्वपल्ली राधाकृष्णन
  • मोहम्मद हामिद अंसारी क्रम के हिसाब से कौन-से उपराष्ट्रपति हैं— 12वें
  • उपराष्ट्रपति के चुनाव में उम्मीदवार के नामाकंन के लिए निर्वाचक मंडल में कम से कम कितने अनुमोदन आवश्यक हैं— 20
  • उपराष्ट्रपति के चुनाव संबंधी विवाद को कौन देखता है— सर्वोच्च न्यायालय
  • उपराष्ट्रपति का कार्यकाल कितना होता है— 5 वर्ष
  • उपराष्ट्रपति पद हेतु कम से कम कितनी आयु आवश्यक है— 35 वर्ष
  • उपराष्ट्रपति को किसका समान वेतन मिलता है— लोकसभा अध्यक्ष के समान
  • संविधान के किस अनुच्छेद में उपराष्ट्रपति का वर्णन है— अनुच्छेद-63 में
  • उपराष्ट्रपति किस सदन का सदस्य नहीं हो सकता— राज्यसभा का

"भारत के राष्ट्रपति" से ऐसे प्रश्न जो बार-बार परीक्षा में पूछे गये (GK Q & A, भाग-104)


  • भारत की कार्यपालिका का अध्यक्ष कौन होता है— राष्ट्रपति
  • भारत के राष्ट्रपति की तुलना किस देश के सम्राट से की जा सकती है— ब्रिटेन के सम्राट से
  • राष्ट्रपति पद्धति में समस्त कार्यपालिका की शक्तियाँ किसमें निहित होती है— राष्ट्रपति
  • भारतीय संविधान के अनुसार भारत का प्रथम नागरिक कौन होता है— राष्ट्रपति
  • भारत की तीनों सेनाओं का सर्वोच्च सेनापति कौन होता है— राष्ट्रपति
  • भारत के राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए— 35 वर्ष
  • राष्ट्रपति का चुनाव किस पद्धति द्वारा होता है— समानुपातिक प्रतिनिधित्व एंव एकल संक्रमणीय प्रणाली द्वारा
  • भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कौन संचालित करता है— निर्वाचन आयोग
  • राष्ट्रपति के चुनाव संबंधी मामले कहाँ भेजे जाते हैं— उच्चतम् न्यायालय में
  • भारत के राष्ट्रपति का चुनाव किनते वर्षों के लिए होता है— 5 वर्ष
  • राष्ट्रपति को उनके पद से कैसे हटाया जा सकता है— संसद द्वारा महाभियोग चलाकर
  • राष्ट्रपति पर महाभियोग किस आधार पर लगाया जाता है— संविधान का अतिक्रमण करने पर
  • राष्ट्रपति पर महाभियोग किस आधार पर लगाया जाता है— अमेरिका से
  • भारत के राष्ट्रपति को पद एवं गोपनीयता की शपथ कौन दिलाता है— भारत का मुख्य न्यायाधीश
  • संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत राष्ट्रपति मुख्य न्यायाधीश के समक्ष शपथ ग्रहण करता है— अनुच्छेद-60
  • राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र किसे सौंपता है— उपराष्ट्रपति को
  • राष्ट्रपति के त्यागपत्र की सूचना उपराष्ट्रपति किसे देता है— लोकसभाध्यक्ष को
  • भारत के कौन-से राष्ट्रपति निर्विरोध चुने गए थे— नीलम संजीव रेड्डी
  • स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति किस राज्य के थे— बिहार से
  • भारत के किस राष्ट्रपति की मृत्यु कार्यकाल खत्म होने से पहले हुई— डॉ. जाकिर हुसैन
  • भारत का राष्ट्रपति किसकी नियुक्ति नहीं करता है— उपराष्ट्रपति की
  • वित्त बिल के लिए किसकी स्वीकृति आवश्यक है— राष्ट्रपति
  • लोकसभा व राज्यसभा में राष्ट्रपति कुल कितने सदस्य मनोनीत कर सकता है— 14
  • भारत के राष्ट्रपति को कौन सलाह देता है— संघीय मंत्रीपरिषद
  • कौन-सा व्यक्ति कार्यवाहक राष्ट्रपति तथा उच्चतम न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश रहा— एम. हिदायतुल्ला
  • किस विधेयक को राष्ट्रपति पुनर्विचार के लिए नहीं लौटाता है— धन विधेयक को
  • युद्ध अथवा बाहरी आक्रमण की स्थिति में आक्रमणकारी के विरुद्ध युद्ध  की घोषण कौन कर सकता है— राष्ट्रपति
  • किसी व्यक्ति को दोषी पाये जाने पर कौन उसे क्षमादान दे सकता है— राष्ट्रपति
  • भारत के राष्ट्रपति ने किस मामले में वीटो शक्ति का प्रयोग किया था— भारतीय डाकघर अधिनियम
  • भारत के राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति की अनुप्स्थिति में कार्यभार कौन ग्रहण करेगा— सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
  • अध्यादेश जारी करने का अधिकार राष्ट्रपति का कौन-सा अधिकार है— विधायी अधिकार
  • भारत का राष्ट्रपति किसके द्वारा चुना जाता है— सांसदों व विधानसभा सदस्यों द्वारा
  • श्रीमति प्रतिभा पाटिल भारतीय गणतंत्र में कौन-सी राष्ट्रपति बनी थीं— 12वीं
  • कौन-से राष्ट्रपति दो बार राष्ट्रपति चुने गए— डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  • किसी भौगोलिक क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने का अधिकार किसको है— राष्ट्रपति को
  • भारत का संवैधानिक अध्यक्ष कौन होता है— राष्ट्रपति
  • भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का चुनाव कैसे हुआ— संविधान सभा द्वारा
  • भारत का राष्ट्रपति राज्यसभा में कितने सदस्य मनोनीत कर सकता है— 12
  • किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन किसने समय के लिए रह सकता है— 3 वर्ष
  • राज्य में राष्ट्रपति शासन की घोषणा कौन करता है— राष्ट्रपति
  • भारतीय संविधान के अनुसार भारत का राष्ट्रपति राज्य का क्या होता है— राज्य का संवैधानिक अध्यक्ष
  • भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है— अप्रत्यक्ष रूप से
  • राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रस्तावक एवं अनुमोदकों की संख्या कितनी होती है— 50-50
  • भारत में किसके चुनाव में अनुपातिक प्रतिनिधित्व चुनाव प्रणाली अपनाई जाती है— राष्ट्रपति के चुनाव में
  • राष्ट्रपति पद रिक्त होने पर कितने समय में भरना आवश्यक है— 6 माह में
  • भारत के राष्ट्रपति की मर्जी तक किसी राज्य में अपने पद पर कौन रह सकता है— राज्यपाल
  • राष्ट्रपति किस सूची के विषय पर अध्यादेश जारी कर सकता है— संघ व समवर्ती सूची पर
  • जब किसी विधेयक को संसद में प्रस्तुत किया जाता है तो किसकी अनुमति के बाद वह अधिनियम बन जाता है— राष्ट्रपति की अनुमति के बाद 

"भारतीय संसद" से ऐसे प्रश्न जो बार-बार परीक्षा में पूछे गये (GK Q & A, भाग-103)


  • भारत की संघीय व्यवस्थापिका को किस नाम से जाना जाता है— संसद
  • भारतीय संसद का निर्माण कैसे होता है— लोकसभा + राज्यसभा + राष्ट्रपति
  • संसद के कितने सदन है— दो
  • संसद के किस सदन को ‘प्रतिनिधि सभा’ कहा जाता है— लोकसभा
  • संसद का स्थायी संदन कौन-सा है— राज्यसभा
  • भारतीय संसद का तीसरा अंग कौन है— राष्ट्रपति
  • संसद के दो क्रमिक अधिवेशनों के मध्य कितना समयांतराल होता है— 6 माह
  • भारतीय संसद को कौन भंग कर सकता है— राष्ट्रपति
  • भारतीय संसद की संप्रभुत्ता किससे प्रतिबंधित है— न्याय समीक्षा से
  • भारतीय संसद की दोनों की संयुक्त बैठक किस संबंध में होती है— साधारण विधेयक
  • साधारण विधेयक से संबंधित गतिरोध को दूर करने के लिए संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक कौन बुलाता है— राष्ट्रपति
  • स्वतंत्र भारत में अब तक कितनी बार संयुक्त अधिवेशन हो चुके हैं— चार बार
  • क्या राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति कभी संयुक्त अधिवेशनों की अध्यक्षता करता है— कभी नहीं
  • एक वर्ष में कम से कम कितनी बार संसद की बैठक होना आवश्यक है— दो बार
  • संसद के दोनों सदनों की संयुक्त अधिवेशनों की अध्यक्षता कौन करता है— लोकसभा अध्यक्ष
  • संसद के दोनों सदनों का सत्रावसान कौन करता है— राष्ट्रपति
  • संसदीय प्रणाली को कौन-सी प्रथा भारत की देन है— शून्य काल
  • संसद की कार्यवाही में प्रथम विषय कौन-सा होता है— प्रश्न काल
  • किस विधेयक को संसद में दोनों सदनों द्वारा अलग-अलग विशेष बहुमत से पारित करना आवश्यक है— संविधान संशोधन विधेयक
  • सांसदों के वेतन का निर्माण कौन करता है— संसद
  • संसदीय प्रणाली वाली सरकार को अन्य किस नाम से जाना जाता है— संघीय सरकार
  • संविधान लागू होने के बाद सर्वप्रथम त्रिशंकु संसद का गठन कब हुआ— 1989 ई.
  • अस्थायी संसद भारत में कब तक रही— 17 अप्रैल, 1952 ई.
  • संसद भवन (पार्लियामेंट हाउस) का उद्घाटन कब हुआ— 1927 ई.
  • संसद भवन (पार्लियामेंट हाउस) का उद्घाटन किसने किया था— लॉर्ड इरविन
  • भारत की संचित निधि से धन निर्गम पर किसका नियंत्रण होता है— संसद का
  • राज्यसभा और लोकसभा की संयुक्त बैठक कब होती है— लोकसभा और राज्यसभा में मतभेद होने पर
  • संसद का निम्न सदन कौन-सा होता है— लोकसभा
  • संसद का उच्च सदन कौन-सा होता है— राज्यसभा
  • संसद के किस सदस्य को गैर सरकारी सदस्य कहा जाता है— मंत्री के अतिरिक्त अन्य सभी सदस्यों को 

Wednesday, 25 October 2017

"राज्यसभा" से ऐसे प्रश्न जो बार-बार परीक्षा में पूछे गये (GK Q & A, भाग-102)


  • वर्तमान में राज्यसभा सदस्यों की संख्या कितनी है— 245 (संविधान के अनुच्छेद 80 में राज्य सभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 250 निर्धारित की गई है, जिनमें से 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामनिर्देशित किए जाते हैं और 238 सदस्य राज्यों के और संघ राज्य क्षेत्रों के प्रतिनिधि होते हैं।
  • राज्यसभा के लिए प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधियों का चुनाव कौन करता है— विधानसभा के निर्वाचित सदस्य
  • राज्यसभा में राज्यों का प्रतिनिधित्व किस पर निर्भर करता है— राज्य की जनसंख्या पर
  • राज्यसभा में किस राज्य के प्रतिनिधियों की संख्या सर्वाधिक है— उत्तर प्रदेश
  • राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल कितना होता है— 6 वर्ष (जिनमे एक-तिहाई सदस्य हर 2 साल में सेवा-निवृत होते हैं।)
  • राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए— 30 वर्ष
  • किस सदन को भंग नहीं किया जा सकता है— राज्यसभा
  • लोकसभा व राज्यसभा में गणपूर्ति संख्या क्या है— कुल सदस्य संख्या का 1/10 भाग
  • वह कौन-सा सदन है जिसका अध्यक्ष उस सदन का सदस्य नहीं होता है— राज्यसभा
  • लोकसभा द्वारा पारित धन विधेयक राज्यसभा को प्राप्त होने के कितने दिन बाद तक लोकसभा को लौटाया जा सकता है— 14 दिन
  • राज्यसभा एक स्थायी सदन है क्यों— क्योंकि यह कभी भंग नहीं होता और इसके एक तिहाई सदस्य प्रति दो वर्ष बाद सेवानिवृत्त हो जाते हैं
  • राज्यस्भा के सदस्यों को नामित करने का अधिकार किसको है— राष्ट्रपति को
  • राज्यसभा की प्रथम महिला सचिव कौन थी— वी. एस. रमादेवी
  • राज्यसभा का पहली बार गठन कब हुआ— 3 अप्रैल, 1952 ई.
  • राज्यसभा की प्रथम बैठक कब हुई— 13 मई, 1952 ई.
  • भारत में किसकी स्वीकृति के बिना कोई भी सरकारी खर्चा नहीं किया जा सकता है— संसद
  • राज्यसभा के सभापति की अनुपस्थिति में राज्यसभा का संचालन कौन करता है— उपसभापति
  • राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों को अधिसूचना कौन जारी करता है— निर्वाचन आयोग
  • केंद्रीय संसद राष्ट्रहित में राज्य सूची के विषयों पर कानून कब बना सकती है— राज्यसभा में उपस्थित सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत पर
  • राज्यसभा की दो बैठकों के मध्य समायांतराल कितना होना चाहिए— अधिकतम 6 माह
  • किन राज्यों का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व नहीं हैं— अंडमान-निकोबार, चंडीगढ, दादरा-नगर हवेली, लक्षद्वीप एवं दमन-दीव
  • राज्यसभा के प्रति उत्तरदायी कौन नहीं होता है— मंत्रीपरिषद
  • भारत के कौन-से प्रधानमंत्री राज्यसभा के सदस्य रहे हैं— श्रीमति इंदिरा गाँधी व मनमोहन सिंह

राज्यसभा सदस्य जो प्रधानमंत्री बने-
Trick-”इचगार्ड”
(1) इ- इंदिरा गांधी
(2) च- एच. डी. देवगोड़ा
(3) गा- इंद्र कुमार गुजराल
(4) र्ड- डा. मनमोहन सिंह 

महत्वपूर्ण पुरस्कार, परीक्षा की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण (Current Affairs in Hindi, भाग-69)




ज्ञानपीठ पुरस्कार –
आधुनिक बांग्ला कवि और साहित्यिक आलोचक शंख घोष को वर्ष 2016 के 52वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया।

बिहारी पुरस्कार –
हिंदी साहित्यकार डॉ सत्यनारायण को उनकी पुस्तक ‘यह एक दुनिया’ के लिए वर्ष 2016 का बिहारी पुरस्कार दिया गया।

मूर्तिदेवी पुरस्कार –
मलयालयम लेखक M P वीरेंद्र कुमार उनकी पुस्तक “हैमवाता भूमिइल”के लिए 2016 का 30 वां मूर्तिदेवी पुरस्कार प्रदान किया गया। ”हैमवाता भूमिइल ” एक यात्रा वृतांत है जिसका हिंदी अनुवाद “वादियां बुलाती है हिमालय की” नाम से किया गया है।

सरस्वती सम्मान
कोंकणी भाषा के साहित्यकार महाबलेश्वर सैल को उनके ‘उपन्यास’ हाउटन के लिए वर्ष 2016 का सरस्वती पुरस्कार प्रदान किया गया।

व्यास सम्मान –
हिंदी साहित्यकार सुरेंद्र वर्मा को वर्ष 2016 के 26 वें व्यास सम्मान, उनके पुस्तक “काटना शमी की वृक्ष :पद्म पंखुरी की धार से” के लिए दिया गया।

मेन बुकर अंतर्राष्ट्रीय सम्मान 2017
इजरायली लेखक डेविड ग्रॉसमैन को उनके उपन्यास ‘ए हॉर्स वाक्स इन टू ए वार’ के लिए मेन बुकर अंतर्राष्ट्रीय सम्मान 2017 से सम्मानित किया गया।

गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार
हिंदी पत्रकारिता एवं रचनात्मक साहित्य के लिए बलदेव भाई व राहुल देव को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार प्रदान किया गया।

कुलदीप नैय्यर पुरस्कार
कुलदीप नैय्यर पुरस्कार, टीवी पत्रकार वीश कुमार को प्रदान किया गया।

फोटोग्राफी में लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार
वरिष्ठ फोटोग्राफर रघु रॉय को राष्ट्रिय फोटोग्राफी पुरस्कार में लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

साहित्य अकादमी पुरस्कार
साहित्य अकादमी ने वर्ष 2016 के लिए 24 भारतीय भाषाओँ के रचनाकारों को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किए.उत्तर प्रदेश की नासिरा शर्मा को हिंदी में उनकी कृति पारिजात के लिए अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

मिस इंडिया 2017 – मानुषि छिल्लर (हरियाणा)
मिस्टर इंडिया 2017 – सुनीत जाधव (महाराष्ट्र )
मिस यूनिवर्स 2016 – आइरिस मितेनाएरे
मिस वर्ल्ड 2016 - स्टेफनी डेल वेले

मार्कोनी लाइफटाइम पुरस्कार
प्रोफेसर थॉमस कैलथ को सुचना एवं प्रणाली विज्ञान में उनके योगदान के लिए मार्कोनी लाइफटाइम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

युवा वैज्ञानिक पुरस्कार – राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने यह पुरस्कार प्रो.विक्रम विशाल को प्रदान किया।

यूनेस्को पुरस्कार
नैनो विज्ञान एवं नैनो प्रौद्योगिकी के विकास में उल्लेखनीय योगदान हेतु यूनेस्को ने भारत सरकार के सचिव प्रो आशुतोष शर्मा को वर्ष 2017 के यूनेस्को पुरस्कार से सम्मानित किया।

पहला कल्पना चावला स्कॉलरशिप- महाराष्ट्र के सोनल बवरवाल को पहला कल्पना चावला स्कॉलरशिप देने की घोषणा की गई।

गोल्डमैन एनवायर्नमेंटल पुरस्कार – प्रफुल्ल सामंत्रा

एबेल पुरस्कार
फ्रांसीसी वैज्ञानिक वाइवेस मेयर को वेवलेट्स के गणितीय सिद्धांत के विकास में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2017 के एबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कायाकल्प पुरस्कार - एम्स को साफ सफाई के मामले में कायाकल्प पुरस्कार के तहत प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।

शास्त्र रामानुजन पुरस्कार - गणित के लिए वर्ष 2016 का सस्त्र रामानुजन पुरस्कार फिनलैंड की काइसा मतोमाकी और कनाडा के मैक्सिम रेडजीविल को संयुक्त रूप से दिया गया।

वुडरो विल्सन पुरस्कार फॉर ग्लोबल कॉरपोरेट सिटिजनशिप - ICICI बैंक के प्रमुख चंदा कोचर यह पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय महिला बनी।

लकी ग्राहक योजना पुरस्कार – शारदा मेंगसेट(1 करोड़)

डीजीधन व्यापार योजना पुरस्कार – आनंद अनंत पद्मनाभन (50 लाख)

गोल्डन पीकॉक पुरस्कार- अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लि. नई दिल्ली को परिवहन क्षेत्र की विमानन श्रेणी में गोल्डन पीकॉक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

स्टेट ऑफ द ईयर - विभिन्न क्षेत्र में सतत विकास के लिए आंध्र प्रदेश को इंडिया बिजनेस लीडर्स अवार्ड श्रृंखला में स्टेट ऑफ द ईयर सम्मान से सम्मानित किया गया।

सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट सुरक्षा का अवार्ड – इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली

जापान का सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार – भारत के कृषि वैज्ञानिक श्री हरी चंद्रघाटगी को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार – UAEमें रहने वाली भारतीय मूल की क्षात्रा #कहकशां बासु को अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार दिया गया।

विटले अवार्ड – असम के पूर्णिमा बर्मन एवं कर्णाटक के संजय गुब्बी को पर्यावरण संरक्षण के लिए यह पुरस्कार दिया गया।

यूनेस्को शांति पुरस्कार - इटली के ग्यूसेपिना निकोलिनी को शरणार्थियों की ज़िन्दगी बचने के लिए यूनेस्को शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

7 सितंबर, 2016 को चंडीगढ़ में हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने डॉ. सरोजनी अग्रवाल को 26वें नीरजा भनोट पुरस्कार से सम्मानित किया।
लखनऊ में अपनी दिवंगत पुत्री मनीषा की याद में निराश्रित लड़कियों के लिए ‘मनीषा मंदिर’ स्थापित करने हेतु इन्हें पुरस्कार प्रदान किया गया।
जहां पर इन्होंने 700 से अधिक लड़कियों को आश्रय प्रदान किया है।
यह पुरस्कार ‘द नीरजा भनोट पैन एम ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ द्वारा प्रतिवर्ष उस महिला को प्रदान किया जाता है जिसने सामाजिक अन्याय का सामना धैर्य और एकाग्रता से करते हुए अन्य महिलाओं को भी इसका सामना करने के लिए प्रेरित किया हो।
इस पुरस्कार के तहत 1.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया जाता है। ध्यातव्य है कि यह पुरस्कार नीरजा भनोट की स्मृति में प्रदान किया जाता है जिन्होंने 1986 में ‘पैन एम 73’ वायुयान अपहरण की घटना में अपनी जान देकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने का श्रेष्ठ कार्य किया था।

द्रोणाचार्य पुरस्कार 
प्रतिष्ठित अंतर्राष्‍ट्रीय खेल स्‍पर्धाओं में पदक विजेता तैयार करने के लिए कोचों को और खेल विकास के क्षेत्र में जीवन भर योगदान देने के लिए ध्‍यानचंद पुरस्‍कार प्रदान किया जाता है। द्रोणाचार्य पुरस्कार 1985 में प्रारंभ किये गये थे। द्रोणाचार्य पुरस्कार के अंतर्गत गुरु द्रोणाचार्य की प्रतिमा, प्रमाणपत्र, पारंपरिक पोशाक और पाँच लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है। हर साल अधिकतम 5 खिलाड़ियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।

पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों की सूची

राजीव गांधी खेल रत्न 2017:
देवेंद्र झझारिया (पैरा एथलिट), सरदार सिंह (हॉकी)

द्रोणाचार्य पुरस्कार2017:
स्‍वर्गीय डॉ. आर. गांधी (एथलेटिक्‍स), हीरा नंद कटारिया (कबड्डी), जी.एस.एस.वी प्रसाद (बैडमिंटन (लाइफ टाइम)), ब्रिज भूषण मोहंती (बॉक्सिंग (लाइफ टाइम)), पी.ए. राफेल (हॉकी (लाइफ टाइम)), संजॉय चक्रवर्ती (निशानेबाजी (लाइफ टाइम)), रोशन लाल (कुश्‍ती (लाइफ टाइम))

अर्जुन पुरस्कार 2017:
वी.जे. सुरेखा (तीरंदाजी), खुशबीर कौर (एथलेटिक्‍स), अरोकिया राजीव (एथलेटिक्‍स), प्रशांति सिंह (बास्‍केट बॉल), सूबेदार लैशराम दे‍बेन्‍द्रो सिंह (मुक्‍केबाजी), चेतेश्‍वर पुजारा (क्रिकेट), हरमनप्रीत कौर (क्रिकेट), ओइनम बेम्‍बम देवी (फुटबॉल), एस.एस.पी. चौरसिया (गोल्‍फ), एस.वी. सुनील (हॉकी), जसवीर सिंह (कबड्डी), पी.एन. प्रकाश (निशानेबाजी), ए. अमलराज (टेबल टेनिस), साकेतमिनेनी (टेनिस), सत्‍यवर्त कादियान (कुश्‍ती), मरियप्‍पन (पैरा-एथलिट), वरुण सिंह भाटी (पैरा-एथलिट)

राष्‍ट्रीय खेल पुरस्‍कार 2017:
राष्‍ट्रीय खेल पुरस्‍कार प्रति वर्ष खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन को पहचानने और सम्‍मानित करने के लिए प्रदान किया जाता है। इस वर्ष इन पुरस्‍कारों के लिए बड़ी संख्‍या में नामांकन प्राप्‍त हुए थे, जिन पर पूर्व ओलंपिक खिलाडि़यों, अर्जुन पुरस्‍कार प्राप्‍त खिलाडि़यों, द्रोणाचार्य पुरस्‍कार प्राप्‍त कोचों, ध्‍यानचंद पुरस्‍कार प्राप्‍त व्‍यक्तियों, खेल पत्रकारों/जानकारों/कमेंटेटरों और खेल प्रशासनिक अधिकारियों की चयन समिति ने विचार किया था।
राजीव गांधी खेल रत्‍न पुरस्‍कार और अर्जुन पुरस्‍कार की चयन समिति के अध्‍यक्ष न्‍यायमूर्ति सी.के. ठक्‍कर थे। द्रोणाचार्य और ध्‍यानचंद पुरस्‍कारों की चयन समिति के अध्‍यक्ष पुलेला गोपीचंद थे। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह और रियो पैरालिंपिक में जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडलिस्ट देवेंद्र झांझरिया को 2017 का राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार देने का एलान किया गया है।
क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा और हरमनप्रीत कौर समेत 17 प्लेयर को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष यह पुरस्कार 29 अगस्त 2017 को राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा इन अवार्ड के द्वारा सम्मानित किया जायेगा।

राजीव गांधी खेल रत्‍न पुरस्‍कार:
राजीव गांधी खेल रत्न भारत में दिया जाने वाला सबसे बड़ा खेल पुरस्कार है। इस पुरस्कार को भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया है। इस पुरस्कार मे एक पदक, एक प्रशस्ति पत्र और साढ़े सात लाख रुपय पुरुस्कृत व्यक्ति को दिये जाते है। इस पुरस्कार की स्थापना 1991-92 में की गयी थी।

अर्जुन पुरस्‍कार:
यह लगातार चार वर्ष तक बेहतरीन प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। यह भारत सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र मे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये दिया जाता है। इस पुरस्कार का प्रारम्भ 1961 में हुआ था। पुरस्कार स्वरूप पाँच लाख रुपये की राशि, अर्जुन की कांस्य प्रतिमा और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार 2017
श्री देवेंद्र – पैरा एथलेटिक्स
श्री सरदार सिंह – हॉकी

द्रोणाचार्य पुरस्कार 2017:
स्वर्गीय डॉ आर गांधी – एथलेटिक्स
श्री हीरा नंद कटारिया – कबड्डी
श्री जी एस एस वी प्रसाद – बैडमिंटन (लाइफटाइम)
श्री बृज भूषण मोहंती – मुक्केबाजी (लाइफटाइम)
श्री पी.ए. रैपल – हॉकी (लाइफटाइम)
श्री संजय चक्रवर्ती – शूटिंग (लाइफटाइम)
श्री रोशन लाल – कुश्ती (लाइफटाइम)
मेजर ध्यानचंद पुरस्कार 2017:
श्री भूपिंदर सिंह – एथलेटिक्स
श्री सैयद शाहिद हकीम – फुटबॉल
सुश्री सामुराई टेटी – हॉकी

अर्जुन पुरस्कार 2017:
सुश्री वी.जे. सुरेखा – तीरंदाजी
सुश्री खुशबीर कौर – एथलेटिक्स
श्री अरकोआइ राजीव – एथलेटिक्स
सुश्री प्रशांति सिंह – बास्केटबॉल
लैशरामडीबेंड्रो सिंह – मुक्केबाजी
श्री चेतेश्वर पुजारा – क्रिकेट
सुश्री हरमनप्रीत कौर – क्रिकेट
सुश्री ओइनमबेम्बम देवी – फुटबॉल
श्री एस.एस.पी. चौरसिया – गोल्फ
श्री एस वी सुनील – हॉकी
श्री जसवीर सिंह – कबड्डी
श्री पी एन प्रकाश – शूटिंग
श्री ए अमलराज – टेबल टेनिस
श्री सक्तमनीनी – टेनिस
श्री सत्यवार्ट केडियान – रेसलिंग
श्री मारीप्पन – पैरा-एथलीट
श्री वरुण सिंह भाटी – पैरा-एथलीट

‘भारत 22’

वर्ष 2014 में सरकार द्वारा जारी पहला ‘एक्सचेंज ट्रेडेड फंड’ (ETF) जिसमें ऊर्जा स्टॉक वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) के 10 शेयर शामिल किए गए थे की सफलता से उत्साहित होकर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण, 2017-18 में यह वादा किया था कि शेयरों (Shares) का और ज्यादा विनिवेश (Disinvestment) करते हुए ‘एक्सचेंज ट्रेडेड फंड’ का उपयोग एक वित्तीय साधन के रूप में किया जाएगा। अपने उसी वादे के अनुरूप वित्त मंत्री ने 4 अगस्त, 2017 को ‘भारत 22’ नाम से एक नए ‘एक्सचेंज ट्रेडेड फंड’ की घोषणा की। ‘भारत 22’ से संबंधित तथ्य निम्न हैं-
  • ‘भारत 22’ भारत का दूसरा एक्सचेंज ट्रेडेड फंड’ (ETF) है।
  • इससे पहले वर्ष 2014 में ऊर्जा स्टॉक वाले सार्वजनिक क्षेत्र के सीपीएसई (CPSEs) एक्सचेंज ट्रेडेड फंड को शुरू किया गया था।
  • ‘भारत 22’ में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) और रणनीतिक अंशधारिता के साथ भारतीय यूनिट ट्रस्ट के निर्दिष्ट उपक्रमों (SUUTI) के 22 स्टॉक शामिल हैं।
  • ‘भारत 22’ के पोर्टफोलियो में छः क्षेत्रों (आधारभूत सामग्री ऊर्जा, वित्त, एफएमसीजी, औद्योगिक इकाइयों तथा उपभोक्ता सेवा) के उपक्रम शामिल हैं।
  • ‘भारत 22’ सूचकांक को वार्षिक तौर पर पुनर्व्यवस्थित किया जाएगा।
  • ‘आईसीआईसीआई, प्रूडेंशियल एएमसी’, ‘भारत 22’ का ईटीएफ मैनेजर तथा ‘एशिया इंडेक्स प्राइवेट लिमिटेड’ (JVBSE and S & P Global) सूचकांक प्रदाता होंगे।
  • भारत 22 सूचकांक में आधारभूत सामग्री क्षेत्र से नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड शामिल है जिसका भार (Weight) 4.4 प्रतिशत है।
  • ऊर्जा क्षेत्र जिसका भार 17.5 प्रतिशत है, में 4 कंपनियां ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा कोल इंडिया लिमिटेड शामिल है।
  • वित्त क्षेत्र जिसका भार 20.3 प्रतिशत है, में 6 कंपनियां- भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक (बैंकिंग क्षेत्र), रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड एवं पॉवर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड शामिल हैं।
  • एफएमसीजी क्षेत्र से केवल आईटीसी शामिल है जिसका भार 15.2 प्रतिशत है।
  • उद्योग क्षेत्र जिसका भार 22.6 प्रतिशत है, में लार्सन एंड टूब्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड तथा एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड शामिल हैं।
  • उपयोगिता या सेवा क्षेत्र जिसका भार 20.0 प्रतिशत है, में पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, एनटीपीसी लिमिटेड, गेल इंडिया लिमिटेड, एनएचपीसी लिमिटेड, एनएलसी इंडिया लिमिटेड तथा एसजीवीएन लिमिटेड शामिल हैं।
  • ‘भारत 22’ में शामिल 6 क्षेत्रों में से सर्वाधिक भार उद्योग क्षेत्र को 22.6 प्रतिशत दिया गया, जबकि व्यक्तिगत तौर पर शामिल सभी 22 कंपनियों में से सर्वाधिक भार लार्सन एंड टूब्रो (17.1%) को दिया गया है।
  • वर्ष 2017-18 में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) के विनिवेश के लिए 72500 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया था।
  • चालू वित्त वर्ष के दौरान अब तक 9 विनिवेश सौदों के जरिए लगभग 9300 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं।

केंद्रीय वित्त आयोग की संवैधानिक स्थिति व कार्य क्या हैं ? संक्षेप में बताएँ। अगले कुछ ही समय में गठित होने वाले नए केंद्रीय वित्त आयोग के समक्ष क्या चुनौतियाँ होंगी?


संविधान के अनुच्छेद 280 के अनुसार, प्रत्येक 5 वर्ष में या आवश्यकता पड़ने पर एक केंद्रीय वित्त आयोग का गठन देश के राष्ट्रपति द्वारा किया जाएगा। संसद विधि द्वारा आयोग के सदस्यों की अर्हता निर्धारित करेगी। केंद्रीय वित्त आयोग के निम्नलिखित प्रमुख कार्य हैं –
  • केंद्र व राज्यों के बीच करों का बँटवारा करना।
  • भारत की संचित निधि में से राज्यों हेतु अनुदान के लिये सिफारिश करना।
  • केंद्र व राज्यों के बीच वित्तीय संबंधों से जुड़े अन्य किसी मामले की देखरेख।

शीघ्र ही 15वें केंद्रीय वित्त आयोग का गठन होने जा रहा है। नए आयोग के समक्ष निम्नलिखित चुनौतियाँ होंगी –
  • देश के कुछ राज्यों में पर्याप्त मात्रा में निजी निवेश होता है, वहीं कुछ राज्यों में निजी निवेश की कमी है। निजी निवेश के इस असंतुलित वितरण के कारण राज्यों के बीच असमानता बढ़ रही है। नए आयोग को बढ़ती असमानता पर गंभीरता से विचार करना होगा।
  • विद्युत-वितरण कंपनियों के आर्थिक पुनरुद्धार के लिये केंद्र द्वारा शुरू की गई “उदय” योजना का भार राज्यों की वित्तीय स्थिति पर पड़ रहा है। आयोग को इस हेतु भी उपाय करने होंगे।
  • देश के कई राज्यों के समक्ष आज सूखा, बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात जैसी कई प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती है। नए आयोग को आपदा प्रंबंधन के लिये राज्यों को समुचित कोष उपलब्ध कराने का प्रयत्न करना होगा।
  • समावेशी विकास के लक्ष्यों को पूरा करने और जलवायु-परिवर्तन से निपटने की सरकारी प्रतिबद्धताओं की पूर्ति हेतु एक सुसंगत वित्तीय रणनीति बनाने पर ध्यान देना होगा।
  • राज्यों के बीच करों के क्षैतिज वितरण के लिये अब तक लगभग 50 वर्ष पुरानी 1971 की जनगणना के आँकड़ों को आधार बनाया जाता रहा है। आयोग द्वारा अब 2011 की जनगणना के आँकड़ों को आधार रूप में लिया जा सकता है, परंतु दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों को इससे होने वाले नुकसान का ध्यान भी आयोग को रखना होगा।
राज्यों की जनसंख्या, राजकोषीय स्थिति, वन क्षेत्र, आय में अंतर और क्षेत्रफल के आधार पर विभिन्न राज्यों के बीच संसाधनों का उचित आवंटन आवश्यक है। संसाधनों के संतुलित आवंटन द्वारा वित्त आयोग राज्यों और केंद्र के बीच टकराव को रोकने का काम करता है और अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन के द्वारा देश में राजकोषीय संघवाद को सुनिश्चित करता है।

Tuesday, 24 October 2017

नीति आयोग द्वारा राष्ट्रीय पोषण रणनीति जारी


राष्ट्रीय पोषण रणनीति?
5 सितंबर, 2017 को हरित क्रांति के नेतृत्वकर्ता डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन और पद्मश्री डॉ. एच. सुदर्शन ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार और सदस्य डॉ. विनोद पॉल के साथ ‘राष्ट्रीय पोषण रणनीति’ (National Nutrition Strategy) को जारी किया। नीति आयोग ने पोषण में निवेश की सिफारिश करते हुए ग्लोबल न्यूट्रीशन रिपोर्ट, 2015 के हवाले से कहा कि निम्न और मध्यम आय वाले 40 देशों में पोषण में निवेश का लागत-लाभ अनुपात 16 :1 है।

विजन 2022
राष्ट्रीय पोषण रणनीति यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक बच्चे, किशोरी और महिला (विशेष रूप से कमजोर समुदायों) को इष्टतम् पोषण स्थिति प्राप्त हो सके। विशेष रूप से जीवन के प्रथम तीन वर्षों समेत संपूर्ण जीवन चक्र में अल्प पोषण को कम करने तथा रोकने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

लक्ष्य, उद्देश्य और मुख्य संकेतक
  • वर्ष 2022 तक बच्चों (0-3 वर्ष) में अल्प पोषण (कम वजन के प्रसार) को रोकने के लिए NFHS-4 स्तर से प्रतिवर्ष 3 प्रतिशत तक कम किया जाना है।
  • वर्ष 2022 तक युवा बच्चों, किशोरियों और प्रजनन आयु समूह (15-49 वर्ष) की महिलाओं में रक्ताल्पता (Anemia) के प्रसार को NFHS-4 स्तर से एक-तिहाई तक कम करना है।
  • दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में वर्ष 2030 तक पोषण रणनीति का लक्ष्य सभी प्रकार के अल्प पोषण को कम करना है।
       निगरानी योग्य परिणाम                                                                 वर्तमान स्थिति     लक्ष्य, 2022
1.  5 वर्ष से कम आयु के बच्चों में कम वजन (Below-2.50) में प्रतिशत कमी     35.7         20.7
2.  बच्चों (6-59 माह) में रक्ताल्पता के प्रसार में कमी                                      58.4         19.5
3.  महिलाओं और लड़कियों (15-49 वर्ष) में रक्ताल्पता में कमी                        53.1         17.7
  • सतत् विकास लक्ष्य के 17 संकेतकों में से कम-से-कम 12 संकेतक यह दर्शाते हैं कि सतत् विकास को सुनिश्चित करने का आधार निर्मित करने में पोषण प्रासंगिक है। अतः राष्ट्रीय पोषण रणनीति, सतत् विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगी।
  • पोषण रणनीति में एक ढांचे की परिकल्पना की गई है, जिसके तहत पोषक के चार निर्धारक तत्वों, स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य पदार्थ, पेयजल और साफ-सफाई तथा आय एवं आजीविका में सुधार पर बल दिया गया है।
पोषण रणनीति-कैसे?
राष्ट्रीय पोषण रणनीति के तहत ‘कुपोषण मुक्त भारत’ (Kuposhan Mukt Bharat) पर जोर दिया गया है, जो कि स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत से जुड़ा हुआ है।

मुख्य रणनीतियां
शासन सुधार – न्यूट्रिशन सेंटर स्टेज (Nutrition Centre Stage) और सार्वजनिक जवाबदेही
उदाहरणों द्वारा नेतृत्व – कुपोषण मुक्त राज्यों, जिलों और पंचायतें
अभिसरण – पोषण के निर्धारकों के साथ आईसीडीएस (ICDS), एनएचएम (NHM) और स्वच्छ भारत और अन्य के लिए राज्य/जिला कार्यान्वयन योजनाओं का सम्मिलन।
प्राथमिकता के तौर पर कार्रवाई – बाल अल्प-पोषण के उच्चतम स्तर वाले जिलों/ब्लॉकों में सबसे कमजोर समुदाय तक पहुंचना।
गंभीर आयु समूह तक परामर्श की पहुंच – कुशल एवं समकक्ष परामर्शदाताओं और समर्थन समूहों के द्वारा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं तथा 3 वर्ष से कम आयु के बच्चों तक सलाह की पहुंच।
देखभाल की निरंतरता – जीवन भर निवारक तथा इलाजपूर्ण देखभाल
अभिनव सेवा प्रदाता मॉडल-अभी भी परिबू (ओडिशा), सुपोषण एवं स्नेह शिविर (मध्य प्रदेश) आदि।
समुदाय आधारित निगरानी
सक्षम कार्रवाई – पुनर्गठित आईसीडीएस के नए घटकों का कार्यान्वयन, मनरेगा के माध्यम से पालनाघर, सबला का विस्तार और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृत्व लाभ का कार्यान्वयन और स्वास्थ्य प्रणाली के तहत पोषण को मजबूती प्रदान करना।

राष्ट्रीय पोषण मिशन
राष्ट्रीय पोषण रणनीति का उद्देश्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के समान राष्ट्रीय पोषण मिशन (National Nutrition Mission) की शुरुआत करना है। यह महिलाओं और बच्चों के विकास, स्वास्थ्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, स्वच्छता, पेयजल और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में पोषण संबंधी व्यवधानों के एकीकरण में सक्षम होगा।

कुपोषण क्या है?
कुपोषण यह प्रदर्शित करता है कि अपनी उम्र के हिसाब से बच्चे या तो बहुत छोटे या बहुत पतले हैं। ऐसे बच्चे जिनकी लंबाई उनकी उम्र के अनुसार, औसत लंबाई से कम होता है, उनको छोटे कद का (Stunted) माना जाता है। इसी प्रकार बच्चे जिनका वजन उनकी उम्र के हिसाब से औसत वजन से कम होता है, उन्हें पतला (Or Wasted) माना जाता है। इन दोनों प्रकार के बच्चों को उचित पोषक की कमी और जन्म के बाद शिशु की अपर्याप्त देखभाल की वजह से कम वजन वाला माना जाता है।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • वर्ष 2005 से 2015 के बीच भारत में कुल मिलाकर कम वजन वाले बच्चों की प्रतिशतता में कमी दर्ज की गई है। हालांकि बच्चों में वास्टिंग (उम्र के हिसाब से कम वजन) की प्रवृत्ति में पंजाब, गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक और सिक्किम में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
  • कम वजन वाले बच्चों का प्रसार शहरी क्षेत्रों (29%) की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों (38%) में अधिक है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार 2.5 किग्रा. से कम वजन वाले शिशुओं की मृत्यु होने की संभावना 20 गुना अधिक होती है। भारत में 19 प्रतिशत बच्चों में जन्म के समय राष्ट्रीय औसत वजन 2.5 किग्रा. से कम है।
  • कम वजन वाले बच्चों की सर्वाधिक संख्या मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में है।
  • भारत में लगभग आधे से अधिक (58%) बच्चे रक्ताल्पता (Anemia) से ग्रस्त हैं।
  • भारत में वयस्कों में 23 प्रतिशत महिलाएं और 20 प्रतिशत पुरुष कुपोषित हैं। इसके अलावा 21 प्रतिशत महिलाएं और 19 प्रतिशत पुरुष अधिक वजन या स्थूलकाय हैं।
बाल कुपोषण
  • एक अनुमान के अनुसार, भारत में 0-18 आयु वर्ग के लगभग 43 करोड़ बच्चे हैं। महिलाएं और बच्चे मिलकर भारत की जनसंख्या का लगभग 70 प्रतिशत हैं।
  • नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-4 (NFHS-4) के अनुसार, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में कम वजन (Underweight) होने की प्रबलता में 16 प्रतिशत की कमी आई है।
  • इस संदर्भ में हिमाचल प्रदेश (41.9% तक), मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश (40% तक), त्रिपुरा (39 % तक) और मणिपुर (37.8% तक) में उल्लेखनीय कमी देखी जा सकती है जबकि महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में लगभग स्थिर स्थिति रही।
  • बच्चों में वृद्धि अवरोध (Stunting) में कुल मिलाकर कमी देखी गई है लेकिन बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मेघालय, मध्य प्रदेश और दादरा एवं नागर हवेली में यह उच्च स्तर पर बना हुआ है। इन राज्यों में 40 प्रतिशत से अधिक बच्चे वृद्धि अवरोध से ग्रसित हैं।
  • NFHS-4 (2015-16) के अनुसार 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में वेस्टिंग (Wasting) अथवा तीव्र कुपोषण (Acute Malnutrition) उच्च स्तर पर बना हुआ है।

महिलाओं एवं लड़कियों की स्थिति
  • NFHS-4 (2015-16) के अनुसार 15-49 आयु वर्ग की महिलाओं और लड़कियों की पोषण स्थिति में सुधार हुआ है।
  • लो बॉडी मॉस इंडेक्स (BMI) के साथ महिलाओं में कुपोषण की मात्रा घटकर NFHS-3 के 35.5 प्रतिशत की अपेक्षा NFHS-4 में 22.9 प्रतिशत हो गई है।
  • NFHS-4 के अनुसार, महिलाओं और लड़कियों में रक्ताल्पता की स्थिति में गिरावट देखी गई है। कुल 53 प्रतिशत महिलाएं एवं लड़कियां रक्ताल्पता (Anemia) से ग्रसित हैं।
  • कुल प्रजनन दर (TFR) में गिरावट दर्ज की गई। जो कि NFHS-3 के 2.7 से घटकर NFHS-4 में 2.2 रह गई है।
  • माताओं में स्तनपान कराने की प्रवृत्ति में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। स्तनपान दर NFHS-3 के 23.4 प्रतिशत से बढ़कर NFHS-4 में 41.6 प्रतिशत हो गया। इस संदर्भ में केरल, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में गिरावट दर्ज की गई।
  • स्तनपान के स्वास्थ्य एवं आर्थिक लाभ पर लांसेट, 2016 (LANCET, 2016) रिपोर्ट यह इंगित करता है कि युक्ततम स्तनपान का सार्वभौमीकरण करके मुख्य रूप से डायरिया (Diarrhea) और न्यूमोनिया (Pheumonia) से सुरक्षा करते हुए 156,000 बच्चों की मृत्यु को कम किया जा सकता है।
  • NFHS-4 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रत्येक दूसरा बच्चा (58.4%) रक्ताल्पता से ग्रसित है।
  • NFHS-4 के अनुसार, 20-24 आयु वर्ग की लगभग 26.8 प्रतिशत वर्तमान में विवाहित महिलाओं का विवाह 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने के पूर्व हो गई थी।

निष्कर्ष
  • देश में पोषण की स्थिति में सुधार लाने के लिए पिछले कई वर्षों में विभिन्न सरकारी पहलों की शुरुआत की गई है। जिनमें एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), जननी सुरक्षा योजना, मातृत्व सहयोग योजना, मिड-डे मील योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन एवं अन्य शामिल हैं। हालांकि पिछले वर्षों में कुपोषण में कमी देखी गई है, फिर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इसी संदर्भ में राष्ट्रीय पोषण रणनीति जारी की गई है।
  • इसके तहत राज्य, जिला और स्थानीय स्तर पर अधिक लचीलेपन और निर्णय लेने के साथ एक विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया जाना है। उम्मीद है कि यह रणनीति भारत को कुपोषण मुक्त बनाने में कारगर सिद्ध होगी।

फोर्ब्स : "100" अमीरों की सूची


अमेरिका की विश्व विख्यात व्यावसायिक पत्रिका ‘फोर्ब्स’ का प्रकाशन वर्ष 1917 से किया जा रहा है। जिसका आदर्श वाक्य है-‘पूंजीवादी उपकरण’ (The Capitalist)। इस पत्रिका द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रकार की सूचियां जारी की जाती रही हैं, यथा-विश्व के अरबपतियों की सूची, ग्लोबल 2000 सूची, 100 सर्वाधिक भुगतान प्राप्तकर्ता एथलीटों की सूची आदि। अभी हाल ही में फोर्ब्स पत्रिका द्वारा 100 टेक अमीरों की सूची, 2017 जारी की गई।
  • 23 अगस्त, 2017 को ‘फोर्ब्स’ पत्रिका द्वारा विश्व के 100 सबसे अमीर टेक अरबपतियों (The 100 Richest Tech Billionaires in the world) की सूची जारी की गई।
  • इस सूची में पहली बार 100 सबसे अमीर टेक अरबपतियों की कुल संपत्ति 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है।
  • माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स 84.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर संपत्ति के साथ इस सूची में शीर्ष स्थान पर हैं।
  • इसके पश्चात अमेजन डॉट कॉम के संस्थापक एवं सीईओ जेफ बेजोस 81.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
  • फेसबुक के सह-संस्थापक, अध्यक्ष और सीईओ मार्क जुकरबर्ग 69.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
  • ओरैकल (Oracle) के संस्थापक एवं सीईओ लैरी इलिसन (Larry Ellison) 59.3 बिलियन संपत्ति के साथ चौथे स्थान पर रहे।
  • पांचवें स्थान पर अल्फाबेट के सीईओ लैरीपेज (Larry Page) 43.9 बिलियन डॉलर संपत्ति के साथ जगह बनाई है।
  • इस सूची में सबसे वृद्ध (88 वर्ष)-गॉर्डन मूर, 7.1 बिलियन डॉलर संपत्ति के साथ 35वें स्थान पर हैं जबकि सबसे युवा (27 वर्ष) के इवान स्पीगल 76वें स्थान पर रहे।
  • इस सूची में 6 महिला टेक अरबपतियों को जगह मिली है।
  • इस सूची में भारत से सिर्फ दो टेक अरबपतियों को शामिल किया गया है।
  • विप्रो लिमिटेड के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी 18.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति के साथ 15वें स्थान पर रहे।
  • एचसीएल (HCL) के सह-संस्थापक शिव नाडार 13.5 बिलियन संपत्ति के साथ 18वें स्थान पर रहे।
रैंकनामकुल संपत्ति(बिलियन डॉलर)
1बिल गेट्स (Bill Gates)84.5
2जेफ बेजोस (Jeff Bezos)81.7
3मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg)69.6
4लैरी इलिसन (Larry Ellison)59.3
5लैरी पेज (Larry Page)43.9
सूची में शामिल महिलाएं
रैंक            नाम
26झोउ कुन फेई (Zhou Qun Fei)
47लाम वाई यिंग (Lam Wai Ying)
69डेनिस कोट्स (Denise Coates)
73जूडी फॉल्कनर (Judy Faulkner)
89मेग व्हिटमैन (Meg Whitman)
93वैंग लाई चुन (Wang Lai Chun)

अगर बार-बार प्रतियोगी परीक्षा में असफल हो रहें हैं तो ये पोस्ट जरुर पढ़ें


आज हम बात करेंगे असफलता पर इस दुनिया में जो बड़े-बड़े महापुरुष आए हैं एवं जिसने भी इस संसार में सफलता प्राप्त की है वह असफलता से सीखकर ही प्राप्त की है जिसमें एक सकारात्मक सोच छुपी हुई है सकारात्मक सोच क्या होती है हम आपको बताते हैं यहाँ केवल यह मान लेना ही काफी नहीं होता है कि जो भी होगा सब अच्छा होगा जो हो रहा है वो सब अच्छा हो रहा है एवं जो आगे होगा वह भी अच्छा होगा अगर आप ऐसा सोचते हैं तो आपको आलसी बनने से कोई नहीं रोक सकता जो कि एक बहुत बड़ी बीमारी है सकारात्मक सोच का सीधा सा अर्थ है कि जो भी हमें असफलता प्राप्त हुई है उस असफलता में अपनी छुपी हुई सफलता को देखना दोस्तों जीतने के लिए हारना जरूरी है और आपने देखा है की जीते हुए इंसान के गले में हार ही होता है और आपने बाजीगर फिल्म का फेमस डायलॉग तो सुना ही होगा हार कर जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं अगर आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और आपको असफलता बार-बार मिल रही है तो यहाँ अपनी मनोदशा को कमजोर ना करें बल्कि अपनी कमी को पहचाने अपनी छुपी हुई गलती को ढूंढे की आखिर मुझसे ऐसी क्या गलती हो रही है जिससे मुझे यह असफलता प्राप्त हो रही है फिर देखना दोस्तों आपको आपके भीतर छुपा हुआ अंतरात्मा आपको आपकी कमी बताएगी अपनी कमजोरी से अवगत कराएगी जब हम किसी सफल व्यक्ति को देखते हैं तो केवल उसकी सफलता को देखते हैं। इस सफलता को पाने की कोशिश में वह कितनी बार असफल हुआ है, यह कोई जानना नहीं चाहता। जबकि असफलता का सामना करे बिना शायद ही कोई सफल होता है।

हम इसे एक सच्ची कहानी के माध्यम से समझते हैं:- 
अमेरिका के रोनाल्ड रीगन फिल्मों में अभिनेता थे। पहली बार गवर्नर का चुनाव लड़े तो लोगों ने हंसी उड़ाई, लेकिन वे जीत गए। दो बार गवर्नर रहने के बाद जब उन्होंने राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने का फैसला किया तो पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया। चार साल बाद फिर उन्होंने कोशिश की, फिर भी कामयाबी नहीं मिली। चार साल बाद उन्होंने फिर कोशिश की और सफल हुए और भारी बहुमत से अमेरिका के राष्ट्रपति बने। हमारे यहाँ भी इस तरह के कई उदाहरण हैं जो कई असफलताओं के बाद सफल हुए। भारतीय फिल्मों के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने करियर की शुरुआत में लगातार नौ असफल फिल्में दीं, फिर वे सफल हुए।
ऐसे कई उदाहरण हैं। असफलता, सफलता के साथ-साथ चलती है। ऐसा ही एक उदाहरण अब्राहन लिंकन का भी है उन्होंने अपने पुरे जीवनकाल में 5 साल से ज्यादा पढाई नही की और जब वे बड़े हुए, तो वे राजनीती में शामिल हुए और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के 16 वे राष्ट्रपति बनने से पूर्व 12 बार असफल हुए जिन्होंने 7 बार राष्ट्रपति का चुनाव हारा और आखिरकार वे अमेरिका के राष्ट्रपति बने ऐसे ही आप इतनी जल्दी हार ना माने अपने अंदर की कमजोरी को निकाल दूर फेंके और जो भी आप गलती कर रहे हैं उस गलती को कम करते करते आगे बढ़े अपने पूरे मनोबल के साथ पढ़ाई करे। आप निचे दिए गए लिंक से भी समझ सकते हैं:- 

विश्व की सबसे गहरी झील "बैकाल झील" प्यूट्रिड (दुर्गन्धित) शैवाल, प्रदूषण की वजह से संकट की स्थिति में पहुंची


विशेषज्ञों के अनुसार, बैकाल झील वर्तमान समय में इतिहास के अब तक के सबसे बड़े संकट से गुजर रही है, क्योंकि सरकार ने इस झील की सबसे प्रमुख मछलियों के शिकार को अब प्रतिबंधित कर दिया है। यह मछलियां इस झील में सदियों से सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रही थीं लेकिन हाल के वर्षों में इन पर संकट के बादल छाए हैं। बैकाल झील दुनिया के बगैर जमे साफ पानी के पांचवें हिस्से को अपने में समाहित करके रखे हुए है। रूस के साइबेरिया में स्थित बैकाल झील "विकासवादी विज्ञान के लिए असाधारण मूल्य" रखने वाला एक प्राकृतिक आश्चर्य है जिसकी वजह से इसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल के रूप में चिन्हित किया है। उच्च जैव विविधता वाली बैकाल झील में 3,600 पौधे और पशु प्रजातियां शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश झील के लिए स्थानिक हैं। पिछले कई वर्षों में, यह झील जोकि एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में प्रसिद्द है, को हानिकारक घटनाओं की एक श्रृंखला ने पंगु बना दिया है, जिनमें से कुछ वैज्ञानिकों के लिए अभी तक एक रहस्य बनी हुयी हैं। इन घटनाओं में ओमुल मछली का गायब होना, प्यूट्रिड (दुर्गन्धित) शैवाल का तीव्र विकास और स्पंज (जलशोषक समुद्री पदार्थ) की स्थानिक प्रजातियों की मृत्यु कुछ प्रमुख घटनाएं हैं। अक्टूबर महीने के प्रारम्भ में, सरकार ने ओमुल मछली को पकड़ने पर कड़े प्रतिबन्ध लगा दिए। ओमुल, सल्मोन (salmon) परिवार की ही एक प्रजाति है जोकि सिर्फ बैकाल में पायी जाती है। 15 साल पहले की तुलना में अब ओमुल का बायोमास (जैव भार) आधे से अधिक कम हो गया है। पहले यह 25 मीट्रिक टन था जोकि अब सिर्फ 10 टन रह गया है। बैकाल झील बैकाल झील दुनिया की सब से प्राचीन और गहरी रिफ्ट झील है। हालाँकि कैस्पियन सागर विश्व की सबसे ज्यादा पानी वाली झील है, बैकाल का स्थान दूसरे नंबर पर आता है। क्योंकि कैस्पियन का पानी खारा है, इसलिए बैकाल दुनिया की सब से बड़ी मीठे पानी की झील है। अगर बर्फ़ में जमे हुए पानी और जमीन के अन्दर बंद हुए पानी को अलग छोड़ दिया जाए, तो दुनिया की सतह पर मौजूद 20% मीठा पानी इसी एक झील में समाया हुआ है। बयकाल झील रूस के साइबेरिया क्षेत्र के दक्षिण भाग में, रूस के दो राज्यों (इरकुत्स्क ओब्लास्त और बुर्यात गणतंत्र) की सीमा पर स्थित है।